बड़ी मुश्किल है, नब्ज कौन पकड़े

हसायन सीएचसी पर मानक के अनुसार स्टाफ और विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी।

JagranThu, 27 May 2021 06:59 AM (IST)
बड़ी मुश्किल है, नब्ज कौन पकड़े

संसू, हाथरस : हसायन में आम दिनों की बात छोड़िये, कोविड काल में भी ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं जरूरतों पर खरी नहीं उतर रही हैं। ओपीडी बंद होने से हाल बेहाल है। लोग जान जोखिम में डालकर झोलाछापों से इलाज करा रहे हैं। अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टर तो पहले से ही नहीं है। साधारण डॉक्टरों की ड्यूटी भी कोविड में लगा दी है। अन्य सुविधाओं की कमी पर किसी का ध्यान ही नहीं है। दैनिक जागरण की टीम ने बुधवार को हसायन के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का जायजा लिया तो खामियां सामने आईं।

यह है स्थिति : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर करीब 50 गांवों के लोग निर्भर हैं। करीब 2.50 लाख की आबादी इससे जुड़ी है। आम दिनों में ओपीडी की संख्या 300 से 350 तक रहती है। 30 बेड का अस्पताल है। प्रभारी सहित तीन डॉक्टरों की तैनाती है। इसमें दो डॉक्टर कोविड की ड्यूटी में बाहर लगे हुए हैं। एकमात्र प्रभारी चिकित्सक सीएचसी चला रहे हैं। इस समय उन्हें भी कागजी कार्य और मीटिगों में भी व्यस्त रहना पड़ता है। इमरजेंसी भी यही देख रहे हैं। केंद्र पर एनिस्थीसिया नेत्र, बाल, महिला रोग, हड्डी रोग विशेषज्ञ की आवश्यकता है। ब्लड जांच के अलावा कोई जांच नहीं होती है। एक्सरे भी नहीं हो पाते हैं। सफाई कर्मचारी के नाम पर एक मात्र कर्मचारी है, जिससे सफाई कार्य काफी प्रभावित रहता है। तीन फार्मासिस्ट और छह नर्स हैं। केंद्र पर 20 संविदा कर्मचारी हैं। इनमें से ज्यादातर कोविड-19 की ड्यूटी में बाहर लगे हुए हैं। पीने के पानी के नाम पर यहां दो नल लगे हुए हैं, मगर दोनों खराब हैं। फौजदारी की घटनाएं होने पर यहां से ज्यादातर मरीजों को हाथरस रेफर किया जाता है। महिला चिकित्सक न होने के कारण महिलाओं को विशेष परेशानी होने के बाद रेफर करना ही एकमात्र साधन बन चुका है।

कोविड काल में इंतजाम : यहां पर एंटीजन के अलावा आरटीपीसीआर जांच की सुविधा है। अब तक 3500 लोगों की जांच हो चुकी है। मरीजों के लिए 10 ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध रहते हैं। कोविड के टीके लगाए जा रहे हैं। अब तक 10,573 लोगों को पहली डोज व 2058 को दूसरी डोज दी जा चुकी है। पब्लिक के बोल

जबसे कोविड-19 की समस्या ने विकराल रूप लिया है, तभी से ओपीडी बंद है। गरीबों को मजबूरन झोलाछाप से उपचार लेना पड़ रहा है।

मास्टर शेर सिंह, ज्ञानपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर साधारण ब्लड टेस्ट के अलावा एक्सरे आदि की कोई सुविधा नहीं है, जबकि यहां पर पर्याप्त बिल्डिग है। यहां भी जांच की सुविधाएं बढ़ाई जाएं।

गौरव सिंह, नगला शेखा गोपालपुर यहां पर महिला डाक्टर की नियुक्ति जरूरी है। डिलीवरी कराने आने वाली महिलाओं को परेशानी होने के बाद हाथरस रेफर किया जाता है।

रामादेवी वाष्र्णेय, हसायन

वर्जन

विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है। पानी की व्यवस्था के लिए हैंडपंप को सही कराएंगे। फिलहाल हमारे यहां का काफी स्टाफ कोविड-19 की समस्या के कारण अन्य जगह स्थानांतरित कर दिया गया है। टीकाकरण किया जा रहा है।

डॉ.आरके वर्मा, प्रभारी, सीएचसी हसायन

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