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जिले में 1749 बैंकिग करस्पांडेंट की होगी तैनाती

जागरण संवाददाता, जौनपुर: ग्रामीण महिलाओं को और मजबूती देने की तैयारी की गई है। इस कड़ी में जिले में 1749 बैंकिग करस्पांडेंट (बीसी) की तैनाती की जाएगी। इन्हें ऐसी महिलाओं की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, जो कम पढ़ी-लिखी होने की वजह से बैंकिग का कार्य सही तरीके से नहीं कर पाती। बीसी की जिम्मेदारी खाता खुलवाने से लेकर जरूरत के समय पैसा निकालने तक की होगी। इसके लिए बकायदा बैंकों की भी सहमति ली जाएगी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत शुरू किए जाने वाले इस कार्यक्रम की सभी औपचारिकताओं को पूरा कर लिया गया है।

इसका फायदा बड़ी संख्या में पढ़ी-लिखी महिलाओं मिलेगा। चयनित महिलाओं को चार हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। इसके अलावा बीसी सखी बैंकों के माध्यम से होने वाले ट्रांजेक्शन पर भी आय अर्जित कर सकेंगी। ऐसा माना जा रहा है कि बैंकिग करस्पांडेंट के माध्यम से बैंकों में भीड़ कम करने और शारीरिक दूरी बनाए रखने में मदद मिलेगी।

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दसवीं पास रखी गई है योग्यता

इसके तहत आवेदन करने वाली महिलाओं को कम से कम दसवीं पास होना होगा। पारदर्शिता के लिहाज से पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन की गई है। सभी को गूगल प्ले स्टोर से यूपी बीसी सखी एप डाउनलोड करना होगा। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से आवेदन करना होगा। इसमे प्रत्येक गांव से एक-एक महिलाओं का चयन होना है।

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महिलाओं को मिलेगा मौका

प्रदेश सरकार की इस योजना का लाभ 1749 महिलाओं को मिलेगा। यहां कुल 1749 ग्राम पंचायतें हैं। ऐसे में प्रत्येक गांव से एक महिला का चयन किया जाना है। इस पहल से जहां ग्रामीणों को बैंकिग संबंधित जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सकेगी वहीं बैंकिग सेवाओं में भी काफी सुधार होगा।

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सरकार की इस योजना से नारी सशक्तीकरण को बल मिलेगा। बीसी सखी के लिए 11 जुलाई तक आवेदन किए जा सकते हैं। चयनित महिलाओं को कंप्यूटर व अन्य डिवाइस खरीदने के लिए भी अलग से धनराशि दी जाएगी।

-भूपेंद्र सिंह, उपायुक्त मनरेगा।

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