जीतने के बाद 80 प्रतिशत ने नहीं दी व्यय की जानकारी

जीतने के बाद 80 प्रतिशत ने नहीं दी व्यय की जानकारी
Publish Date:Sun, 20 Sep 2020 01:00 AM (IST) Author: Jagran

0 गाइडलाइन का इन्त़जार, संशय में प्रत्याशियों का भविष्य

झाँसी : वर्ष 2015 में पंचायत चुनाव में प्रत्याशियों ने वोट बटोरने के चक्कर में सभी ने जमकर धन लुटाया। जीतने के बाद उनसे व्यय का ब्यौरा माँगा गया था पर आलम यह है कि 80 प्रतिशत ने जीतने के बाद कोई लेखा-जोखा प्रस्तुत नहीं किया। बावजूद, वह लोग दोबारा से चुनाव लड़ने की तैयारी में जुट गये हैं। ऐसे प्रत्याशियों का भविष्य गाइडलाइन तय करेगी। यदि निर्वाचन आयोग की तरफ से व्यय का ब्यौरा न देने पर कोई निर्णय लिया जाता है तो उनका चुनाव लड़ने का सपना टूट सकता है। हालाँकि इस सम्बन्ध में अभी कोई दिशा-निर्देश नहीं आए हैं।

पंचायत चुनाव के 5 साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद दोबारा चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। ग्राम पंचायतों में होने वाले चुनाव के लिये उम्मीदवार भी ़जमीनी तैयारी में जुट गये हैं। बता दें कि ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य व ़िजला पंचायत सदस्य के चुनाव कराये जाने हैं। चुनाव को पूरा कराने के लिये निर्वाचन विभाग की तरफ से तैयारियाँ ़जोरों पर की जा रही हैं। निर्वाचक नामावली तैयार करने को लेकर बीएलओ को किट भेजने की तैयारी पूरी कर ली गई है। शनिवार को मऊ और गरौठा तहसील के लिये किट भेज दी गई है। जबकि 21 सितम्बर को सदर और 22 सितम्बर को मोंठ व टहरौली के लिये किट भेजी जाएंगी।

कण्ट्रोल रूम तैयार

चुनाव की गतिविधियों पर ऩजर बनाए रखने के लिये जनपद स्तर पर कण्ट्रोल रूम बनाकर तैयार कर दिया गया है। इसका नम्बर 0510-2980849 है। कण्ट्रोल रूम में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक शिकायतों को सुना जाएगा।

4 कर्मचारियों का बोझ 1 सम्विदा कर्मी पर

चुनाव को सम्पन्न कराने के लिये निर्वाचन विभाग की भूमिका अहम होती है। चुनाव में वर्कलोड भी बढ़ जाता है, लेकिन जनपदीय कार्यालय में 4 कर्मचारियों का बोझ 1 सम्विदाकर्मी को अकेला उठाना पड़ रहा है। बता दें कि निर्वाचन कार्यालय में सहायक ़िजला निर्वाचन अधिकारी का 1 पद है। इस पद पर अधिकारी तैनात हैं, लेकिन वरिष्ठ सहायक और कनिष्ठ सहायक के 5 पद हैं। इनमें से वरिष्ठ सहायक के 2 पद स्वीकृत हैं। एक पद पर तैनाती है तथा कनिष्ठ के सभी पद रिक्त पड़े हुये हैं। ऐसे में जिम्मेदारी सम्विदा कर्मी आशीष पर है। उसका फरवरी में कार्यकाल पूरा हो गया था पर आज भी वह सेवा दे रहा है, वह भी नि:शुल्क।

फोटो : 19 जेएचएस 35

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कैप्शन

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झाँसी : कुलाध्यक्ष सम्मेलन में शामिल राष्ट्रपति, केन्द्रीय शिक्षा मन्त्री, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अध्यक्ष, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष के साथ ही केन्द्रीय विश्वविद्यालयों के कुलपति।

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नई शिक्षा नीति में प्राचीन मान्यताओं को शामिल करने पर बल

- डॉ. अरविन्द कुमार कुलाध्यक्ष सम्मेलन में शामिल हुए

झाँसी : राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का कार्यान्वयन उच्च शिक्षा विषय पर आयोजित कुलाध्यक्ष सम्मेलन में देश के विभिन्न केन्द्रीय विश्वविद्यालयों के कुलपति के साथ ही रानी लक्ष्मीबाई केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अरविन्द कुमार ने भी भाग लिया। इस वर्चुअल बैठक में केन्द्रीय शिक्षा मन्त्री रमेश पोखरीयाल निशक तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अध्यक्ष के. कस्तूरी रंजन, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष डॉ. डीपी सिंह सहित केन्द्रीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों एवं केन्द्रीय शिक्षण संस्थानों के निदेशकों ने भी प्रस्तुति दी।

