कोरोना की मार से उड़ी मसाला कारोबार की रंगत

कोरोना की मार से उड़ी मसाला कारोबार की रंगत

ब्रांडेड मसालों के साथ 50 फीसद का नुकसान हींग को अधिक कोरोना की पहली लहर के बाद अब दूसरी लहर ने दिया झटका।

JagranWed, 19 May 2021 06:02 AM (IST)

जासं, हाथरस : हर आम और खास की रसोई में हाथरस की हींग और मसाले की खुशबू को कोरोना का ग्रहण लग गया। इससे करीब 50 फीसद कारोबार का नुकसान हुआ है। फुटकर मांग कमजोर होने और पुराने ऑर्डरों का भुगतान न होने से उद्यमियों का करोड़ों रुपये फंस गया है। मांग न होने के कारण सबसे अधिक नुकसान हींग कारोबार को हुआ है। लगातार कोरोना क‌र्फ्यू की अवधि बढ़ने से उद्यमियों की चिताएं बढ़ती जा रही हैं।

इतना है कारोबार : हाथरस में हींग के अलावा पिसे मसालों का बड़े स्तर पर निर्माण होता है। यहां के ब्रांडेड मसालों के निर्माण के साथ ट्रेडिग का भी बड़ा कारोबार है। अकेले हींग की 50 बड़ी फैक्ट्रियां हैं। इतनी ही लगभग छोटी हैं। इनका भी करीब 50 करोड़ रुपये का टर्नओवर है। वहीं यहां हल्दी, धनिया, मिर्च, गरम मसाला, चना मसाला, चाट मसाला, पानी पूरी मसाला, जलजीरा व अन्य तरह के मसालों के निर्माण और ट्रेडिग का काम भी बड़े पैमाने पर होता है। मसालों की भी करीब 75 छोटी-बड़ी इकाइयां हैं। पिसे मसालों का भी करीब 50-60 करोड़ रुपये का सालाना टर्न ओवर है।

दूर तक जाते हैं मसाले : यहां के मसाले उत्तराखंड के अलावा पंजाब, हरियाणा व प्रदेश के कई भागों में जाते हैं। पूरे साल इन मसालों की मांग रहती है। शादी व त्योहार के सीजन में अतिरिक्त मांग रहती है। यहां के मसाला कारोबार से हजारों लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलता है।

दूसरे साल कोरोना की मार : पिछले साल भी कोरोना की लहर मार्च से लेकर त्योहारी और शादी के सीजन तक चली थी। इससे भी कारोबार पर बुरा असर पड़ा। अब लगातार दूसरे साल भी ऐसा हो रहा है। शादी और त्योहार के सीजन प्रभावित हुए हैं। होटल, ढाबा, चाट-पकौड़ी व अन्य खाद्य वस्तुओं की दुकानें भी बंद हैं। उद्यमियों का कहना है कि नए ऑर्डर नहीं मिल रहे हैं। पुराने ऑर्डर पर भेजे गए माल का भुगतान नहीं हो पा रहा है। इससे करोड़ों रुपये फंसा हुआ है। अभी कोरोना क‌र्फ्यू लगातार बढ़ता जा रहा है। सबसे अधिक नुकसान हींग कारोबार को है। हींग आवश्यक वस्तु न होने के कारण इसकी मांग पांच फीसद ही रह गई है। कुछ फैक्ट्रियों में ताला लगा हुआ है। हालात यह है कि तैयार माल भेज नहीं पा रहे हैं। वर्जन

कोरोना की दूसरी लहर के कारण मसाला कारोबार को काफी नुकसान हुआ है। हींग आवश्यक वस्तु न होने के कारण इसकी मांग नहीं आ रही है। इसके कारण कारोबार पांच फीसद ही रह गया है।

मनोज अग्रवाल, हींग कारोबारी नए ऑर्डर नहीं मिल रहे हैं। पुराने ऑर्डर का काफी धन फंसा हुआ है। पिछले साल के बाद लगातार दूसरे साल मसाला कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

नितिन अग्रवाल, मसाला कारोबारी

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