शादी के कार्ड से पर्यावरण संरक्षण का संदेश

शादी के कार्ड से पर्यावरण संरक्षण का संदेश

आनंद कुमार सिंह खेतासराय (जौनपुर) जहां धरती के आभूषण कहे जाने वाले हरे पेड़ों की क

Publish Date:Fri, 27 Nov 2020 06:58 PM (IST) Author: Jagran

आनंद कुमार सिंह

खेतासराय (जौनपुर) : जहां धरती के आभूषण कहे जाने वाले हरे पेड़ों की कटान लोग धड़ल्ले से कर रहे हैं, वहीं कुछ ऐसे भी लोग हैं जो अपना सब कुछ इनको बचाने को समर्पित कर चुके हैं। इनका सबकुछ यही पेड़-पौधे हैं। ऐसे ही हैं पर्यावरण संरक्षण को अपना जीवन समर्पित कर चुके पर्यावरण प्रहरी के नाम से मशहूर सिकंदर बिद। यह अब अपनी शादी के कार्ड के माध्यम से भी लोगों को प्रकृति के संरक्षण का संदेश दे रहे हैं। कार्ड में इन्होंने जल, जंगल व जमीन को संरक्षित करने का संदेश दिया है। यह वैवाहिक निमंत्रण कार्ड क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। सबसे बड़ी बात यह कि इन्होंने शादी के दिन 50 पौधों का रोपण कर दूल्हा बनने का संकल्प लिया है।

अब्बोपुर निवासी सिकंदर बिद पुत्र राधेश्याम बिद को किशोरावस्था से ही पौधे लगाने, पर्यावरण बचाओ, पानी बर्बाद न करने व स्वच्छता जैसे शौक का जुनून सवार हुआ। इसके प्रति लोगों को जागरूक कर स्वयं भी एक सजग प्रहरी बन गए। एक तरह से अपना सारा जीवन समर्पित कर चुके सिकंदर की क्षेत्र में चर्चा हो रही है। इस तरह का है कार्ड

शादी के कार्ड में एक तरफ मांगलिक कार्यक्रम तो दूसरी तरफ पर्यावरण बचाने, स्वच्छता बनाए रखने, कोरोना से बचाव, जल का संरक्षण करने, स्वच्छ भारत मिशन के लिए लोगों को जागरूक करने का लक्ष्य रखा है तो वहीं यह भी लिखा है कि शहर बसाकर सुकून के लिए गांव ढूढ़ते हैं, बड़े अजीब हैं लोग यहां के हाथ में कुल्हाड़ी लिए छांव ढूंढते हैं। कैसे आया मन में विचार

सिकंदर कहते हैं कि दिन-प्रतिदिन बढ़ते प्रदूषण को देखकर मन में विचार आया कि इसे केवल पौधारोपण और जागरूकता से ही समाप्त किया जा सकता है। यह कार्य वर्ष 2010 से लगातार कर रहे हैं।

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