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दाँव-पेंच में फँसा मोंठ का चौपड़ा तालाब

दाँव-पेंच में फँसा मोंठ का चौपड़ा तालाब
Publish Date:Thu, 13 Aug 2020 07:51 PM (IST) Author: Jagran

- आरईएस ने लौटाए विधायक निधि के 25 लाख रुपए

- 61 लाख का बनाया था प्रोजेक्ट, नहीं खोला गया टेण्डर

झाँसी : सियासत का अखाड़ा बन चुका मोंठ का चौपड़ा तालाब सियासत के साथ अब ़कानूनी दाँव-पेंच में उलझ गया है। आरईएस ने टेण्डर निरस्त कर विधायक निधि के 25 लाख रुपए वापस कर दिए हैं तो तालाब बचाओ समिति द्वारा कराया जा रहा काम भी रोक दिया गया है। यह काम न्यायालय से स्टे मिलने के कारण रोकने की चर्चा है, जबकि विधायक खुदाई कार्य लगभग पूर्ण होने का दावा कर रहे हैं।

मोंठ के ऐतिहासिक चौपड़ा तालाब के जीर्णोद्धार पर लगा ग्रहण हटने का नाम नहीं ले रहा है। गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत की तमाम कोशिशें भी तालाब की सूरत बदलने में नाकाम हो गई हैं। तालाब के लिए सालों से संघर्ष कर रहे गरौठा विधायक ने जून माह में एनजीओ के माध्यम से तालाब की खुदाई शुरू कराई तो पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव ने सवालों की झड़ी लगा दी। उधर, नगर पंचायत ने भी सरकारी भूमि पर बिना अनुमति के तालाब खुदाई कराने पर आपत्ति जताई, जिसके बाद तालाब की खुदाई पर रोक लगा दी गई। विवादों से बचने के लिए विधायक ने निधि से 25 लाख रुपए की धनराशि आरईएस को देते हुए टेण्डर कराने को कहा। आरईएस ने टेण्डर प्रक्रिया शुरू की, जिसके पूरा होने से पहले ही विधायक ने 13 जुलाई को फिर काम प्रारम्भ करा दिया, लेकिन अगले ही दिन विवाद गहराने से काम फिर रुक गया। मॉनसून से पहले तालाब की खुदाई कराने की विधायक द्वारा की गई कोशिशें असफल होती देख मोंठ के लोगों ने तालाब बचाओ समिति का गठन किया और तालाब की खुदाई प्रारम्भ करा दी। 2 जेसीबी लगाकर ते़जी से खुदाई कराई गई, ताकि बारिश में तालाब का लाभ मिल सके, लेकिन अचानक तालाब की खुदाई का काम रोक दिया गया। चर्चा है कि विपक्षी ने बोर्ड ऑफ रेवन्यू में मामला रखा, जहाँ से स्टे मिल गया, लेकिन गरौठा विधायक जवाहर राजपूत का दावा है कि 10 फीट गहराई होने के बाद तालाब की खुदाई बारिश के कारण रोकी गई। उधर, आरईएस ने विधायक निधि के 25 लाख रुपए लौटा दिए हैं। दरअसल, आरईएस ने तालाब जीर्णोद्धार के लिए 61 लाख रुपए का प्रोजेक्ट बनाकर टेण्डर प्रक्रिया की, जबकि विधायक निधि से 25 लाख रुपए मिले, इसलिए आरईएस ने टेण्डर निरस्त कर दिया।

आरईएस विभाग की मंशा पर भी सवाल

सांसद व विधायक निधि से होने वाले अधिकांश विकास कार्य ग्रामीण अभियन्त्रण सेवा (आरइएस) विभाग द्वारा कराए जाते हैं। विभाग के अधिकारियों को इसकी पुख्ता जानकारी होती है कि विधायक निधि से किसी कार्य के लिए अधिकतम 25 लाख रुपए की ही धनराशि दी जा सकती है। ऐसे में आरईएस अधिकारियों की मंशा यदि तालाब सुन्दरीकरण कराने की होती तो कुछ कार्य कम करते हुए 25 लाख तक का ही प्रोजेक्ट बनाते, ताकि निर्विवाद रूप से टेण्डर हो जाता।

फोटो हाफ कॉलम

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इन्होंने कहा

'मोंठ के चौपड़ा तालाब का जीर्णोद्धार कराने के लिए 61 लाख रुपए का प्रोजेक्ट बनाया गया था। विधायक निधि से 25 लाख रुपए की धनराशि स्वीकृत हुई। विभाग के पास अपना कोई बजट नहीं होता है और प्रोजेक्ट को भी दो पार्ट में नहीं किया जा सकता है, इसलिए टेण्डर प्रक्रिया निरस्त कर दी गई है।'

0 राजीव राम

अधिशासी अभियन्ता, आरईएस

फाइल : राजेश शर्मा

13 अगस्त 2020

समय : 6.50 बजे

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