सादाबाद में सड़कों का बिछाया जाल, प्यासे रह गए गाव

स्वादिष्ट बालूशाही के लिए मशहूर यह क्षेत्र जाट बाहुल्य होने से मिनी छपरौलीभ कहाजाता है।

JagranSat, 28 Aug 2021 11:45 PM (IST)
सादाबाद में सड़कों का बिछाया जाल, प्यासे रह गए गाव

जागरण संवाददाता, हाथरस:

स्वादिष्ट बालूशाही के लिए मशहूर यह क्षेत्र जाट बाहुल्य होने से मिनी छपरौली भी कहा जाता है। विधानसभा क्षेत्र में सादाबाद, सहपऊ और मुरसान ब्लाक आते हैं। क्षेत्र में सड़कों पर खूब काम हुआ है। हां, अधिकांश गांव में पीने के पानी का संकट है। यह संकट अभी भी बरकरार है। कुरसंडा, मिढ़ावली, बेदई, गहचौली, बिसावर, नौगाव, तसींगा, अरौठा, गढ़उमराव, जटोई, मन्सया, सहपऊ ब्लाक के कई गांवों के लोग खारे पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। यहा के लोग कई किलोमीटर दूर पीने का पानी लाते हैं।

पिछले चार दशक में इस सीट पर काग्रेस, जनता दल, भाजपा, रालोद, सपा और बसपा के विधायक रहे हैं। मगर, पानी की समस्या का निदान नहीं हो सका। वर्ष 2008 में बसपा सरकार में रालोद के विधायक डा. अनिल चौधरी के प्रयासों से टीटीएसपी (टैंक टाप स्टैंड पोस्ट) योजना में गाव तक मीठा पानी पहुंचाने को पहल हुई। कहीं पाइप लाइन नहीं डली, तो कहीं कनेक्शन ही नहीं हो सके। वर्ष 2017 भाजपा की सरकार बनीं लेकिन इस सीट पर बसपा से रामवीर उपाध्याय विधायक चुने गए। रामवीर उपाध्याय ने आइटीआइ कालेज के निर्माण शुरू कराने के प्रयास शुरू किए। 4.5 करोड़ का बजट जारी होने से आइटीआइ का काम शुरू हो चुका है। विधानसभा क्षेत्र के प्रमुख सड़कें और संपर्क मार्ग बनाने में विधायक निधि का ज्यादातर हिस्सा खर्च किया है। इसके अलावा जिला पंचायत से भी गावों में विकास कार्य कराए गए हैं। मई से बलदेव मार्ग, गढ़ उमराव से मिढ़ावली, जैतई-गुतहरा मार्ग समेत विधानसभा क्षेत्र में करीब 200 सड़कें बनवाई हैं। विधायक ने खारे पानी की समस्या का सवाल विधानसभा में भी उठाया। रजबहों और नहरों में टेल तक पानी पहुंचाने तो विधायक ने खूब प्रयास किए। मगर, आगरा-अलीगढ़ हाइवे पर स्थित सादाबाद में ट्रामा सेंटर का सपना आज भी अधूरा है। सादाबाद क्षेत्र से एक्सप्रेस वे, आगरा-अलीगढ़ हाइवे समेत मथुरा, राया, जलेसर रोड गुजर रहे हैं। यहा अक्सर हादसे होते हैं। सादाबाद क्षेत्र में जितना विकास कराया गया है, वह आज से पहले कभी नहीं हुआ। गाव-गाव तक सैकड़ों सड़कों का निर्माण कराया गया है। बिसाबर में आइटीआइ का निर्माण कार्य बजट के अभाव में बंद था, इसके लिए 4.5 करोड़ रुपये बजट जारी कराया। यह सौगात जल्द ही क्षेत्रवासियों को मिलेगी। क्षेत्र के रजबहों में टेल तक पानी पहुंचवाया, अधिकारियों को मौके पर बुलाकर स्थिति से अवगत कराया। इसका फायदा हजारों किसानों को मिला है। सादाबाद क्षेत्र में खारे पानी की समस्या निस्तारण के लिए विभागीय मंत्री और शासन तक माग उठाई है। सदन में भी सवाल उठाया है। गावों में ओवरहेड टैंक बनवाकर जल्द ही मीठा पानी उपलब्ध कराने के प्रयास कर रहा हूं। सादाबाद नगर में जर्जर विद्युत लाइन बदलवाने के लिए बजट जारी कराया है। मुरसान में आक्सीजन प्लाट का निर्माण, सहपऊ में भद्रकाली मंदिर में विकास कार्य को मंजूरी दिलाई है।

रामवीर उपाध्याय, विधायक सादाबाद

जनता के बीच विधायक न के बराबर रहे। विधायक ने पूरे कार्यकाल में अपने परिवार के विकास पर फोकस किया है। क्षेत्र में जो काम दिखाई दे रहे हैं, वो मेरे कार्यकाल में विधानसभा में उठाए गए सवालों का असर है। आश्वासन समिति द्वारा 2007 के अंतर्गत प्रश्नगत विकास कार्यो को तरजीह देकर अब काम कराए जा रहे हैं। माट ब्राच मथुरा से वर्ष 2007 में मैंने पहल की गई थी, उसके बाद अब 21.4 किलोमीटर नहर सेवा मार्ग को पक्का कराने के लिए एस्टीमेट मंजूर हुआ है। विधायक द्वारा अभी तक ऐसा कोई कार्य नहीं कराया उसे जनता याद रख सके।

- डा. अनिल चौधरी, रनरअप प्रत्याशी, रालोद

मथुरा रोड से बिसावर पोखर तक 600 मीटर सड़क आज भी बदहाल है। टूटी हुई सड़क के कारण क्षेत्र वासियों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। इसका निर्माण जल्द से जल्द कराया जाना चाहिए।

- प्रमोद अग्रवाल, व्यापारी बिसावर

एक्सप्रेस वे, आगरा-अलीगढ़ हाइवे, सादाबाद-राया, सादाबाद मथुरा रोड पर आए दिन हादसे होते हैं, दुर्घटनाओं में घायल होने वालों से उपचार की समुचित व्यवस्था नहीं है। यहा ट्रामा सेंटर की आवश्यकता है, यह माग आज तक पूरी नहीं हुई है।

- दुष्यंत शर्मा (दस्तावेज लेखक), सादाबाद

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सादाबाद के बीचोंबीच करवन नदी अपनी पहचान खो चुकी है। यदि शासन स्तर पर आवाज उठाई जाती तो निश्चित रूप से करवन नदी की सफाई होकर इसमें पानी आ सकता था, इसके लिए कोई प्रयास नहीं किए गए हैं।

-शैलेंद्र नगाइच, अधिवक्ता सादाबाद

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बिसाबर को नगर पंचायत और सादाबाद को नगर पालिका का दर्जा दिलाया जाए। दोनों ही जगह मानकों को पूरा करती हैं। विधायक द्वारा इसके लिए कोई भी प्रयास नहीं किए गए। नगर पालिका तथा नगर पंचायत का दर्जा मिलने पर विकास कार्यो में तेजी आएगी।

- गोविंद गौतम एडवोकेट, अधिवक्ता

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