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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की प्रशासन ने शुरू की तैयारी

जागरण संवाददाता, जौनपुर : शासन स्तर से अभी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तिथि भले ही घोषित नही की गई है, लेकिन जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी है। मतदाता पुनरीक्षण के लिए शासन स्तर से प्रपत्र की पहली खेप भी जिले में पहुंच गई है, लेकिन यह आवश्यकता के सापेक्ष एक चौथाई ही है। पूरा प्रपत्र आते ही बीएलओ के माध्यम से नाम बढ़ाने व घटाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

मतदाता पुनरीक्षण अभियान के लिए चार जुलाई को जिले के जिला निर्वाचन कार्यालय (पंचायत एवं नगरीय निकाय) में प्रपत्र पहुंचे। इसमें कुल 879 गड्डी है। इसमें बुकलेट जहां 21 हजार चाहिए था वह करीब पांच हजार है। इसके अलावा गणना प्रपत्र, परिवर्धन, अपमार्जन, संशोधन प्रपत्र भी है। अभी निर्वाचक नामावली का प्रपत्र नहीं आया है। बताया जा रहा है कि कोरोना संक्रमण व प्रतिबंध के कारण प्रपत्र छप नहीं पाए थे। सभी प्रपत्र आने व मतदाता पुनरीक्षण अभियान की तिथि घोषित होते ही इसको तहसीलों पर भेजा जाएगा। जहां से सभी ब्लाकों पर भेजकर बीएलओ को फार्म भरवाने के लिए घर-घर भेजा जाएगा। अभी तक सभी ब्लाकों से बीएलओ की पूरी लिस्ट फाइनल नहीं आ सकी है। पंचायत चुनाव के बाद कई गांव नगर निकायों में शामिल किए गए हैं, ऐसे में वार्डों का आरक्षण नहीं हो सका है। रैपिड सर्वे भी अभी होगा कि कौन सी पंचायत पिछड़ी व सामान्य रहेगी। पिछले साल से इतने पद

पिछले चुनाव में ग्राम पंचायत में प्रधान के 1749 पद, जिला पंचायत सदस्य के 83, क्षेत्र पंचायत सदस्य के 2079 पदों, ग्राम पंचायत सदस्य के 22 हजार तीन पदों पर चुनाव हुए थे। सभी चुनाव एक साथ कराने के मिल रहे संकेत

सूत्रों का कहना है कि कोरोना संक्रमण के कारण चुनाव की तिथि घोषित नहीं हुई है। अगर संक्रमण का बाधा न उत्पन्न हुआ होता तो पुनरीक्षण अभियान तेज होता। इस बार जिला पंचायत, ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत सदस्य व ग्राम पंचायत सदस्य चारों पदों के चुनाव एक साथ कराने के संकेत मिल रहे हैं। सरकार की मंशा है कि चुनाव एक ही खर्च में पूरा हो। इसमें एक ही समय में वाहन खर्च, मैन पॉवर में काम आसानी से हो जाता है। वहीं पिछली बार जिला पंचायत व ग्राम पंचायत के चुनाव अलग-अलग चरणों में कराए गए थे। प्रवासियों को जोड़ने की कवायद

इस बार ढाई लाख से अधिक प्रवासी घर लौटे हैं। अगर मतदाता पुनरीक्षण अभियान शुरू हुआ तो इनके नामों को भी जोड़ा जाएगा। हर गांवों में सैकड़ों की संख्या में प्रवासी आए हैं, जिनका नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं है। वह भी इस बार यहां का अपना पहचान पत्र बनवाने को तैयार हैं। जिससे उनका पहचान पत्र तैयार हो जाएगा तो वह मताधिकार का प्रयोग भी कर सकेंगे। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तिथि अभी घोषित नहीं की गई है। प्रपत्र आया है, यह चुनाव से पहले की सामान्य प्रक्रिया होती है। मतदाता पुनरीक्षण का ऐसा कोई आदेश नहीं आया है। गाइड लाइन प्राप्त होने पर अभियान चलाकर बीएलओ के माध्यम से नामों को जोड़ने व घटाने का कार्य किया जाएगा।

-राम प्रकाश, उप जिला निर्वाचन अधिकारी, जौनपुर।

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