कोविड मरी़जों के लिए खुलेंगे रामराजा हॉस्पिटल के दरवाजे

कोविड मरी़जों के लिए खुलेंगे रामराजा हॉस्पिटल के दरवाजे

0 मध्य प्रदेश सरकार ने किया टेकअप 0 झाँसी प्रशासन उपलब्ध कराएगा मेडिकल स्टाफ 0 माइक्रो व पथॉलजि

JagranFri, 23 Apr 2021 01:00 AM (IST)

0 मध्य प्रदेश सरकार ने किया टेकअप

0 झाँसी प्रशासन उपलब्ध कराएगा मेडिकल स्टाफ

0 माइक्रो व पथॉलजि लैब भी झाँसी से कराई जाएगी उपलब्ध

0 अस्पताल के 300 में से 100 बेड की सुविधा झाँसी के मरी़जों को मिल सकेगी

झाँसी : लगभग 2 साल पहले बन्द हो चुके रामराजा हॉस्पिटल के दरवा़जे अब कोरोना मरी़जों के लिए खुलने जा रहे हैं। मध्य प्रदेश सरकार ने इस अस्पताल को अपने अधीन कर लिया है। झाँसी प्रशासन द्वारा अस्पताल को मेडिकल स्टाफ व लैब उपलब्ध कराएगा और इसके बदले में अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं के 33 प्रतिशत हिस्से पर झाँसी की दावेदारी होगी।

बताते चलें कि झाँसी के प्रतिष्ठित चिकित्सक डॉ. पीके जैन ने कुछ सहयोगियों की मदद से निवाड़ी (मध्य प्रदेश) के ओरछा तिगैला पर रामराजा हॉस्पिटल की स्थापना वर्ष 2017 में की थी। सभी सुविधायुक्त यह अस्पताल लम्बे समय तक बुन्देलखण्ड को सेवाएं नहीं दे पाया और लगभग 2 साल पहले अस्पताल में ताले लटक गए। कोरोना महामारी के कारण उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश जीवन से कड़ा संघर्ष कर रहा है, जबकि तमाम संसाधन उपलब्ध होने के बावजूद रामराजा हॉस्पिटल का कोई उपयोग नहीं हो पा रहा था। पिछले दिनों मीडिया पर इस अस्पताल का उपयोग कोविड अस्पताल के रूप में करने की माँग उठी थी, जिस पर मध्य प्रदेश के गृहमन्त्री नरोत्तम मिश्रा (दतिया विधायक) ने भी सहमति जताई थी। ़िजलाधिकारी आन्द्रा वामसी ने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार ने इस अस्पताल का टेकअप कर लिया है। ट्रायल शुरू कर दी गई है। गुरुवार को मध्य प्रदेश की एक्सपर्ट टीम ने अस्पताल का निरीक्षण कर उपकरणों की जाँच की। इसके लिए झाँसी से 10 जम्बो ऑक्सिजन सिलिण्डर अस्पताल भेजे गए, ताकि ऑक्सिजन प्लाण्ट की जाँच की जा सके। डीएम ने बताया कि रामराजा हॉस्पिटल को मेडिकल स्टाफ, माइक्रो लैब व पथॉलजि की सुविधा झाँसी से उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में 300 सर्व सुविधायुक्त बेड हैं, जिसमें से 200 बेड मध्य प्रदेश के हिस्से में आएंगे, जबकि 100 बेड पर झाँसी के मरीजों को भर्ती किया जा सकेगा। एक सप्ताह में यह अस्पताल कोविड मरीजों को सेवाएं देने लगेगा।

रामराजा हॉस्पिटल में ऑक्सिजन का पूरा प्रबन्ध

़िजलाधिकारी आन्द्रा वामसी ने बताया कि रामराजा हॉस्पिटल में हवा से ऑक्सिजन बनाने का प्लाण्ट स्थापित है। अस्पताल में 300 बेड की व्यवस्था है और प्रत्येक बेड तक पाइप लाइन से ऑक्सिजन पहुँचाने का इन्तजाम भी है। इसके अलावा पर्याप्त वेण्टिलेटर व आवश्यक उपकरण भी उपलब्ध हैं।

फोटो : 22 बीकेएस 4

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बुन्देलखण्ड के लिए संजीवनी था रामराजा हॉस्पिटल

झाँसी : झाँसी-ओरछा मार्ग पर लगभग 4 साल पहले प्रारम्भ किया गया रामराजा सुपर स्पेशिऐलिटि हॉस्पिटल भले ही अब बन्द हो चुका है, लेकिन यह अस्पताल बुन्देलखण्ड के लिए संजीवनी से कम नहीं था। आधुनिक तकनीक व उपकरणों से लैस इस अस्पताल में देश के कई प्रतिष्ठित अस्पतालों जैसी सुविधाएं उपलब्ध थीं। किन्हीं कारणों से 2 साल पहले बन्द हो चुके इस अस्पताल की कमी अब लोगों को महसूस होने लगी है। कोरोना महामारी के संघर्ष में स्वास्थ्य सेवाओं की साँसें फूलने लगी हैं। ऐसे में यह अस्पताल चालू होता तो मरी़जों को काफी लाभ हो सकता था। अस्पताल में 65 आइसीयू बेड उपलब्ध हैं, जिन पर पाइप लाइन के जरिए ऑक्सिजन भी पहुँचाने की व्यवस्था है। 10 वेण्टिलेटर के साथ हृदयघात के इलाज की पूरी सुविधा भी है। एमआरआइ, सीटी स्कैन जैसी महत्वपूर्ण जाँच की सुविधा होने से मरी़जों को बाहर जाने की आवश्यकता भी नहीं पड़ती। ऑक्सिजन का प्लाण्ट भी अस्पताल में स्थापित है। मध्य प्रदेश सरकार अब इस अस्पताल को कोरोना महामारी से लड़ने के लिए उपयोग करने जा रही है, जिसका कुछ लाभ झाँसी को भी मिल सकेगा।

भेल में 60 बिस्तर का कोविड एल-1 अस्पताल शुरू

झाँसी : भेल प्रशासन ने ़िजला प्रशासन के आग्रह पर भेल कम्युनिटि परिसर में स्थित अस्पताल में 60 बिस्तर का एल-1 अस्पताल शुरू कर दिया है। इसमें कोविड-19 के सामान्य मरी़ज रखे जा रहे हैं। यह एक प्रकार से आइसोलेशन की व्यवस्था है। जब मरी़ज की गम्भीर स्थिति होती है, तो ऐम्बुलेंस से एल-2 या एल-3 अस्पताल भेज दिया जाता है। भेल अस्पताल में ऑक्सिजन की व्यवस्था नहीं है। भेल प्रबन्धन का कहना है कि औद्योगिक ऑक्सिजन की आपूर्ति 15 दिन से बन्द होने से उनके पास ऑक्सिजन नहीं है।

फाइल : राजेश शर्मा

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