अब जमुना बाग की जमीन को लेकर मुकुल व आशीष समर्थकों में तनातनी

अब जमुना बाग की जमीन को लेकर मुकुल व आशीष समर्थकों में तनातनी
Publish Date:Sat, 31 Oct 2020 03:09 AM (IST) Author: Jagran

जासं, हाथरस : अलीगढ़ रोड पर बेशकीमती जमुनाबाग की जमीन को लेकर पूर्व एमएलसी मुकुल उपाध्याय और नगर पालिकाध्यक्ष आशीष शर्मा पक्ष में रार बढ़ती जा रही है। आरोप प्रत्यारोपों के बाद शुक्रवार की सुबह मौके पर जेसीबी से गड्ढा खोदने को लेकर दोनों नेताओं के समर्थक आमने-सामने आ गए। दोनों पक्ष में जमकर नोकझोंक व धक्का मुक्की हुई. इस दौरान गेट का बैरियर भी टूट गया। हाथरस गेट और अन्य थानों की पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। जेसीबी को जब्तकर चालक का शांतिभंग में चालान किया गया है। एसडीएम ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं।

जमुनाबाग की जमीन को लेकर पूर्व एमएलसी मुकुल उपाध्याय और चेयरमैन आशीष शर्मा के बीच तनाव के चलते यहां भाजपा दो खेमों में बंट गई है। दोनों नेता वर्तमान में भाजपा में हैं और एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। उच्चाधिकारियों से शिकायतें भी कर रहे हैं। कुछ दिन पहले भी मुकुल उपाध्याय ने आशीष शर्मा समेत दर्जनों लोगों पर सरकारी अभिलेखों में छेड़छाड़, जालसाजी कर जमीन कब्जाने जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए डीएम से शिकायत की थी। डीएम ने इसकी जांच ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रेम प्रकाश मीणा को सौंपी है। इन सबके बीच शुक्रवार को मुकुल उपाध्याय के समर्थक सतीश शर्मा निवासी वेदई (सादाबाद) जेसीबी लेकर जमुनाबाग पर पहुंच गए। सतीश शर्मा ने एसडीएम को दिए शिकायतीपत्र में कहा है कि उन्होंने 18 मार्च 2013 को मुकुल उपाध्याय की पत्नी रितु उपाध्याय से जमुना बाग में प्लॉट खरीदा था। इसी प्लॉट की नींव खोदाई के लिए वह जमुना बाग पहुंचे थे। आरोप है कि आशीष शर्मा तमाम समर्थकों के साथ मौके पर आ गए। हाथों में ईंट पत्थर लेकर जान से मारने की कोशिश की। शिकायत में कहा गया है कि उनके पास चार सितंबर 2015 का कोर्ट का ऑर्डर भी है जो कि अभी भी प्रभावी है। इसके बावजूद उनसे अभद्रता की गई। पुलिस ने मौके पर विवाद निपटाकर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने दोनों पक्षों को तहसील में बुलाया। मुकुल उपाध्याय ने खुद जाकर अपना पक्ष रखा। वहीं दूसरी ओर से अधिवक्ता देवेंद्र पचौरी, योगेंद्र मोहता, पीडी गौड़ ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के समक्ष अपनी बात रखी। एक घंटे से ज्यादा दोनों पक्षों से ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने वार्ता की। इसके बाद मौके पर यथास्थिति रखने के आदेश दिए। इनका कहना है

आशीष शर्मा और उनके साथियों ने कई जमीनों पर कब्जे किए हैं। अभिलेखों में छेड़छाड़ कर जमीन कब्जाने का खेल जारी है। सतीश शर्मा अपने प्लॉट की नींव खोदवाने के लिए पहुंचे थे, उनके साथ अभद्रता की गई।

-मुकुल उपाध्याय, पूर्व एमएलसी। जमुना बाग की जमीन हनुमान प्रसाद पोद्दार की है। 20 साल से हनुमान प्रसाद का उत्पीड़न किया जा रहा है। सुबह भी दबंग लोग जमीन कब्जाने की नीयत से मौके पर पहुंचे थे। उनका यही काम रहा है। मेरी छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। मैं तो मौके पर गया ही नहीं था।

-आशीष शर्मा, नगर पालिकाध्यक्ष हाथरस दोनों पक्षों को बुलाकर उनकी बात सुनी गई। जमीन संबंधी अभिलेख भी देखे गए हैं। कुछ अभिलेख दोनों पक्षों से और मांगे गए हैं। मामले की जांच जारी है। तब तक उक्त जमीन पर यथास्थिति रखने के आदेश दिए हैं। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

-प्रेम प्रकाश मीणा, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट हाथरस।

हाथरस में सुलग रही जमीन के विवाद की कई चिगारी ब्लर्ब

बेनीगंज, लालवाला पेंच और जमुना बाग की जमीन के मामले इन दिनों चर्चाओं में, तीनों बहुचर्चित विवाद बन सकते हैं प्रशासन के सिरदर्द जासं, हाथरस : जमुना बाग में शुक्रवार को जमीन के विवाद में तनातनी ने पुलिस-प्रशासन की टेंशन बढ़ा दी है। वैसे इस साल जिले में बेशकीमती जमीनों के तीन मामले चर्चाओं में हैं। जमुनाबाग, बेनीगंज का दाल मिल और लाल वाला पेच की जमीन को लेकर अंदरखाने विवाद की चिगारी सुलग रही है जो कभी भी बड़ा रूप ले सकती है।

