48 घंटे में नहीं निकला कोई कोरोना संक्रमित

48 घंटे में नहीं निकला कोई कोरोना संक्रमित

कोरोना संक्रमण का खतरा दिल्ली की वजह से भले बढ़ गया हो लेकिन हाथरस में पिछले 48 घंटे में एक भी संक्रमित न मिलने से अफसरों ने राहत की सांस ली है।

Publish Date:Thu, 26 Nov 2020 02:40 AM (IST) Author: Jagran

संस, हाथरस : कोरोना संक्रमण का खतरा दिल्ली की वजह से भले बढ़ गया हो लेकिन हाथरस में पिछले 48 घंटे में एक भी संक्रमित न मिलने से अफसरों ने राहत की सांस ली है।

सोमवार को दस लोगों के पॉजिटिव मिलने के बाद लगा कि खतरा बढ़ गया है। सोमवार व मंगलवार को लखनऊ से आई टीम ने खुद कई जगह जाकर सैंपल लिए थे। 95 लोगों के सैंपल जांच के लिए टीम स्वयं अपने साथ ले गई। मंगलवार व बुधवार को चार हजार से अधिक लोगों के लिए सैंपल लिए गए मगर दोनों दिन कोरोना संक्रमित मरीजों का आंकड़ा शून्य रहा।

कोरोना से बचाव के नियमों का पालन कर बन रहे आत्मनिर्भर

संस, हाथरस : कोरोना वायरस के चलते जिले के सासनी स्थित केनरा बैंक के ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान में कोविड-19 से जुड़े सभी नियमों का पालन करते हुए युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। संस्थान में युवक-युवतियों को कंप्यूटर फाइनेंशियल एकाउंट से जुड़ा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यहां प्रशिक्षण ले रहे लाभार्थियों की मानें तो वे यहां से प्रशिक्षण पाने के बाद खुद का कार्य करेंगे। प्रशिक्षणर्थी प्रियांशु पाठक ने बताया कि हम सभी कोरोना से बचाव के नियमों का पालन कर रहे हैं। मोहित ने बताया कि यहां हम सब आत्मनिर्भर बन रहे हैं।

हाथरस का कोरोना मीटर

कुल केस/24 घंटे में 1198/00

सक्रिय केस/24 घंटे में 31/00

स्वस्थ हुए/24 घंटे में 1124/00

कुल मौतें/24 घंटे में 08/00

कुल टेस्ट/24 घंटे में 189320/2000 जिले में लागू होगी सामूहिक मिनी ग्रीन ट्यूबवेल योजना

जासं, हाथरस : जिले में शीघ्र ही सामूहिक मिनी ग्रीन ट्यूबवेल योजना लागू हो रही है। इस योजना के तहत सौर ऊर्जा से नलकूप संचालित होंगे, जिससे किसानों का भार कम होने के साथ जल की भी बचत होगी।

अधिशासी अभियंता लघु सिचाई एपी वर्मा ने बताया कि प्रदेश में प्रयोग किये जा रहे डीजल चलित नलकूपों की संचालन लागत, विद्युत चलित नलकूपों की अपेक्षा अधिक होने से कृषकों पर अतिरिक्त भार पड़ता है। निजी लघु सिचाई कार्यक्रम के अन्तर्गत लघु एवं सीमान्त अनुसूचित जाति जनजाति श्रेणी के कृषकों को सिचाई सुविधा उपलब्ध कराकर भारत सरकार की कुसुम योजना-बी के अन्तर्गत सौर ऊर्जा चलित पंप की स्थापना कर सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने तथा जल को बचाने के लिए सामूहिक मिनी ग्रीन ट्यूबवेल योजना का क्रियान्वयन जनपद में प्रस्तावित है। इस योजना में 69 मीटर गहराई तक के नलकूपों का निर्माण कर सौर ऊर्जा चलित पांच हॉर्स पावर का पंपसेट स्थापित की जाएगी। सामूहिक मिनी ग्रीन ट्यूबवेल योजनान्तर्गत सामान्य वर्ग के लिए ट्यूबवेल निर्माण की लागत 4.69 लाख रुपये होगी। इसमें 3.152 लाख रुपये शासकीय अनुदान एवं 1.538 लाख रुपये समूह का अंश होगा।

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