श्रद्धा व उल्लास से मनाया शरद पूर्णिमा पर्व

खुशहाल और आरोग्य जीवन जीने के लिए मंदिरों में की गई पूजा-अर्चना उदया तिथि से आज भी आयोजन।

JagranThu, 21 Oct 2021 04:06 AM (IST)
श्रद्धा व उल्लास से मनाया शरद पूर्णिमा पर्व

संवाद सहयोगी, हाथरस : शरद पूर्णिमा का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर घरों में पूजा-अर्चना की। राधा-कृष्ण के मंदिरों में अभिषेक व भजन-संकीर्तन के कार्यक्रमों का दौर चला। शाम को मंदिरों में महाआरती के साथ चंद्रमा की रोशनी में भगवान की पूजा की गई।

सनातन धर्मावलंबियों के लिए शरद पूर्णिमा पर्व का विशेष महत्व होता है। यह दीपावली से पहले शरद ऋतु शुरू होने पर मनाया जाता है। आश्विन मास की पूर्णिमा उदया तिथि में गुरुवार को है मगर बुधवार को भी व्रत रखकर घरों में पूजा-अर्चना की गई। शाम को खीर के साथ पकवान भी बनाए गए। पसरट्टा बाजार स्थित श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर में शाम के समय आरती व भजन-कीर्तन के साथ प्रसाद का वितरण किया गया।

मंदिरों में किया गया अभिषेक

शरद पूर्णिमा के दिन मंदिरों में सुबह से ही चहल-पहल थी। घंटाघर स्थित मंदिर गोविद भगवान में सुबह के समय 8.30 बजे से 10.30 बजे तक महाअभिषेक किया गया। दोपहर 11 बजे श्रृंगार और आरती भजन कीर्तन के साथ की गई। शाम को करीब 6.30 बजे से रात 10.30 बजे तक गोविद भगवान को चंद्रमा की रोशनी चौक में विराजमान कर उनकी पूजा करने के साथ प्रसादी का वितरण किया गया।

दाऊजी मंदिर में प्रसादी का वितरण

हलवाईखाना स्थित मंदिर श्री दाऊजी महाराज में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ रही। यहां भगवान के अभिषेक के बाद उन्हें पोशाक धारण कराई गई। शाम को मंदिर परिसर में शरदोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इसमें भक्ति संकीर्तन के कार्यक्रमों की धूम रही। चंद्रमा की धवल चांदनी में बनाई गई खीर को रखवाया गया। दोपहर व शाम के समय प्रसाद का वितरण किया गया। शरद पूर्णिमा पर खीर का विशेष महत्व

शरद पूर्णिमा के दिन चांदनी रात में खीर रखने का विशेष महत्व है। इसे शाम को पकवानों के साथ तैयार किया गया। मेवा-मिष्ठान से तैयार इस खीर को चंद्रमा की दूधिया रोशनी में खुले आसमान के नीचे रखा गया। इसका सेवन दूसरे दिन सुबह प्रसाद के रूप में किया जाएगा। धर्माचार्य बताते हैं शरद पूर्णिमा की किरणें इस खीर पर पड़ने से इसका महत्व बढ़ जाता है। दूसरे दिन इसका सेवन करने से शरीर आरोग्य रहता है। शरद पूर्णिमा पर किया खीर वितरण

भारत विकास परिषद वनिता शाखा की ओर से संस्कार माह के तहत शरद पूर्णिमा पर अवसर गोशाला में खीर की प्रसादी का वितरण किया गया। इसमें शाखा अध्यक्ष एकता अग्रवाल, अनीता मदनावत, रेनू पचौरी, कविता टालीवाल, नूतन अग्रवाल, पूनम शर्मा, कनक खंडेलवाल, शशि अग्रवाल, काजल अग्रवाल उपस्थित रहीं। देहात क्षेत्रों में शरदोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इनका कहना है-

शरद पूर्णिमा का हिदू धर्म में बड़ा महत्व है। इस दिन सुबह से ही मंदिर में कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। पूर्णिमा की रात में खुले में खीर रखकर उसका दूसरे दिन सुबह प्रसादी के रूप में किया जाता है।

- पं. सुनील कुमार शर्मा, पुजारी शरद पूर्णिमा को शरदोत्सव के रूप में दाऊजी महाराज मंदिर में धूमधाम के साथ मनाया गया। यहां भजन संकीर्तन के कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

पं.नरेंद्र कुमार शर्मा वंशी वाले, पुजारी

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