निर्माण सामग्री के बढ़े दाम, आशियाना बनाना हुआ मुश्किल

संवाद सूत्र रामपुरा कोरोना काल के बाद एकाएक निर्मा

JagranThu, 29 Oct 2020 08:35 PM (IST)
निर्माण सामग्री के बढ़े दाम, आशियाना बनाना हुआ मुश्किल

संवाद सूत्र, रामपुरा : कोरोना काल के बाद एकाएक निर्माण सामग्री के दामों में हुई बढ़ोत्तरी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। लोगों को उम्मीद थी कि लॉकडाउन के दौरान जिस तरह निर्माण सामग्री के दाम बेहद कम थे, वह उसी तरह रहेंगे। हालांकि दाम तेजी से बढ़ गए। स्थिति यह है कि राजमिस्त्री, मजदूर का पारिश्रमिक 200 से 250 रुपये बढ़ गया है तो सीमेट और सरिया के दाम भी 50 से 70 रुपये प्रति बोरी और प्रति क्विंटल तक बढ़ गए हैं।

भवन निर्माण सामग्री के दामों में बेतहाशा वृद्धि को लेकर ज्यादातर लोग चितित नजर आ रहे हैं। यदि देखा जाए तो इस वर्ष की तुलना में पिछली वर्षो में निर्माण सामग्री कुछ हद तक सीमित रही है लेकिन इस वर्ष तो महंगाई ने आम जनमानस को झकझोर कर रख दिया है। निर्माण सामग्री के साथ मजदूरी भी बढ़ गयी है। जो मजदूर गत वर्ष ढाई सौ से तीन सौ में मिल जाता था। आज वही मजदूर 400 रुपये में भी न-नुकुर करता है। राजमिस्त्री भी 500 से बढ़कर 700 रुपये दिहाड़ी से कम नहीं लेते हैं।

भवन निर्माण सामग्री विक्रेता शिवम सिंह ऊमरी कहते हैं कि कीमतों में उछाल तो आया ही है लेकिन जीएसटी व सीजीएसटी भी लेने से कीमतों में बढ़ोत्तरी हो जाती है। जहां पिछली सालों में एक से दो व तीन लाख की बिक्री हो जाती थी आज वह एक लाख तक भी नहीं पहुंच पाती है।

राकेश कुमार कहते है कि पिछली साल नींव भरवा दी थी सोचा था कि इस साल दीवाल भी बनवा देंगे मगर महंगाई के चलते अब मुमकिन नहीं है। निर्माण सामग्री के दाम

ईंट - पांच से छह हजार रुपये प्रति हजार

सरिया - 4200 से 4300 रुपये क्विंटल

गिट्टंी - 3500 से 3700 रुपये प्रति 100 फुट ट्राली

मौरंग - चार से पांच हजार रुपये प्रति 100 फुट ट्राली

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