दिल्ली

उत्तर प्रदेश

पंजाब

बिहार

उत्तराखंड

हरियाणा

झारखण्ड

राजस्थान

जम्मू-कश्मीर

हिमाचल प्रदेश

पश्चिम बंगाल

ओडिशा

महाराष्ट्र

गुजरात

छात्रसंघ राजनीति के बाद अब जिला पंचायत के सदन में

छात्रसंघ राजनीति के बाद अब जिला पंचायत के सदन में

जौनपुर छात्रसंघ को राजनीति की प्राथमिक पाठशाला कहा जाता है जिले में

JagranTue, 11 May 2021 08:23 PM (IST)

जागरण संवाददाता, जौनपुर : छात्रसंघ को राजनीति की प्राथमिक पाठशाला कहा जाता है, जिले में हुए पंचायत चुनाव में छात्रसंघ की पौध से निकले कुछ धुरंधर भी जिला पंचायत के सदन में चुनकर पहुंचे है। तीन पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष पर जनता ने अपना विश्वास जताते हुए जिला पंचायत सदस्य चुना।

टीडी कालेज के छात्रसंघ अध्यक्ष रहे अमरेश रतन सिंह रंगीले जो 2004 में टीडी कालेज के छात्रसंघ अध्यक्ष रहे। मूलत: सिरकोनी के सादीपुर के रहने वाले हे। इसके बाद 2010 में बीडीसी चुने गए, इसमें यह उप ब्लाक प्रमुख भी चुने गए थे। इस बार वार्ड 70 से निर्दल जिला पंचायत सदस्य का चुनाव मैदान में उतरे। जनता ने इन्हें भारी मतों से विजयी बनाया। अमरेश रतन सिंह को 11 हजार 559 मत मिले तो निकटतम प्रतिद्वंदी विनीता को छह हजार 953 मत प्राप्त हुए।

वहीं मुफ्तीगंज के वार्ड संख्या 72 से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीते भीम यादव भी राज कालेज के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष रह चुके है। वे 2013 में अध्यक्ष चुने गए थे। इसके बाद पहली जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़े और जनता ने इन पर विश्वास जताया और चुनाव जीतकर यह सदन में पहुंचे। इन्हें कुल 10 हजार 740 मत मिले। यह धर्मापुर के कबीरूद्दीनपुर गांव के रहने वाले हैं।

वार्ड संख्या 76 से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीते सचिन यादव सबसे कम उम्र के जनप्रतिनिधि बताए जा रहे हैं। यह वर्ष 2018 में 18 वर्ष की उम्र में राज कालेज छात्रसंघ के अध्यक्ष चुने गए थे। जिला पंचायत सदस्य का चुनाव में इन्हें आठ हजार 178 मत मिला। वह मुफ्तीगंज दलाव गांव के रहने वाले हैं।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.