धर्मापुर में कुश्ती को होने से ग्रामीणों ने रोका

जागरण संवाददाता, गौराबादशाहपुर (जौनपुर) : जिला मुख्यालय से करीब सात किमी पूर्व दक्षिण धर्मापुर के पोखरे के पास प्रत्येक वर्ष तीज के दिन होने वाले कुश्ती को लेकर बुधवार को पुन: दो पक्ष आमने-सामने हो गए। बुधवार को आस-पास बसे ग्रामीण अखाड़े पर सुबह दस बजे आकर विरोध करते हुए कुश्ती के कार्यक्रम को रोक दिए। इनका कहना था कि जमीन उनकी है, जबकि अखाड़ा कमेटी के कई वर्षों से हर वर्ष तीज के दिन दंगल कराने की बात कह रही थी। इसे लेकर दोनों पक्षों में विवाद हो गया। थानाध्यक्ष गौराबादशाहपुर उदय प्रताप ¨सह ने उच्चाधिकारियों से वार्ता के पश्चात दो दिन बाद पैमाइश कराने का आश्वासन ग्रामीणों को शांत कराया। इसके बाद शाम करीब चार बजे से दंगल शुरू हो सका।

दंगल रोकने वाले पक्ष के बसंता सरोज, शारदा सरोज, हरि सरोज आदि ने का कहना था कि सरकारी अभिलेख में जहां दंगल की जमीन व सरकारी कार्य हेतु छूटी हूुई हो वहां यह प्रतियोगिता करानी चाहिए, जबकि दंगल जहां हो रहा है वह उनकी पुश्तैनी जमीन है। दूसरी तरफ इसी गांव के राजेश यादव, लालचंद यादव, जयहिन्द यादव, कमला यादव, अच्छे लाल निषाद, मेवालाल यादव, अच्छेलाल यादव आदि का कहना था कि कुश्ती दंगल इसी स्थान पर पिछले कई वर्षों से अनवरत आयोजित किया जा रहा है। प्रशासनिक लापरवाही उजागर

पांच जुलाई को जिलाधिकारी अर¨वद मलप्पा बंगारी को प्रार्थना पत्र देकर भूमि की पैमाइश कराने की मांग की जा चुकी है। डीएम ने एसडीएम सदर को पैमाइश कराने का आदेश दिया। जिन्होंने प्रकरण निस्तारण हेतु नौ जुलाई को कमेटी गठित किया। कमेटी में नायब तहसीलदार सदर, सहायक चकबंदी अधिकारी धर्मापुर, राजस्व निरीक्षक सरेमू व क्षेत्रीय लेखपाल और चकबंदी लेखपाल को रखा गया, लेकिन आज तक किसी अधिकारी व कर्मचारी ने मौके पर आकर मामले का निस्तारण नहीं किया।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.