ग्वालियर रोड रेलवे क्रॉसिंग पर बनेगा ओवरब्रिज

0 शासन भेजा गया 108 करोड़ का प्रस्ताव 0 राज्य सरकार व रेलवे द्वारा दी जाएगी धनराशि 0 मण्डलायुक्त

JagranPublish:Thu, 20 Aug 2020 01:00 AM (IST) Updated:Thu, 20 Aug 2020 01:00 AM (IST)
ग्वालियर रोड रेलवे क्रॉसिंग पर बनेगा ओवरब्रिज
ग्वालियर रोड रेलवे क्रॉसिंग पर बनेगा ओवरब्रिज

0 शासन भेजा गया 108 करोड़ का प्रस्ताव

0 राज्य सरकार व रेलवे द्वारा दी जाएगी धनराशि

0 मण्डलायुक्त ने स्थलीय निरीक्षण कर विस्तृत प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए

झाँसी : ग्वालियर रोड पर यातायात में बाधा बनी कानपुर रेलवे क्रॉसिंग की मुश्किलें समाप्त होने की सम्भावना बन गई है। इस रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज का निर्माण करने की तैयारी है। 108 करोड़ का प्रोजेक्ट शासन को भेजा गया है। यह धनराशि रेलवे व राज्य सरकार द्वारा दी जाएगी। राज्य सरकार का बोझ कम करने के लिए लगभग 20 करोड़ रुपए स्मार्ट सिटि, नगर निगम व जेडीए द्वारा देने का निर्णय भी लिया गया है।

झाँसी से ग्वालियर की ओर जाने वाले मार्ग पर यातायात का काफी दबाव रहता है। इस मार्ग पर कानपुर रेलवे लाइन निकली है, जिसकी रेलवे क्रॉसिंग यातायात में बाधक बनती है। दिनभर ट्रेन का आवागमन होने के कारण काफी देर के लिए क्रॉसिंग को बन्द कर दिया जाता है, जिससे दोनों ओर वाहनों की लम्बी कतार लग जाती है। इस समस्या को दूर करने के लिए लम्बे समय से क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज बनाने की माँग की जा रही थी। इस सम्बन्ध में मण्डलायुक्त सुभाष चन्द्र शर्मा की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई, जिसमें सांसद अनुराग शर्मा ने इस सड़क पर रेलवे क्रॉसिंग से होने वाली असुविधा के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलि़ज, आइटीआइ, केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, भारतीय चरागाह एवं चारा अनुसन्धान संस्थान के अलावा दतिया पीताम्बरा मन्दिर, सोनागिर तथा बालाजी मन्दिर जाने के लिए लोगों को रेलवे क्रॉसिंग पार करनी पड़ती है। अक्सर क्रॉसिंग बन्द होने से लोगों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता है। औद्योगिक क्षेत्र भी इसी मार्ग पर है। उन्होंने रेलवे क्रॉसिंग पर जल्द ओवरब्रिज बनाने की बात कही। डीईएन रेलवे सुधीर कुमार ने बताया कि यहाँ फोर लेन रेल उपरिगामी (ओवर ब्रिज) सेतु अनुमन्य है। लागत का 50 प्रतिशत धनराशि रेलवे देने को तैयार है। राज्य सरकार की स्वीकृति मिलते ही रेलवे बोर्ड को प्रस्ताव भेज दिया जाएगा। मुख्य अभियन्ता पीडब्लूडी संजय कुमार ने बताया कि 108.65 करोड़ का प्रस्ताव बनाया गया था, जो सेतु निगम मुख्यालय भेजा गया है, लेकिन कोविड-19 के कारण स्वीकृति में विलम्ब हो रहा है। महाप्रबन्धक राज्य सेतु निगम कानपुर राकेश सिंह ने बताया कि प्रोजेक्ट में 4 करोड़ रुपए यूटिलिटि शिफ्टिंग में ख़्ार्च किए जाने हैं, जिसमें रेलवे द्वारा सहभागिता नहीं की जाएगी। इसलिए 104.65 करोड़ में से 52 करोड़ रुपए रेलवे तथा 56 करोड़ रुपए राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाएंगे। बैठक में राज्य सरकार द्वारा दिए जाने वाले 56 करोड़ में से 10 करोड़ स्मार्ट सिटि, 5 करोड़ झाँसी विकास प्राधिकरण व 5 करोड़ नगर निगम द्वारा देने का निर्णय लिया है। मण्डलायुक्त ने कहा कि अगर भविष्य में परियोजना की लागत में वृद्धि होती है तो धनराशि पीडब्लूडी द्वारा ख़्ार्च की जाएगी। उन्होंने सम्बन्धित विभागों को संयुक्त रूप से स्थलीय निरीक्षण कर नए सिरे से प्राक्कलन बनाने के निर्देश दिए। पीडब्लूडी को नोडल बनाया गया है। बैठक में नगर आयुक्त अवनीश राय, उपाध्यक्ष जेडीए सर्वेश कुमार, मुख्य अभियन्ता नगर निगम एलएन सिंह, महाप्रबन्धक जल संस्थान मंजू रानी गुप्ता, नोडल ऑफिसर अमित कुमार शर्मा, उप परियोजना प्रबन्धक सेतु निर्माण राम किशोर सिंह आदि उपस्थित रहे।

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दिनभर में 80 बार बन्द होती है रेलवे क्रॉसिंग

सांसद अनुराग शर्मा ने बताया कि ग्वालियर रोड पर कानपुर रेलवे लाइन का विस्तार किया जा रहा है। रेलवे ट्रैक का दोहरीकरण किया जा रहा है, जिससे ट्रेन की संख्या बढ़ेगी, जबकि अभी एक दिन में 80 बार रेलवे क्रॉसिंग बन्द होती है।

फाइल : राजेश शर्मा

19 अगस्त 2020

समय : 7 बजे