48 हजार नौनिहालों पर बरसी मेहरबानी

सुविधा अब विभिन्न योजनाओं में सीधे अभिभावकों के खातों में पहुंच रहा है पैसा।

JagranWed, 01 Dec 2021 04:43 AM (IST)
48 हजार नौनिहालों पर बरसी मेहरबानी

संवाद सहयोगी, हाथरस : बेसिक स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए चल रहीं योजनाओं के क्रियान्वयन में बदलाव किया गया है। अब अभिभावकों के खातों में सीधे पैसा ट्रांसफर किया जा रहा है। बेसिक और माध्यमिक के प्राइमरी स्कूलों में करीब डेढ़ लाख विद्यार्थी पढ़ते हैं, लेकिन प्रथम चरण में अब तक सिर्फ 48 हजार विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में ही पैसा पहुंच पाया है।

माध्यमिक व बेसिक स्कूलों में पढ़ने वाले डेढ़ लाख विद्यार्थियों का डाटा प्रेरणा पोर्टल के जरिए अपलोड किया जाना था। करीब दो माह से स्कूलों के हेड मास्टर व इंचार्ज प्रधानाध्यापक डाटा फीड कराने में जुटे हुए हैं। दीपावली पर प्रदेश सरकार ने विद्यार्थियों को मिलने वाली स्कूल बैग, यूनिफार्म, स्वेटर, जूते-मोजे का पैसा 11 सौ रुपये अभिभावकों के खातों में ट्रांसफर कर दिया। बेसिक शिक्षा विभाग के 48 हजार विद्यार्थियों के अभिभावकों को पैसा मिल चुका है। 70 हजार खाते सत्यापित

डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के तहत अभिभावकों के खातों में पैसा भेजा जा रहा है। शिक्षकों को प्रेरणा पोर्टल पर बच्चे का नाम व कक्षा के अलावा उनके अभिभावकों के खातों की जानकारी अपलोड करनी होती है। उसके बाद पीएमएस पोर्टल के जरिए यदि सूचनाएं सही होती हैं तो खाते को सत्यापित कर दिया जाता है। डेढ़ लाख बच्चों के डाटा में से अभी तक पीएमएफ पोर्टल द्वारा सिर्फ 70 हजार विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों को सत्यापित किया गया है। 21 हजार खातों से

आधार लिक नहीं

गांवों में रहने वाले अभिभावक जानकारी के अभाव में अपने आधार नंबर को खाते से लिक नहीं कराते हैं। प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड किए गए करीब 21 हजार खाते ऐसे हैं जिन खातों से आधार कार्ड अभिभावकों के लिक नहीं हैं। ऐसे में खातों को सत्यापित करने में दिक्कतें आ रही है। अब ऐसे खाते जो आधार कार्ड से लिक नहीं हैं, हेड मास्टर संबंधित बैंक में उन खातों को आधार कार्ड से लिक करा रहे हैं ताकि समय रहते जब दूसरे चरण में धनराशि ट्रांसफर की जाए तो कोई दिक्कत न आए। कमीशनखोरी पर लगेगी लगाम

अभी तक बच्चों को मिलने वाली योजनाओं का पैसा हेड मास्टर व ग्राम प्रधान के संयुक्त विद्यालय प्रबंध समिति के खाते में जाता था। योजनाओं के नाम पर कमीशनखोरी जमकर होती थी, जिससे बच्चों को योजनाओं का ठीक से लाभ नहीं मिल पाता था। कमीशनखोरी की शिकायतें जिला स्तरीय अधिकारियों के अलावा शासन पर बैठे अधिकारियों के पास तक पहुंचती थी, लेकिन अब योजनाओं के क्रियान्वयन के कार्य में बदलाव कर दिया है। अब सीधे बच्चों के अभिभावकों के खातों में पैसा पहुंचने से कमीशनखोरी पर लगाम लग जाएगी। इनका कहना है

बेसिक स्कूलों में पढ़ने वाले 48 हजार विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में योजनाओं का पैसा भेजा जा चुका है। जल्द ही अन्य अभिभावकों को भी धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। खातों के आधार कार्ड से लिक न होने के कारण देरी हो रही है।

बलवंत मौर्या, जिला समन्वयक, एमआइएस, बेसिक शिक्षा विभाग, हाथरस।

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