पढ़ाई के लिए प्रबंधन तैयार, अभिभावक निर्णय से असहमत

पढ़ाई के लिए प्रबंधन तैयार, अभिभावक निर्णय से असहमत
Publish Date:Sat, 19 Sep 2020 11:53 PM (IST) Author: Jagran

जागरण संवाददाता, जौनपुर : वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के कारण विद्यालयों में छह माह से शिक्षण कार्य बंद है। ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने में जहां तमाम बाधाएं आ रही हैं वहीं छात्र कक्षाओं की तरह न तो समझ पा रहे हैं और न ही उनकी जिज्ञासा की पूर्ति हो पा रही है। महामारी से जल्द निजात के आसार भी अभी नहीं दिख रहे हैं। जिसे देखते हुए केंद्रीय विद्यालय संगठन ने 21 सितंबर से स्कूल खोलने की योजना बना रहा है। जनपद के प्रबंधकों ने संगठन के इस निर्णय को छात्रहित में बताते हुए कहा है कि विद्यालय प्रबंधन जहां सतर्कता के साथ पढ़ाने के लिए तैयार है, वहीं दूसरी तरफ अभिभावक बच्चों के भविष्य की बजाय उनकी सुरक्षा को आवश्यक बताते हुए इस निर्णय से असहमत हैं। कहते हैं कि बच्चा सुरक्षित रहेगा तभी कुछ कर सकेगा। बोले अभिभावक..

कोरोना का संक्रमण दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। इसकी न तो अभी तक कोई दवा बनी और न ही वैक्सीन। गंभीर मरीजों को बचाने में भी चिकित्सक अभी तक नाकाम हैं। ऐसे में विद्यालय खोलने का निर्णय उचित नहीं है। अगर किसी कारणवश एक भी बच्चा संक्रमित हो गया तो पूरा परिवार जद में आ जाएगा।

-कैलाश प्रसाद,पूरनपुर, केराकत।

कोरोना से बचाव को गाइड लाइन जारी की गई है। इसका अनुपालन खुद स्वास्थ्य विभाग भी नहीं कर रहा है। ऐसे में विद्यालय संचालक कैसे शारीरिक दूरी का पालन कराने में सफल होंगे। इतना ही नहीं अधिकांश स्कूल में संसाधन ही नहीं है कि वह दूर-दूर बैठाकर या दो पालियों में शिक्षण कार्य करा सकें। महामारी को देखते हुए यह निर्णय वापस लेना चाहिए।

-संजय पाल, केराकत। बोले प्रबंधक..

केंद्रीय संगठन का स्कूल व कालेज 21 सितंबर से खोलने का निर्णय स्वागत योग्य है। विद्यालय को विधिवत सैनिटाइज कर तैयार कर लिया गया है। क्लास रूम में कुर्सियां छह फीट की दूरी पर लगाई जाएंगी। मुख्य द्वार पर टनल मशीन लगाई गई है। इसी से सैनिटाइज होकर छात्रों को प्रवेश दिलाया जाएगा। थर्मल स्कैनर व सैनिटाइजर की व्यवस्था रहेगी। बच्चों को शारीरिक दूरी का पालन कराते हुए शिक्षण कार्य किया जाएगा। अभिभावकों से आह्वान है कि जिन छात्रों की तबीयत खराब हो उन्हें विद्यालय न भेजें।

-डा.अब्दुल कादिर खान, प्रबंधक, मोहम्मद हसन इंटर कालेज। कोरोना पूर्ण रूप से कब खत्म होगा इसका भी किसी को पता नहीं है। ऐसे में अब इस बीमारी के साथ जीना हम सबको सीखना ही पड़ेगा। कोरोना के कारण बच्चों का साल बर्बाद नहीं किया जा सकता, इसका असर भविष्य में उनके प्रतियोगी परीक्षाओं व नौकरी में पड़ सकता है। ऐसे में 21 सितंबर से कक्षा नौ से 12 तक के स्कूलों को खोलने का सुझाव स्वागत योग्य है। बोर्ड ने पहले ही बोर्ड परीक्षाओं के फार्म भरने की तारीखों का एलान कर दिया है, तो स्वाभाविक है परीक्षाएं भी होंगी ही। सभी विद्यालयों को अपने बच्चों की सुरक्षा की चिता है।

-सूर्य प्रकाश सिंह मुन्ना, प्रबंधक, मां दुर्गाजी सीनियर सेकेंड्री स्कूल।

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