वर्चुअल बैठक को सम्बोधित करते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने उच्च गुणवत्ता युक्त शिक्षा तथा इसके मानक स्थापित करने एवं पाठ्यक्रम में नवाचार, कौशल विकास, ई-लर्निग व बहुविषयों के समावेश पर विशेष बल दिया। केन्द्रीय शिक्षा मन्त्री ने इस नीति पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए इसके कार्यन्वयन में हुई प्रगति पर चर्चा की। इस सम्मेलन में पाँच सत्रों में हर विषय हेतु 7 सदस्यों की टीम बनाई गयी थी तथा प्रत्येक टीम ने प्रस्तुति तैयार कर विचार व्यक्त किये। इसमें बहुविषयी एवं समग्र शिक्षा य उच्च शिक्षा में शोध नवाचार एवं डिजिटल परिवर्तन, न्यायसम्य, समावेशी, अग्रणीय व उत्कृष्टता हेतु क्षमता निर्माण, भारतीय ज्ञान प्रणाली, भाषा, संस्कृति तथा मूल्यों य अन्तर्राष्ट्रीय एवं वैश्रि्वक श्रेणी सहित 5 विषयों पर चर्चा हुई। डॉ. अरविन्द कुमार ने चतुर्थ सत्र में भारतीय ज्ञान संस्कृति एवं मूल्यों पर आधारित शिक्षा पर अपने सुझाव दिये। इस सत्र में बताया गया कि भारतीय संस्कृति, विविध भाषाओं में उपलब्ध ज्ञान, व्यवहार व प्राचीन मान्यताओं को भी नवीन शिक्षा में समावेश करने पर बल दिया गया।

फोटो : 19 जेएचएस 34

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झाँसी : निजी कार्यक्रम में शामिल होने आई प्रदेश की महिला कल्याण एवं बाल विकास राज्यमन्त्री स्वाति सिंह से भेंट करते महानगर के लोग।

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झाँसी आई बाल विकास राज्यमन्त्री

झाँसी : निजी कार्यक्रम के तहत प्रदेश की महिला कल्याण एवं बाल विकास राज्यमन्त्री (स्वतन्त्र प्रभार) स्वाति सिंह देर रात झाँसी आई। सर्किट हाउस में सुबह उन्होंने ़िजलाधिकारी आन्द्रा वामसी, ़िजला कार्यक्रम अधिकारी नरेन्द्र कुमार आदि से योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की। इसके बाद वह परिवार सहित रामराजा मन्दिर दर्शन करने के लिए ओरछा चली गई। पत्रकारों से वार्ता करने से उन्होंने स्पष्ट इन्कार कर दिया। हालाँकि इस दौरान उन्होंने महानगर के चुनिन्दा लोगों से मुलाकात की।

अनैतिक कटौतियों के विरोध में की द्वार सभा

झाँसी : बीएचईएल में हैवी इलेक्ट्रिकल्स श्रमिक ट्रेड यूनियन की तरफ से अनैतिक कटौतियों का विरोध करते हुये द्वार सभा का आयोजन कर विरोध किया। यूनियन अध्यक्ष अनार सिंह ने कहा कि कोविड-19 की आड़ में कर्मचारियों को मिलने वाली सुविधाओं में की जा रही अनैतिक कटौतियों से कर्मचारियों में रोष है। उन्होंने इसे रोके जाने की माँग की गई। इस मौके पर अवधेश कुमार गुप्ता, जीपी सिंह, सीपी शर्मा, आरके शर्मा, सत्येन्द्र यादव सहित अन्य मौजूद रहे। आशीष झा ने संचालन व मुकेश खरे ने आभार व्यक्त किया।

6 साल बाद बढ़ा विकास शुल्क

झाँसी : झाँसी विकास प्राधिकरण (जेडीए) की तरफ से विकास शुल्क में बढ़ोत्तरी की गई है। 6 साल बाद की गई बढ़ोत्तरी से मकान बनाना महँगा होगा। बता दें कि वर्ष 2014 में जहाँ विकास शुल्क 700 रुपये प्रति वर्गफुट था, अब वह बढ़कर 822 रुपये प्रति वर्गफुट हो गया। यह जानकारी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष सर्वेश कुमार ने दी।

फाइल : पंकज कश्यप

दिनाँक : 19 सितम्बर 2020

समय : 10:30 बजे

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