लालवाला पेच स्थित जमीन का मामला लॉकडाउन के दौरान तूल पकड़ा था। एक पक्ष से अशोक रावत, संजीव रावत उर्फ टीटू वहीं दूसरे पक्ष से अजय टालीवाल, जितेंद्र टालीवाल के बीच मुकदमेबाजी हुई। पुलिस पर भी मिलीभगत के आरोप लगे। मामला थमा ही था कि भाजपा नेता रामवीर भैयाजी, रवि चौहान की भी उक्त जमीन की हिस्सेदारी को लेकर एंट्री हो गई। अशोक रावत की ओर से धमकाने के आरोप में भाजपा नेता रामवीर भैयाजी, रवि चौहान पर मुकदमा दर्ज कराया गया। कुछ दिन पहले फिर नया मोड़ आया। इस जगह पर वर्षाें से रह रहे मधुशंकर अग्रवाल की ओर से अशोक रावत और टीटू रावत के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया।

दूसरा मामला बेनीगंज स्थित रघुनाथ दाल मिल को लेकर चर्चाओं में है। इस मामले में जमीन के किराएदार रघुनाथ टालीवाल ने आशीष शर्मा के साथ रहने वाले विमल प्रधान, ललित शर्मा आदि पर धमकाने और जबरन कब्जा करने का आरोप लगाया। वहीं ललित शर्मा आदि का कहना है कि उन्होंने यह जमीन हनुमान प्रसाद पोद्दार से खरीदी है। रघुनाथ टालीवाल इसे खाली करना नहीं चाह रहे हैं। इस प्रकरण में भी मुकुल उपाध्याय ने उच्चाधिकारियों से शिकायत की है। उधर जमुना बाग मामले में भी टकराव की स्थिति दोनों पक्षों में बनी हुई है।

पुलिस को त्वरित कार्रवाई के निर्देश

जासं, हाथरस: सौरभ अग्रवाल व गौरव अग्रवाल पुत्र मधुशंकर अग्रवाल निवासी लाल वाला पेंच ने 29 अक्टूबर को पुलिस महानिरीक्षक (नागरिक सुरक्षा) अमिताभ ठाकुर से मुलाकात की थी। प्रार्थना पत्र दिया था कि अशोक रावत व संजीव रावत पुत्रगण मुन्नालाल रावत ने मोहल्ला लाल वाला पेंच में जबरदस्ती भूमि को कब्जा लिया है। इसमें हमले की धमकी का आरोप लगाया गया है। पुलिस महानिरीक्षक ने पुलिस अधीक्षक हाथरस को पत्र जारी कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

दोनों पक्षों को पाबंद करने की तैयारी

जमुना बाग प्रकरण में पुलिस की सख्ती बढ़ गई है। शुक्रवार को दोनों पक्षों के आमने-सामने आ जाने के बाद कोतवाली हाथरस गेट पुलिस मौके पर पहुंची। इंस्पेक्टर चतर सिंह राजौरा का कहना है जेसीबी को जब्त कर चालक का चालान शांतिभंग में किया गया है। वहीं शांति व्यवस्था बनाई गई है। दोनों पक्षों के करीब बीस लोगों को पाबंद करने की तैयारी शुरू कर दी है। डरा-धमकाकर जमीन कब्जाने का आरोप

जासं, हाथरस : जमुना बाग के स्वामी हनुमान प्रसाद पोद्दार ने पूर्व एमएलसी मुकुल उपाध्याय पर डरा-धमकाकर जमीन कब्जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री से शिकायत की है। हनुमान प्रसाद ने शिकायती पत्र में कहा है कि वर्तमान में वह कायमगंज फर्रुखाबाद में रहते हैं। उनके पूर्वजों की बहुमूल्य संपत्ति हाथरस का जमुनाबाग है। आरोप है कि उनकी जमीन पर मुकुल उपाध्याय और उनके एजेंट कब्जा करने की फिराक में हैं। उन्हें धमकियां दी जा रही हैं। वर्तमान में उनके पास खसरा संख्या 130 में लगभग 54 बीघा भूमि शेष रह गई है। कुछ व्यक्तियों से विक्रय करने के लिए अनुबंध किया है। पोद्दार का यह भी आरोप है कि वर्ष 2009 में मुकुल उपाध्याय ने बच्चों के अपहरण की धमकी देकर अपनी पत्नी रितु उपाध्याय के नाम बैनामा करा लिया था। उस जमीन को अकृषक घोषित करा लिया। इसकी शिकायत पूर्व में शासन में की थी। तभी से मामले की जांच लोकायुक्त के यहां विचाराधीन है। उनका आरोप है कि मुकुल उपाध्याय झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दे रहे हैं। उन्होंने सुरक्षा की मांग मुख्यमंत्री से की है। मुकुल उपाध्याय का कहना है कि यह शिकायत खुद पोद्दार ने नहीं, बल्कि आशीष शर्मा ने कराई है। मेरे पास जो जमीन है उसका बैनामा हनुमान प्रसाद ने ही किया था। खुद खड़े होकर बाउंड्रीवाल लगवाई थी। सभी आरोप निराधार हैं।

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