आंधी से टूटे 125 पोल, 62 गांवों में अंधेरा

आंधी से टूटे 125 पोल, 62 गांवों में अंधेरा

ग्रामीण क्षेत्र में 11 व 33 केवी लाइन के टूटे हैं पोल 30 गांवों में आपूर्ति चालू 32 में अंधेरा।

JagranFri, 14 May 2021 01:00 AM (IST)

जासं, हाथरस : बुधवार को आई आंधी के कारण टूटे खंभों के सही न होने का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। जनपद में 125 पोल टूटने और सब स्टेशनों पर भी ब्रेकडाउन होने से करीब 62 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। हालांकि विभागीय अफसर ने देर शाम 30 गांवों में आपूर्ति चालू करने की बात कही मगर 32 गांवों में एक से दो दिन बाद ही आपूर्ति हो पाएगी। इससे ग्रामीणों को भारी परेशानी हो रही है। पानी के संकट से भी जूझना पड़ रहा है। बिजली विभाग को करीब 19 लाख रुपये का नुकसान बताया जा रहा है।

बुधवार की देर शाम आई आंधी के कारण सिकंदराराऊ क्षेत्र में बिजली व्यवस्था सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है। यहां 11 और 33 केवी लाइन के बहुतेरे पोल टूट गए हैं। इससे अल्हेपुर 11 केवी और ईशेपुर व वाजिदपुर की 33 केवी सब स्टेशन में आपूर्ति न होने से ब्रेकडाउन हो गया है। अमोखरी और कलियानपुर के बीच बंबा के पास 11 केवी लाइन का खंभा टूट गया है। बिजली की लाइन टूटकर पेड़ों में फंसकर रह गई है या फिर कई तार जमीन पर पड़े हैं। इन्हें मिलाकर जनपद के कई और गांवों में पोल और तार टूटने से करीब 62 गांवों की बिजली गुल हो गई। बिजली विभाग के कर्मचारी लगातार लाइनें सही कर रहे हैं, लेकिन शाम तक केवल 30 गांवों में आपूर्ति सुचारु हो पाई। टूटे तारों और खंभों के बदले नए सामान की व्यवस्था कराई जा रही है। विद्युत आपूर्ति सुचारु होने में दो दिन और लग सकते हैं। बिजली न आने से गावों में रात भर अंधेरा रहा। गुरुवार को भी लोग दिन में बिजली के लिए परेशान रहे। सबमर्सिबल न चलने के कारण पेयजल संकट भी रहा। आंधी आने से शहर के अलावा सादाबाद, मुरसान व अन्य क्षेत्रों में भी बिजली संकट रहा। एसडीओ देवेंद्र कुमार ने बताया कि पोल और तारों को सही कराया जा रहा है। अभी समय लगेगा। उधर, अन्य स्थानों पर टूटे पोल और लाइनों को भी सही कराया जा रहा है। कई दिन से शाम को आ रही आंधी के कारण पोल टूटने से कई अन्य सब स्टेशनों पर भी ब्रेक डाउन रहा। महौ बिजलीघर में वीसीबी फुंकने से कई गांव प्रभावित रहे थे। अधीक्षण अभियंता पवन अग्रवाल ने बताया कि आंधी से 125 पोल टूटे हैं जिससे विभाग को करीब 19 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। तीस गांवों में आपूर्ति सुचारु हो गई है मगर 32 गांवों में आपूर्ति सुचारु होने में अभी वक्त लगेगा।

बादलों से मौसम खुशनुमा,

किसानों की बढ़ी धुकधुकी

जासं, हाथरस : आजकल मौसम बदलने से गर्मी से राहत मिल रही है। गुरुवार को आंधी और बारिश नहीं आई। आजकल कोरोना क‌र्फ्यू के कारण लोग घरों में कैद हैं। बादलों के कारण तापमान में गिरावट आने से लोगों को राहत महसूस हुई है। अलबत्ता बादलों के कारण कारण किसानों की चिताएं बरकरार हैं, क्योंकि खेतों में मक्का, अरहर के अलावा सब्जियों की फसले हैं। पिछले दिनों आई आंधी से आम के बागों में अधिक नुकसान हुआ। इस साल पिछले साल की तुलना में वैसे ही कम उत्पादन बताया जा रहा है। ऐसे में आंधी बाग स्वामियों का नुकसान बढ़ा रही है। बुधवार को सिकंदराराऊ क्षेत्र में आंधी और ओले से मक्के की फसल को नुकसान हुआ था।

इनसेट

आम के पेड़ गिरे, पोल्ट्री

फार्म की दीवार गिरी

संसू, सिकंदराराऊ : बुधवार की शाम को आंधी के साथ हुई बरसात से गांव श्यामपुर मानिकपुर, नगरिया, कपसिया व अन्य गांवों में आम के कई पेड़ गिर गए। गांव श्यामपुर मानिकपुर निवासी प्रवेश कुमार का 20 बीघा आम का बाग है। आंधी व बारिश से बाग में आम के 22 पेड़ गिर गए। वहीं गांव कुठीला कासिमपुर में बनवारी लाल के पोल्ट्री फार्म की दीवार गिरने से सैकड़ों मुर्गी व चूजों की मौत हो गई। दीवार गिरने से पांच लोग घायल, रेफर

संसू, सिकंदराराऊ: बरसात के कारण गुरुवार की सुबह गांव एचोला शाहदतपुर में मकान की दीवार गिरने से चार महिलाओं सहित पांच लोग दब गए। उन्हें गांव वालों ने निकाला और अस्पताल पहुंचाया। गांव निवासी तिलक सिंह पुत्र यादराम के मकान की दीवार अचानक भरभरा कर गिर गई। दीवार के मलबे में दबकर 60 वर्षीय नेमा देवी पत्नी यादराम, 35 वर्षीय चंद्रवती पत्नी तिलक सिंह, 20 वर्षीय प्रियंका पत्नी श्याम, 21 वर्षीय निकिता पत्नी दुर्गेश व 11 वर्षीय रुद्रप्रताप पुत्र जय प्रकाश गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को एंबुलेंस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचाया गया, जहां से चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद घायलों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

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