गरीबों के कल्याण की पहल ने बदले हालात

केंद्र के बाद प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद गरीबी उन्मूलन की कई योजनाएं लागू की गईं।

JagranSun, 17 Oct 2021 04:05 AM (IST)
गरीबों के कल्याण की पहल ने बदले हालात

जागरण संवाददाता, हाथरस : केंद्र के बाद प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद गरीबी उन्मूलन की कई योजनाएं लागू की गईं। गरीब परिवारों को मुफ्त में राशन के साथ ही रसोई गैस सिलेंडर की व्यवस्था की गई तो प्रधानमंत्री आवास योजना से छत की व्यवस्था भी होने लगी। यूपी में गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह की योजना बड़ा संबल बनी तो हर घर शौचालय की व्यवस्था ने सम्मान दिया। ये रहा गरीबी उन्मूलन में मील का पत्थर साबित हुई कुछ योजनाओं का हाल। आयुष्मान योजना : 70,360

परिवारों को मिल रहा लाभ

वर्ष 2011 की जनगणना के अुनसार गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों को प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना का लाभ मिल रहा है। जिले के 70,360 परिवारों के करीब तीन लाख इक्यावन हजार आठ सौ लोगों को योजना का लाभ मिल रहा है। जिले में 1,22,799 पात्र लोगों के गोल्डन कार्ड बन चुके हैं, जबकि करीब 6802 लोग इस योजना का लाभ लेकर अपना उपचार करा चुके हैं। 3976 विद्यार्थी पा चुके हैं

आरटीई योजना का लाभ

वर्ष 2017-18 से निजी स्कूलों में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत गरीब परिवार के बच्चों को कक्षा एक और प्री-प्राइमरी में दाखिले दिलाने का प्रावधान शुरू हुआ। निजी स्कूलों में 25 फीसद कोटा निर्धारित किया गया। जिले के करीब 234 निजी विद्यालयों में इस योजना का लाभ प्री-प्राइमरी व कक्षा एक के विद्यार्थियों को दिया जा रहा है। 3976 विद्यार्थी आरटीई योजना का लाभ पा रहे हैं। पांच हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि विद्यार्थियों के अभिभावकों को दी जाती है। सेवायोजन : 14821 शिक्षित बेरोजगार हैं पंजीकृत

सेवायोजन कार्यालय के आंकड़ों पर यकीन करें तो जनपद में शिक्षित बेरोजगारों की संख्या हजारों में पहुंच चुकी है। 14821 शिक्षित युवक व युवतियों ने सेवायोजन कार्यालय में आनलाइन पंजीकरण करा रखा है। हर तीन साल बाद पुराने पंजीकरण का नवीनीकरण कराना पड़ता है। पंजीकरण के नवीनीकरण के लिए रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर व मेल आइडी पर संबंधित बेरोजगार युवक या युवती के पास मैसेज आता है। दो महीने के अंदर सेवायोजन की वेबसाइट पर नवीनीकरण न कराने पर पंजीकरण स्वत: निरस्त हो जाता है। दो हजार गरीब राशन कार्ड बनवाने की कोशिश में

जिला पूर्ति अधिकारी एसपी शाक्य की मानें तो जनपद में कुल 2 लाख 90 हजार कार्ड धारक हैं। इनमें 16 हजार अंत्योदय कार्ड भी शामिल हैं। विभाग अपना लक्ष्य पूरा कर चुका है। फिर भी करीब दो हजार लोगों ने राशन कार्ड बनवाने के लिए विभाग में प्रार्थना पत्र दिया है, जिनकी ब्लाक और तहसील स्तर से अफसरों द्वारा जांच कराई जा रही है। जल्द ही अभियान चलवाकर राशन कार्डों का सत्यापन कराया जाएगा। पीएम आवास के लिए लाइन

डूडा के परियोजना अधिकारी अनुपम गर्ग के अनुसार जनपद में पीएम आवास शहरी के तहत अभी तक 6800 लाभार्थियों को आवास योजना का लाभ दिया जा चुका है। ढाई लाख रुपये की सब्सिडी लाभार्थी को तीन किस्तों में दी जाती है। तमाम लाभार्थियों को चाबी भी दी जा चुकी है और परिवार रह भी रहे हैं। तमाम लाभार्थियों के मकान बन रहे हैं। अगले साल तक वह भी अपने घरों में होंगे। 2200 और आवेदनपत्र लोगों ने मकान बनाने के लिए भरे हैं, जिनका सत्यापन किया जा रहा है। ----------------------

छप्पर, तिरपाल डालकर रहने को मजबूर

फोटो-19

संसू, सादाबाद : प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ढाई लाख रुपये के अनुदान से गरीबों के पक्के मकान बनवाए जा रहे हैं, लेकिन गांव देहात में अभी भी बगैर छत के रहने वाले झोंपड़ी अथवा टीन शेड में गुजारा करने वाले लोगों पर प्रशासन की नजर नहीं है।

60 वर्षीय कमला देवी पत्नी रघुवीर सिंह निवासी माढन थोक कुरसंडा दीवार के ऊपर छप्पर डाल कर गुजर-बसर करती है। कुरसंडा में ऐसे एक दर्जन से अधिक परिवार हैं जिनके पास रहने को मकान, खेती की जमीन नहीं है। मेहनत मजदूरी कर अपना परिवार पाल रहे हैं। अभी तक आवास से महरूम चंदा देवी पत्नी मुख्तियार सिंह दिवाकर, महेंद्र सिंह वाल्मीकि, पप्पू शर्मा, सुंदर सिंह बघेल, बंटी शर्मा, सुघड़ सिंह जाटव, गेंदालाल जाटव, अरविद सहित दर्जन भर से अधिक ग्रामीण आवास के पात्र हैं, जिन्हें अभी तक सरकार की योजना का लाभ नहीं मिला है।

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

Tags
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.