विद्यार्थियों पर भारी पड़ रही अनुदेशकों की कोरोना ड्यूटी

विद्यार्थियों पर भारी पड़ रही अनुदेशकों की कोरोना ड्यूटी
Publish Date:Fri, 25 Sep 2020 12:18 AM (IST) Author: Jagran

- एक द़र्जन से अधिक अनुदेशक पैरामेडिकल कॉलिज में कर रहे ड्यूटी, रिलीव करने की माँग उठी

झाँसी : राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आइटीआइ) में लम्बे अरसे के बाद पढ़ाई शुरू तो हो गई है किन्तु संस्थान के एक द़र्जन से अधिक अनुदेशकों की ड्यूटि पैरामेडिकल कॉलिज में लगी होने से शिक्षण एवं प्रशिक्षण कार्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। अब इन अनुदेशकों को कोरोना की विशेष ड्यूटि से शीघ्र रिलीव करने की माँग उठने लगी है।

कोरोना काल में लॉकडाउन के कारण शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित कर दिया गया था। शासन के निर्देश पर 21 सितम्बर से आइटीआइ को पुन: विद्यार्थियों के लिए खोल दिया गया। राजकीय आइटीआइ में कक्षाओं के लिए आने वाले विद्यार्थियों संख्या बढ़ने लगी है लेकिन उन्हें अनुदेशकों की कमी अखर रही है। दरअसल, लॉकडाउन की घोषणा के बाद संस्थान के विभिन्न ट्रेड के एक द़र्जन से अधिक अनुदेशकों की ड्यूटि पैरामेडिकल कॉलिज में लगा दी गई। टर्नर, फिटर, इलेक्ट्रॉनिक, डीएमसी, बेल्डर, आइएम, डीएमएम, स्टेनो हिन्दी, मशीनिस्ट आदि ट्रेड के अनुदेशक अप्रैल 2020 से पैरामेडिकल कॉलिज में ड्यूटि कर रहे हैं। इधर, 21 सितम्बर से शासन ने आइटीआइ खोल कर परीक्षा तिथियों की घोषणा भी कर दी है। अनुदेशकों के अभाव में 250 से अधिक विद्यार्थियों को खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। विद्यार्थी संस्थान तो आ रहे हैं पर अनुदेशकों के अभाव में बिना प्रशिक्षण लिए ही घर लौटने को मजबूर हैं। परीक्षा ऩजदीक होने के कारण उनको अपने भविष्य को लेकर भय सता रहा है कि उनका प्रशिक्षण कैसे पूरा होगा? कोरोना महामारी के कारण पहले ही उनकी तैयारी काफी पिछड़ चुकी है। आइटीआइ में 30 अक्टूबर तक सभी प्रायोगिक कार्य पूर्ण कराने के निर्देश हैं। 2 नवम्बर से परीक्षाओं का आयोजन किया जाएगा। इससे पहले ही नए सत्र में प्रवेश की प्रक्रिया प्रारम्भ हो जाएगी। ऐसे में अनुदेशकों की कमी का प्रभाव विद्यार्थियों की पढ़ाई और संस्थान की गतिविधियों पर पड़ना तय है। संस्थान के विद्यार्थी एवं अन्य स्टाफ का कहना है कि पैरामेडिकल कॉलिज में ड्यूटि कर रहे अनुदेशकों को शीघ्र ही रिलीव कर दिया जाना चाहिए क्योंकि अब संस्थान में बहुत अधिक कार्य है। सूत्रों का कहना है कि संस्थान के प्रधानाचार्य ने भी अनुदेशकों को कार्यमुक्त करने के लिए पत्र लिखा है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.