बुखार से युवक सहित तीन की मौत, गांव में फैली दहशत

बुखार से युवक सहित तीन की मौत, गांव में फैली दहशत

बिगड़ रहे हालात सरकारी चिकित्सालयों में नहीं इलाज की समुचित व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे हैं लोग।

JagranFri, 23 Apr 2021 01:31 AM (IST)

संसू, हाथरस : बिसावर क्षेत्र में बुखार का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। इसके चलते गांव में तीन लोगों की मौत की सूचना है। इससे ग्रामीण परेशान हैं।

क्षेत्र के ग्रामों में वायरल बुखार ने पैर पसार लिए हैं। घर-घर मरीज हैं। कोरोना के खौफ और महंगे इलाज के चलते लोग निजी चिकित्सालयों में नहीं जा पा रहे हैं। वहीं सरकारी चिकित्सालय में मरीजों के उपचार की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते झोलाछाप चांदी काट रहे हैं। लोगों की मानें तो अब तक तीन से अधिक मौतें बुखार के चलते गांव में हो चुकी है। इनमें नगला छत्ती निवासी कैलाश लाल्मीकि (36) को बुधवार की सुबह बुखार आया था। उसने गुरुवार की सुबह दम तोड़ दिया। वहीं एक सप्ताह से बीमार चल रहे राजवीर सिंह (65) ने बीमारी के चलते मंगलवार सुबह दम तोड़ दिया था। वहीं नगला छत्ती निवासी इंद्रजीत सिंह (70) की भी मृत्यु भी मंगलवार को हो गई थी। वह कई दिनों से बुखार से पीड़ित थे। गांव में अभी भी कई घरों में बुखार से पीड़ित नीम-हकीमों के भरोसे इलाज करा रहे हैं। प्रवासियों को घर तक पहुंचाने में लगीं रोडवेज की 12 बसें संवाद सहयोगी, हाथरस : वैश्विक महामारी कोरोना के संक्रमण को देखते हुए प्रवासी मजदूरों ने घरों को लौटना शुरू कर दिया है। प्रवासी मजदूरों को घरों तक भेजने के लिए हाथरस से भी रोडवेज की करीब 12 बसें उच्चाधिकारियों के निर्देश पर दिल्ली गई हुई हैं।

संक्रमण से बचने के लिए बड़े शहरों से एक बार फिर प्रवासी मजदूरों का घरों को लौटना शुरू हो गया है। यह मजदूर दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र, पंजाब सहित अन्य राज्यों से अपने गृह जनपदों की ओर आ रहे हैं। मजदूरों को किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं हो, इसके लिए प्रशासन ने उनके लिए बसों का इंतजाम किया है। इसके लिए जगह-जगह से रोडवेज की बसों को लगाया गया है। हाथरस डिपो की भी करीब 12 बसों को प्रवासी मजदूरों के लिए दिल्ली भेजा गया है। डिपो प्रभारी बीरी सिंह ने बताया उच्चाधिकारियों के निर्देश पर यह बसें दिल्ली भेजी गई हैं। लखनऊ, कानपुर आ

रहे प्रवासी मजदूर

हाथरस डिपो की बसों को प्रदेश में मजदूरों को लाने के लिए लगाया गया है। इन बसों में दिल्ली से मजदूरों को बिठाकर उनके लखनऊ, कानपुर, बदायूं, फर्रूखाबाद, शाहजहांपुर, बरेली, आजमगढ़ सहित अन्य जिलों तक पहुंचा रहे हैं। वहां से ये बसें दो से चार दिन में लौट रही हैं।

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