गो तस्करों से पुलिस की मुठभेड़, दो को लगी गोली

चंदपा के गांव दरकई में बुधवार तड़के साढ़े तीन बजे फिर से गोकशी के लिए आए थे गोतस्कर।

JagranThu, 10 Jun 2021 01:03 AM (IST)
गो तस्करों से पुलिस की मुठभेड़, दो को लगी गोली

जासं, हाथरस : गोशालाओं में बंद गायों की गोकशी करने वाले गैंग के सदस्यों को पुलिस ने पकड़ा है। बुधवार तड़के साढ़े तीन बजे चंदपा कोतवाली क्षेत्र में मुठभेड़ के बाद चार आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। मुठभेड़ के दौरान दो गोतस्करों के पैर में गोली लगी है, जिनका उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है। ये लोग रेकी करने के बाद गोकशी कर बीफ दिल्ली के दरियागंज में सप्लाई करते थे। गिरफ्तार चारों गोतस्कर अलीगढ़ जनपद के रहने वाले हैं।

हाथरस जनपद की चंदपा कोतवाली के गांव दरकई में दो जून को कई गोवंश के अवशेष मिले थे। इसको लेकर ग्रामीणों और हिदुत्ववादी संगठनों ने आक्रोश जताया था। आरोपितों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग उठ रही थी। घटना के बाद से ही पुलिस गोकशों की गिरफ्तारी के प्रयास में लगी थी।

एसपी विनीत जायसवाल ने बुधवार को पत्रकार वार्ता में बताया कि एसएचओ चंदपा नीतावीर सिंह को काफी कवायद के बाद यह जानकारी मिली के अलीगढ़ के गैंग ने यह वारदात की है। मुखबिर से पुलिस को सूचना मिली कि बुधवार तड़के तीन और चार बजे के बीच गोकश फिर से दरकई की गोशाला की तरफ जा रहे हैं। इसके बाद चंदपा कोतवाली, हाथरसगेट पुलिस और एसओजी ने संयुक्त रूप से गोतस्करों की घेराबंदी की। परसारा से पहले तेहरा मोड़ के पास पुलिस का गोतस्करों से सामना हो गया। गोतस्करों ने फायरिग शुरू कर दी। जवाबी फायरिग में अलीगढ़ जनपद के थाना चंडौस के गांव रामपुर शाहपुर निवासी नसीम उर्फ वसीम, लोधा कोतवाली के गांव राइट निवासी करुआ उर्फ नौशाद के पैर में गोली लग गई। भागने की कोशिश कर रहे दो अन्य गोकश अजमत और मल्ला निवासीगण गांव राइट थाना लोधा (अलीगढ़) को भी पुलिस ने पकड़ लिया। तीन-चार अन्य साथी स्कॉर्पियो कार में सवार होकर भाग गए, उन्हें भी जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। घायल बदमाशों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

गोशालाएं बनी साफ्ट टारगेट,

रेकी के बाद करते थे गोकशी

कोरोना काल में गोशालाओं पर अधिकारियों का ध्यान नहीं है। इसका फायदा गैंग के सदस्य उठाते थे। नसीम उर्फ वसीम इस गैंग का सरगना है। यह लोग बुलंदशहर नंबर की एक स्कार्पियो कार में गोकशी के लिए निकलते थे। इसी कार से गोवंश को काटकर मीट को दिल्ली के दरियागंज ले जाकर बेचते थे। वसीम और उसका साथी कलुआ पहले भी कई बार जेल जा चुके हैं। वसीम पर चंडौस कोतवाली में भी कई मुकदमे दर्ज हैं। पूछताछ में बदमाशों ने बताया है कि इससे पहले अलीगढ़ के थाना गोंडा और लोधा में इसी तरह की घटना कर चुके हैं। यह लोग रेकी करने के बाद गोकशी करते थे। वसीम की ससुराल चंदपा के गांव तुरसैन में है। वह डेढ़ वर्ष से ससुराल में रह रहा था। यहीं रहकर उसने दरकई की गोशाला की रेकी की और एक-दो जून की रात में गैंग के अन्य सदस्यों के साथ गोकशी की घटना को अंजाम दिया। आरोपितों पर होगी

गैंगस्टर की कार्रवाई

एसपी ने बताया कि दो जून को दरकई गांव में गोकशी की घटना के बाद गांव के ही हरिश्चंद्र ने अज्ञात गोतस्करों के खिलाफ गोवध अधिनियम के तहत चंदपा कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। गिरफ्तार किए गए चारों गोतस्करों से दो तमंचे, कारतूस, छुरा और धारदार हथियार, एक बाइक बरामद हुई है। आरोपितों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने कहा कि सराहनीय कार्य के लिए पुलिस और एसओजी टीम को 25 हजार रुपये नकद पुरस्कार दिया जाएगा।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.