एक नर्स के सहारे चल रहा एल-2 हॉस्पिटल

एक नर्स के सहारे चल रहा एल-2 हॉस्पिटल

फोटो : ़िजला चिकित्सालय की ::: - 50 बेड के एल-2 चिकित्सालय में पर्याप्त पैरा मेडिकल स्टाफ न होने

JagranThu, 22 Apr 2021 01:00 AM (IST)

फोटो : ़िजला चिकित्सालय की

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- 50 बेड के एल-2 चिकित्सालय में पर्याप्त पैरा मेडिकल स्टाफ न होने से स्थिति गड़बड़ाई

झाँसी : कोरोना के बढ़ती मरी़जों की संख्या को देखते हुए ़िजला प्रशासन द्वारा आनन-फानन में कई निजी चिकित्सालयों के साथ ही सरकारी चिकित्सालय को एल-1 व एल-2 हॉस्पिटल में तब्दील कराने का कार्य ते़जी से कराया जा रहा है। ऐसा इसलिए ताकि इन हॉस्पिटल में कोरोना संक्रमित मरी़जों को भर्ती कर समय से उपचार दिया जा सके, लेकिन अधिकांश चिकित्सालयों में आधी-अधूरी तैयारी के साथ कोविड उपचार प्रारम्भ कर दिया गया है। इससे स्थिति डगमगाने लगी है।

़िजला पुरुष चिकित्सालय की सामान्य ओपीडी के संचालन पर रोक लगाकर इसे एल-2 कोविड अस्पताल के रूप में परिवर्तित कर दिया गया है। यहाँ कोविड मरी़जों के लिए 50 बेड आरक्षित किए गए हैं। 2 दिन से इस 50 बेड क्षमता वाले हॉस्पिटल में कोविड संक्रमित मरी़जों को उपचार पर रखा जाने लगा है। बुधवार को कोविड हॉस्पिटल में भर्ती मरी़जों के साथ ही स्वास्थ्य कर्मियों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ा। दरअसल यहाँ 50 मरी़जों की देखरेख का जिम्मा एक नर्स के कन्धों पर है। ऐसे में अव्यवस्था फैलना स्वाभाविक है। वर्तमान में चिकित्सालय में कोविड के 40 मरी़ज उपचार पर रखे गए हैं। सभी का डेटा दर्ज करने और उन्हें दवाई देने की जिम्मेदारी यहाँ तैनात एक नर्स के कन्धों पर है। इनमें कई ऐसे भी मरी़ज हैं ऑक्सिजन के सहारे कोरोना से जंग लड़ रहे हैं। ऐसे में एक समय में मरी़जों को दवा देने और उनका डेटा तैयार करने में वॉर्ड में तैनात स्टाफ नर्स को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। ़िजला चिकित्सालय में तैनात अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की ड्यूटि दूसरे कोविड चिकित्सालयों में लगा देने के कारण यहाँ की स्थिति चरमराने लगी है।

कोविड अस्पताल में मौत के बाद शव को लेकर गायब हुए परिजन

0 वॉर्ड प्रभारी ने पुलिस को दी सूचना, तलाश जारी

झाँसी : इसे कोरोना संक्रमण काल में लोगों की घोर लापरवाही ही कहेंगे कि वे अपने साथ-साथ दूसरों की भी जाऩकातरे में डालने से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसा ही ऩजारा आज ़िजला चिकित्सालय के एल-2 हॉस्पिटल में देखने को मिला, जब एक कोरोना संक्रमित महिला की मौत हो जाने के बाद उसका शव अचानक गायब हो गया। कुछ देर के लिए चिकित्सालय में अफरा-तफरी मच गई। इसकी सूचना जैसे ही चिकित्सा अधिकारियों को मिली तो वे मौके पर पहुँचे और स्थिति की जानकारी जुटाने लगे। कोविड वॉर्ड में उपचार करा रहे अन्य मरी़जों के परिजनों ने उन्हें बताया कि शव को लेकर उनके परिजन चले गए। आनन-फानन में चिकित्साधिकारियों ने मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने सूचना के आधार पर परिजनों की खोज शुरू कर दी है।

