गांवों में कोरोना से बचाव का अभियान राम भरोसे

गांवों में कोरोना से बचाव का अभियान राम भरोसे

बरौस गांव के सात ग्रामीण मिले बीमार आशा ने नहीं बांटी दवा साफ-सफाई व्यवस्था गांवों में राम भरोसे मिली नोटिस देकर की इतिश्री।

JagranFri, 14 May 2021 01:10 AM (IST)

जासं, हाथरस : कोविड-19 के बढ़ते प्रकोप को ग्रामीण क्षेत्रों में रोकने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के औचक निरीक्षण में हर जगह खामियां नजर आईं।

जिला पंचायतराज अधिकारी बनवारी सिंह कई दिन से गांवों में स्वच्छता अभियान की पड़ताल कर रहे हैं। गुरुवार को उन्होंने सादाबाद के ग्राम पंचायत-बरौस में निरीक्षण किया। इस दौरान राजस्व ग्राम में आशा सीमा शर्मा उपस्थित मिलीं, जिनको पल्स ऑक्सीमीटर एवं थर्मल स्कैनर प्राप्त कराया था मगर उनके पास ये डिवाइस नहीं मिली। सचिव ग्राम पंचायत शैलेंद्र सिंह को भी इसकी जानकारी नहीं थी। गांव में सात लोग (गौरीशंकर, मुकेश, विमलेश, देवेश, कल्पना, कुल्लन खां एवं राजेंद्र) बीमार हैं, मगर आशा ने किसी को दवा नहीं दी, जबकि आशा को 05 मेडिसन किट दी गई है।

ग्राम पंचायत-सरौंठ में निरीक्षण के दौरान प्रवीणा (सफाई कर्मी) ने स्वयं सफाई न कर अपने बेटे को सफाई कार्य में लगा रखा था। तीनों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है।

निगरानी समिति की सदस्य आशा सुनीता देवी ने अल्फ्रारेड थर्मामीटर एवं पल्स ऑक्सीमीटर से किसी का चेकअप नहीं किया था।

ग्राम पंचायत-नौगवां, नगला पचौरी में निरीक्षण के दौरान 2 महिला सफाई कर्मी स्वयं सफाई न कर अपने बेटों से सफाई कार्य करा रहीं थीं, जिनको नो वर्क नो पे के आधार पर वेतन रहित किया जा रहा है। बनवारी सिंह ने बताया कि मंस्या में निरीक्षण के दौरान 02 सफाई कर्मी ओमप्रकाश एवं ममता देवी अनुपस्थित पाए गए, जिन्हें कारण बताओ नोटिस दिया जा रहा है। ईमानदारी की मिसाल पेश की

संस, हाथरस: राजस्थान के भरतपुर जिले के सरसेना गांव के राजवीर ओरिया पांच मई को सोरों से अपने गांव लौट रहे थे। मथुरा मार्ग पर उन्हें एक पर्स सड़क पर दिखाई दिया। उन्होंने पर्स को उठा लिया और हाथरस निवासी अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष योगेन्द्र सिंह को फोन करके पर्स मिलने की जानकारी दी। पर्स हतीसा निवासी राजदीप गहलौत का था। जिलाध्यक्ष ने हतीसा जाकर राजदीप गहलौत को पर्स के बारे में जानकारी दी। राजदीप गहलौत ने गांव सरसेना पहुंचकर गांववासियों को बताया कि उनके पर्स में 11375 रुपये, दो एटीएम कार्ड, आधार कार्ड और जरूरी कागजात थे। राजवीर ओरिया ने युवक को सारी चीजें और पर्स वापस दे दिया।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.