सीबीआइ ने बक्शा थाने व जिला अस्पताल का खंगाला रिकार्ड

पुलिस हिरासत में कृष्ण कुमार यादव उर्फ पुजारी की मौत की जांच कर रही सीबीआइ टीम ने तीसरे दिन गुरुवार को बंद कमरे में पुजारी के स्वजनों से घंटों पूछताछ की। इसके बाद बक्शा थाने और जिला अस्पताल जाकर घटना से जुड़े रिकार्डों को खंगाला। थाने से घटना से संबंधित सभी कागजातों को टीम ने अपने कब्जे में ले लिया।

JagranThu, 23 Sep 2021 06:15 PM (IST)
सीबीआइ ने बक्शा थाने व जिला अस्पताल का खंगाला रिकार्ड

जागरण संवाददाता, सिकरारा (जौनपुर) : पुलिस हिरासत में कृष्ण कुमार यादव उर्फ पुजारी की मौत की जांच कर रही सीबीआइ टीम ने तीसरे दिन गुरुवार को बंद कमरे में पुजारी के स्वजनों से घंटों पूछताछ की। इसके बाद बक्शा थाने और जिला अस्पताल जाकर घटना से जुड़े रिकार्डों को खंगाला। थाने से घटना से संबंधित सभी कागजातों को टीम ने अपने कब्जे में ले लिया।

सुबह करीब 10.30 बजे सफेद रंग की बोलेरो से नागरिक वेश में सीबीआइ के दो अधिकारी व एक कांस्टेबल मृत कृष्ण कुमार यादव उर्फ पुजारी के गांव इब्राहिमाबाद के मोड़ पर जौनपुर-रायबरेली राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित एक चाय की दुकान पर पहुंचे। बताया जाता है कि पुजारी को घर से बुलाकर पुलिस कर्मियों ने यहीं से अपने वाहन में बैठाया था। सीबीआइ टीम ने दुकान की फोटो खींचने के साथ ही नक्शा भी बनाया। मौके मौजूद पुजारी यादव के भाई अजय यादव से बातचीत की। पड़ोस के युवक को भी बुलाकर पूछताछ की। लगभग 25 मिनट बाद टीम उक्त युवक को अपने वाहन से लेकर सीधे पुजारी के घर पहुंची। घर के बाहर बरामदे में दोनों अधिकारियों ने भाई अजय व पड़ोसी युवक से लगभग दो घंटे पूछताछ की। इसके बाद एक अधिकारी घटना से संबंधित गांव के ही एक युवक के घर गए तो उसकी अनुपस्थिति में उसके स्वजन से जानकारी ली।

अजय के मुताबिक उससे टीम ने पूछा कि पुलिस ने घटना के दिन कितने लोगों को हिरासत में लिया था। उनमें से कौन-कौन जेल में और कितने बाहर हैं। इसके अलावा गिरवी रखे गए जमीन से संबंधित कागजात भी देखा। अजय ने बताया कि जमीन छुड़ाने के लिए ब्याज पर लिए गए 60 हजार रुपये घटना वाली रात ही पुलिस छीन ले गई थी। वहां छानबीन पूरी करने के बाद टीम जिला अस्पताल गई और करीब एक घंटे पुजारी कांड से जुड़े कागजात खंगाले।

मालूम हो कि गत दस फरवरी को लूट के मामले में हिरासत में लिए गए पुजारी की कथित पिटाई के चलते 11 फरवरी को मौत हो गई थी। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश पर सीबीआइ जांच हो रही है।

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