श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति कार्यक्रम के आह्वान का भी वक्त आएगा

श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति कार्यक्रम के आह्वान का भी वक्त आएगा

धर्मरक्षा के लिए हमेशा तैयार रहें क्षत्रिय शीघ्र शुरू होगा श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति के लिए आंदोलन।

JagranSat, 27 Feb 2021 01:11 AM (IST)

संसू, हाथरस : हसायन क्षेत्र के गांव बनवारीपुर में 19वें जय बांके बिहारी प्राकट्योत्सव दर्शन के उपलक्ष्य में श्रीमद् भागवत कथा के विराम दिवस पर कथाव्यास ठाकुर देवकीनंदन ठाकुर महाराज ने शुक्रवार को क्षत्रियों को धर्मरक्षा के लिए तैयार रहने का संकल्प कराया। उन्होंने विद्यार्थियों को किताबों से शिक्षा लेकर कम भोजन व कम नींद लेने के साथ नशाखोरी से दूर रहने का मंत्र दिया। उन्होंने श्रीराम जन्म भूमि आंदोलन की तर्ज पर उनके द्वारा चलाए जाने वाले श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति कार्यक्रम में युवाओं से 10 दिन का समय मांगा। कहा कि इसके लिए समय आने पर आह्वान करेंगे और उम्मीद जताई कि आप उस आंदोलन में सक्रियता दिखाएंगे। अंत में उन्होंने बरसाने की होली का गीत गाकर सभी को थिरकने के लिए मजबूर कर दिया। भागवत कथा में पूर्व विधायक सुरेश प्रताप गांधी, सपा की पूर्व जिलाध्यक्ष ओमवती यादव, बबलू सिसोदिया, भानुप्रताप सिंह, सुनील गुप्ता का आयोजक अवधेश कुमार सिंह ने स्वागत किया। कार्यक्रम में कथा व्यास देवकीनंदन ठाकुर को सपा जिलाध्यक्ष ने चांदी का मुकुट पहनाकर व सुधा गुप्ता ने सोने की चेन भेंटकर आशीर्वाद लिया। इसमें नवाब सिंह कुशवाहा, डॉ. बीपी सिंह, अनिल शर्मा मौजूद थे। करोड़ों जन्मों के पुण्य से कथा श्रवण का अवसर

जासं, हाथरस : गली हनुमान स्थित सती मंदिर पर चल रही भागवत कथा के सातवें दिन कथा को विराम देने से पूर्व कथा व्यास पं. विशाल वल्लभाचार्य ने कहा कि मोक्ष प्राप्ति का मार्ग है भगवान की कथा। करोड़ों जन्मों के पुण्य से कथा श्रवण का अवसर मिलता है।

कथा व्यास ने पूतना उद्धार एवं श्री कृष्ण की बाल लीलाओं, श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता की कथा का रोचक वर्णन किया। बताया की सप्तम दिवस को सुनी कई कथा आपको सम्पूर्ण भागवत कथा का फल देती है। श्रीमद् भगवत कथा का ग्रंथ देवताओं के लिए भी दुर्लभ है। जो व्यक्ति सिर्फ माया के पीछे भागता है वह उस कुएं के मेंढक की तरह है, जिसने कभी कुएं के बाहर की दुनिया देखी ही नहीं। वेद व्यास जी ने खुद भागवत कथा में लिखा है कि अगर सातों दिन तक पूरी निष्ठा और ध्यान से आप श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करते हैं तो वह आपको मोक्ष की प्राप्ति कराती है। जहाँ न धर्म, न संस्कार हों, जहां अपनी परम्पराओं का निर्वहन न हो, वहां की नस्ल ़खराब हो जाती है। भक्ति करने की कोई उम्र नहीं होती। जिस समय आपका जन्म हुआ था, उससे पहले ही तय हो जाता है किस जगह और किस कारण से मौत होगी। कृष्ण और सुदामा की मित्रता की कथा ने भावविभोर कर दिया। बताया कि सुदामा एक गरीब ब्राह्मण थे, जो श्रीकृष्ण की कृपा से ही वे धनवान बन गए थे। पंडित परिषद मंत्री कृष्ण वल्लभ मिश्र, आचार्य जन रवि शास्त्री, मनोज शास्त्री, यजमान राकेश अग्रवाल, अजित शर्मा, दीपक अग्रवाल, बबलू, विक्की अग्रवाल मौजूद रहे।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.