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होम आइसोलेट बेटे की कर रहीं सेवा

होम आइसोलेट बेटे की कर रहीं सेवा

खेतों पर ही रह रहा है पीड़ित 40 वर्षीय बेटा भोजन से लेकर दवाओं तक रख रहीं ख्याल।

JagranMon, 26 Apr 2021 04:01 AM (IST)

संसू, हाथरस : सहपऊ में मां ही ममता, मां ही मंदिर, मां ही भगवान है.. ये पंक्तियां सहपऊ निवासी निर्मलादेवी पर सच बैठती हैं। होम आइसोलेट बेटे के लिए सुरक्षा कवच बनी हुई हैं। जिनके साथ ऐसी मां की ममता और प्यार हो उनका भला कोरोना क्या बिगाड़ सकता है?

वैश्विक महामारी कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। नजर नहीं आने वाले इस भयानक शैतान से सभी भयभीत हैं। धन, बल भी इसके आगे टिक नहीं पा रहे हैं। पिछले साल की अपेक्षा इस बार यह अधिक ताकतवर बनकर घूम रहा है। इससे बचने के लिए सभी भयभीत होकर घरों में छिपे हुए हैं। जरूरी कार्य होने पर ही लोग घरों से निकल रहे हैं। पापी पेट न होता तो भला किसे अपनी जान जोखिम में डालने का शौक था। हाथरस जिले के कस्बा सहपऊ निवासी 40 वर्षीय युवक कोरोना पॉजिटिव निकल आया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उसे होम आइसोलेट कर दिया। वे अपने घर से करीब दो किलोमीटर की दूरी पर खेत पर लगे ट्यूबवेल की दो मंजिल कोठरी में रहने लगे। इनके परिवार में 72 वर्षीय मां निर्मलादेवी ही इनका ख्याल रख रही हैं। वह घर से खाना व दवा कुछ दूर रख देती हैं। निर्मलादेवी बताती हैं कि बेटे की जिद से वह उससे दूर हैं। वह अपने कलेजे के टुकड़े के साथ ही रहतीं। वह दिन में तीन बार बेटे का हाल-चाल पूछने आती हैं। बेटे की पसंद के अनुसार दलिया, फल, जूस भी लाकर देती हैं। बेटे के कहने पर निर्धारित दूरी से बात करती हैं।

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