बुधवार को ़िजला चिकित्सालय के एल-2 हॉस्पिटल में कोरोना का उपचार करा रही बबीना की लगभग 29 वर्षीय महिला की मौत हो गई। चूँकि यहाँ पर्याप्त सुरक्षा कर्मी व मेडिकल स्टाफ की तैनाती नहीं है, इस कारण परिजनों ने इसका फायदा उठाते हुए शव को ही गायब कर दिया। ड्यूटि पर तैनात कर्मचारी जब वॉर्ड में पहुँचे तो पलंग खाली देख वह कुछ देर के लिए वह हैरान रह गए। कर्मचारियों ने दौड-भाग कर शव व उनके परिजनों को खोजने का प्रयास किया, लेकिन सफलता हाथ न लगी। वॉर्ड के बाहर बैठे अन्य मरी़जों के तीमारदारों ने बताया कि परिजन शव को लेकर चले गए। वॉर्ड में तैनात स्टाफ नर्स का कहना था कि मरी़ज की मौत होने के बाद जब इसकी सूचना देने वह नोडल प्रभारी के पास गई तो परिजन शव लेकर चले गए। चिकित्साधिकारियों ने मामले की जानकारी पुलिस को दी है। इस मामले में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी का कहना है कि मृतका के परिजनों ने कोविड गाइडलाइन का उल्लंघन किया है। मामले से प्रशासन को अवगत करा दिया गया है।

कोविड उपचार के लिए शासन ने निर्धारित की दर

झाँसी : कोरोना के बढ़ते प्रसार से सब जगह अफरा-तफरी का माहौल है। जहाँ एक ओर कोविड के मरी़जों में लगातार वृद्धि हो रही है, वहीं उपचार को लेकर कुछ स्थानों पर मनमानी वसूली शुरू हो गयी है। आमजन को इससे बचाने के लिए सरकार द्वारा कोविड उपचार सम्बन्धी दर निर्धारित की गयी हैं। इसी के साथ निजी संस्थानों में होने वाली कोविड जाँच की भी दर निर्धारित कर दी गई है। यदि कोई चिकित्सालय इन दरों का पालन नहीं करता है तो इसकी शिकायत ़िजला प्रशासन से की जा सकती है।

जाँच के लिए निर्धारित दर

0 निजी अस्पतालों द्वारा निजी प्रयोगशालाओं में सैम्पल भेजने या किसी व्यक्ति द्वारा प्रयोगशाला में जाँच कराने की दर 700 रुपये।

0 निजी प्रयोगशालाओं द्वारा खुद से एकत्र किए गए सैम्पल की दर 900 रुपये।

0 राज्य सरकार के प्राधिकारी द्वारा निजी प्रयोगशालाओं को सैम्पल भेजने की दर 500 रुपये।

निजी अस्पतालों में इलाज की दर

एनएबीएच (नैशनल अक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स) द्वारा मान्यता प्राप्त अस्पताल आइसोलेशन बेड, ऑक्सिजन बेड, वेण्टिलेटर बेड, आइसीयू के लिए 8,000 रुपये, 12,000 रुपये व 14,400 रुपये ले सकते हैं। इसमें पीपीई किट के 2000 रुपये सम्मिलित रहेंगे। एनएबीएच गैर मान्यता प्राप्त 6,400 रुपये, 10,400 रुपये एवं 12,000 रुपये ले सकते हैं। इसमें पीपीई किट के क्रमश: 1200 व 2000-2000 रुपये सम्मिलित रहेंगे। ़िजलाधिकारी ने कहा कि यदि कोई निजी अस्पताल कन्सल्टेन्सी फीस के अतिरिक्त नर्सिग केयर, मॉनिटरिंग, वि़िजट के नाम पर अतिरिक्त शुल्क लेगा, उसके विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी।

नरेन्द्र प्रताप सिंह

समय 8.20

दिनांक 21 अप्रैल 2021

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