अब पर्ची पर नहीं बिकेगा सोना

जीएसटी के पंजीकरण के बिना कर रहे हैं रोजाना लाखों का कारोबार -जनपद में हैं चार सौ स्वर्णकार इसमें सिर्फ 50 पर जीएसटी नंबर।

JagranSat, 19 Jun 2021 04:37 AM (IST)
अब पर्ची पर नहीं बिकेगा सोना

जासं, हाथरस : नियमों के शिकंजे के चलते अब सोने का कारोबार पर्ची पर नहीं हो सकेगा। जनपद में बिना जीएसटी पंजीकरण के रोजाना लाखों का कारोबार हो रहा है। सोने के आभूषण बेचने के लिए हालमार्क की अनिवार्यता के चलते अब पंजीकृत व्यापारी ही कारोबार कर पाएंगे।

यह है स्थिति : अब तक कुछ ब्रांडेड कंपनी का माल या फिर अपने बनवाए हुए आभूषण बेचने वाले ही जीएसटी पंजीकरण के आधार पर काम कर रहे हैं। सोने व अन्य धातुओं के आभूषण का काम अधिकांश व्यापारी या दुकानदार पर्ची पर कर रहे हैं। वे लाखों का माल रोजाना पर्ची पर ही ग्राहकों को देते हैं। इस पर न तो फर्म का नाम होता है और न ही जीएसटी नंबर। ग्राहक भी दुकानदारों से पक्के बिल नहीं लेते हैं।

जीएसटी देने से बचते हैं ग्राहक : कुछ जागरूक ग्राहकों को छोड़ दें अधिकांश ग्राहक सोने या अन्य धातुओं के आभूषण खरीदते समय जीएसटी देने से बचते हैं। दुकानदार भी पक्का बिल मांगने पर इन्हें जीएसटी का भय दिखाते हैं। इससे ग्राहक पीछे हट जाते हैं। यदि किसी ग्राहक ने 50 हजार रुपये के आभूषण खरीदे तो उसे तीन फीसद जीएसटी देना होगा। यानि कि उसे 1500 रुपये का अतिरिक्त भुगतान करना होगा।

10-12 फीसद ही पंजीकृत विक्रेता : जनपद की बात करें तो यहां पर 400 छोटे-बड़े आभूषण विक्रेता हैं। इनमें से लगभग 50 विक्रेताओं के पास ही जीएसटी का पंजीकरण बताया जाता है। कई दुकानदार तो ऐसे हैं जो आभूषण बनाकर तो बेचते हैं लेकिन मजदूरी पर कार्य करने की आड़ में जीएसटी से बचते हैं।

हालमार्क ज्वेलरी के लिए जरूरी

-असली हालमार्क पर बीआइएस का तिकोना निशान

-उस पर हॉलमार्किंग केंद्र का लोगो

-सोने की शुद्धता, ज्वेलरी बनाने का वर्ष व ज्वेलर्स का लोगो जरूरी

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