अलग-अलग थ्योरी में फँसी आशिक की मौत

अलग-अलग थ्योरी में फँसी आशिक की मौत
Publish Date:Fri, 25 Sep 2020 12:59 AM (IST) Author: Jagran

फोटो 24 एसएस 2

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कैप्शन

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मृतक आशिक उर्फ गुड्डन की फाइल फोटो।

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0 लिफ्ट में गिरकर हुई युवक की मौत का मामला

0 नगर निगम ने हादसे की जाँच के लिए कमिटि गठित की

0 सीसीटीवी फुटेज में 2 युवक भागकर अन्दर आते दिखे

झाँसी : नगर निगम बिल्डिंग की लिफ्ट में देर रात हुई युवक की दर्दनाक मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना को लेकर अलग-अलग थ्योरी सामने आयी है। हालाँकि हादसे के बाद पुलिस और नगर निगम प्रशासन ने हादसे की जाँच के लिए टीम गठित कर दी है, जबकि पुलिस ने भी मामले की छानबीन ते़ज कर दी है।

बुधवार की रात नगर निगम की लिफ्ट में गिरकर लगभग 35 वर्षीय युवक की मौत हो गई थी। 24 सितम्बर के अंक में पेज 2 पर दैनिक जागरण ने इस समाचार को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। पुलिस ने युवक के शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया था। युवक की शिनाख्त आशिक उर्फ गुड्डन पुत्र सामिद हुसैन निवासी जीवनशाह थाना नवाबाद के रूप में की गई। गुरुवार की शाम पुलिस फोर्स की मौजूदगी में आशिक को जीवनशाह कब्रस्तिान में सुपुर्द-ए-ख़्ाक कर दिया गया। नगर निगम बिल्डिंग की लिफ्ट में हुई आशिक की मौत ने कई सवाल भी खड़े कर दिये हैं। मृतक के परिजन पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं तो पुलिस प्रशासन का कहना है कि वह इस बात से बिल्कुल अनजान थे कि नगर निगम बिल्डिंग के सबसे ऊपरी हिस्से में भी कोई युवक भागकर छिपा हो सकता है। पुलिस के अनुसार शिकायत पर दबिश दी गयी थी, जिस पर युवक डरकर भागा, लेकिन पकड़ में नहीं आ सका। पुलिस टीम ने आशिक के साथ रात में बैठे कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। उधर, नगर निगम ने भी जाँच टीम का गठन किया है। इस प्रकरण में सबसे बड़ा सवाल आधी रात को आशिक के बिल्डिंग में प्रवेश पर खड़ा हो गया है। दरअसल, नगर निगम बिल्डिंग में रात्रि में आधा दर्जन से अधिक गार्ड तैनात रहते हैं। ऐसे में युवक अन्दर कैसे चले गए, इस दिशा में जाँच की जा रही है। इस सम्बन्ध में नवाबाद थाना प्रभारी अजय कुमार सिंह का कहना है कि हादसे की सूचना मिलने के बाद वह तुरन्त ही घटना स्थल पर पहुँचे और शव को ऐम्बुलेंस की मदद से मेडिकल कॉलिज भेजा। उन्होंने बताया कि नगर निगम कार्यालय में तैनात सुरक्षाकर्मियों की सख्ती के बाद भी आखिर यह युवक बिल्डिंग के ऊपरी हिस्से में कैसे पहुँच गया, इसकी जाँच कराई जा रही है।

सीसीटीवी कैमरे के फुटेज खँगाले

रात में हुई घटना की ख़्ाबर नगर आयुक्त को सुबह दैनिक जागरण से हुई तो उन्होंने तत्काल प्रकरण की जानकारी ली। नगर आयुक्त अवनीश कुमार राय ने नगर निगम कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज देखकर हादसे की पड़ताल की। नगर आयुक्त ने बताया कि रिकॉर्डिग देखने के बाद यह पता चला कि 2 युवक नगर निगम कार्यालय में ते़जी से भागते हुए आए। आशिक बायीं ओर, जबकि एक अन्य युवक दाई ओर की ओर भागा। आशिक हादसे का शिकार हो गया, जबकि दूसरा युवक भागने में सफल हो गया। पुलिस ने भी नगर निगम से फुटेज लेकर जाँच शुरू कर दी है।

सुरक्षा एजेन्सी को थमाया नोटिस

नगर निगम द्वारा भवन की सुरक्षा का ़िजम्मा प्राइवेट एजेन्सी को दिया है। आधा दर्जन से अधिक सुरक्षा कर्मचारियों की तैनाती होने के बावजूद इतनी बड़ी घटना होने से सुरक्षा व्यवस्था कठघरे में खड़ी हो गई है। नगर आयुक्त ने भी इसे गम्भीरता से लेते हुए सुरक्षा एजेन्सी संचालक को नोटिस दिया है।

नगर निगम में बढ़ी सख्ती

0 मुख्य द्वार रात में बन्द रहेगा

0 परिसर में रहने वाले लोगों के लिए की जाएगी वैकल्पिक गेट की व्यवस्था

झाँसी : नगर निगम परिसर में हुए हादसे के बाद नगर निगम प्रशासन द्वारा कैम्पस में सख्ती बढ़ा दी गई है। नगर आयुक्त ने इस प्रकरण में जब सुरक्षा कर्मियों से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि कैम्पस में नगर निगम के कई कर्मचारी रहते हैं, इसलिए रात के समय उनका आना-जाना लगा रहता है। नगर आयुक्त ने बड़ा निर्णय लेते हुए नगर निगम के मुख्य द्वार को रात में सख्ती के साथ बन्द रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कैम्पस में रहने वाले कर्मचारियों के आवागमन के लिए निगम की ओर से एक वैकल्पिक गेट की व्यवस्था की जाए। इस गेट से ही वे नगर निगम परिसर में आ जा सकेंगे, जबकि रात को बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश पूरी तरह से वर्जित रहेगा।

बीच में बॉक्स

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यह उठे सवाल

0 नगर निगम में सुरक्षा के पुख्ता प्रबन्ध के बावजूद बाहरी व्यक्ति बिल्डिंग के अन्दर तक कैसे प्रवेश कर गया?

0 नगर निगम बिल्डिंग में यूनियन बैंक की शाखा भी है, इसके बावजूद सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक होना समझ से परे है।

0 नगर निगम के मुख्य द्वार पर भी गार्ड की तैनाती है, लेकिन फिर भी आधा दर्जन से अधिक युवा परिसर में कैसे पहुँचे?

0 नगर निगम बिल्डिंग के ऊपरी हिस्से में लिफ्ट का हिस्सा खुला छोड़ना बड़ी लापरवाही है।

फाइल : नरेन्द्र सिंह

समय : 7.20 बजे

24 सितम्बर 2020

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