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रोजगार के लिए गया था दिल्ली, लौटी मौत की खबर

संवाद सूत्र, कदौरा : लॉकडाउन में जान बचाकर घर पहुंचे श्रमिक को जब गांव में रोजगार नहीं मिला तो दिल्ली चला गया। जहां आठ दिनों के अंदर इसकदर तबियत खराब हुई कि मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही स्वजनों में कोहराम मच गया। युवक की मौत के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं।

ग्राम बबीना निवासी 50 वर्षीय बुद्ध प्रकाश उर्फ बुद्धा दिल्ली में एक फैक्ट्री में काम करता था। लॉकडाउन में रोजगार छिनने पर वह घर लौट आया था। दो महीने बिना काम के घर में रहने पर खाने का संकट होने लगा था। कई जगह काम खोजने पर भी न मिलने पर वह हताश हो गया था। थक हारकर मजबूरी में वह दोबारा दिल्ली में काम की तलाश में चला गया। घरवालों के मुताबिक अभी आठ दिन ही हुए थे कि उनकी मौत की खबर आ गई। मौत की खबर सुनकर घरवाले बेहाल हो गए। चार बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

बुद्ध प्रकाश की मौत की खबर आते ही पत्नी जानकी पछाड़ खाकर गिर पड़ीं। बड़ी बेटी सरिता और तीन नाबालिग पुत्रों 17 वर्षीय संदीप, 15 वर्षीय मनोज व 12 वर्षीय नितिन के सिर से पिता का साया हट गया। पिता की मौत के बाद सभी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। घर के मुखिया की मौत से पत्नी और बच्चों के भरणपोषण को सहारा छिन गया। ग्रामीण रोहित राज, भगवान दास, जगराम, धर्मेन्द्र आदि ने बताया कि दो महीनों से आर्थिक तंगी झेल रहे थे। रोजगार मिला नहीं तो तनाव में रहते थे। वह वापस काम की तलाश में दिल्ली चले गए थे। मौत का कारण पता नहीं चल पाया है। फिलहाल ह्रंदयाघात से मौत होना बताया जा रहा।

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