पीसीएफ के केंद्र पर बोरा समाप्त, जिला प्रबंधक को लगाई फटकार

पीसीएफ के केंद्र पर बोरा समाप्त, जिला प्रबंधक को लगाई फटकार

- डिप्टी आरएमओ एआर को-आपरेटिव ने किया केंद्रों का निरीक्षण

JagranFri, 23 Apr 2021 10:01 PM (IST)

हरदोई : डिप्टी आरएमओ ने एआर को-आपरेटिव के साथ शुक्रवार को नवीन गल्ला मंडी हरदोई के क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया और किसानों से बात की। पीसीएफ के केंद्र पर बोरे की समस्या होने पर एआर को-आपरेटिव ने जिला प्रबंधक को फटकार लगाई और तुरंत बोरा उपलब्ध कराने को निर्देशित किया।

डिप्टी आरएमओ अनुराग पांडेय ने एआर को-आपरेटिव पीके शुक्ला के साथ विपणन शाखा प्रथम केंद्र पर पहुंचे। इसके बाद उन्होंने विपणन शाखा के द्वितीय, तृतीय व चतुर्थ केंद्र का निरीक्षण कर किसानों से बात की। उन्होंने केंद्र प्रभारियों से कहा कि किसानों का गेहूं मानक के अनुरूप खरीदा जाए। गेहूं खरीद में मनमानी की शिकायत पर जिम्मेदार के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। किसानों ने पंजीकरण के उपरांत समय से ऑनलाइन अभिलेखों के सत्यापन न होने की बात कहीं। डिप्टी आरएमओ ने बताया कि तहसील स्तर से पंजीकरण का ऑनलाइन सत्यापन कराया जा रहा है। इसके बाद उन्होंने पीसीएफ के केंद्र का निरीक्षण किया। यहां पर गेहूं खरीद न होने पर डिप्टी आरएमओ ने नाराजगी जताई। केंद्र प्रभारी ने बताया कि बोरा समाप्त हो गया है, जिससे गेहूं खरीद प्रभावित है। इस पर एआर को-ऑपरेटिव ने पीसीएफ के जिला प्रबंधक को फोन कर फटकार लगाई और तुरंत बोरों की व्यवस्था कराने को निर्देशित किया। एआर को-आपरेटिव ने कहा कि केंद्र प्रभारियों को बोरा उपलब्ध कराया जाए। बोरे की कमी से गेहूं खरीद प्रभावित नहीं होनी चाहिए। लापरवाही बरतने पर बख्शा नहीं जाएगा।

कोटेदारों को गोदाम से उठाना होगा राशन: हरदोई : राशन वितरण प्रणाली के तहत कोटेदारों को खाद्यान्न पहुंचाने के लिए शुरू हुई सिगल स्टेप डिलेवरी सिस्टम व्यवस्था बंद हो गई है। मई में कोटेदारों से गोदाम से ही खाद्यान्न का उठान करना होगा। दो कार्यदायी संस्था के कोर्ट चले जाने और एक के कर्मचारी के कोरोना संक्रमित हो जाने से योजना बंद हो गई है।

जिले में 1629 सरकारी राशन की दुकानें हैं। जिनसे 7 लाख 78 हजार राशन कार्ड धारकों को राशन का वितरण किया जाता है। विभाग की ओर से राशन की दुकानों तक राशन पहुंचने के सिगल स्टेप डिलेवरी सिस्टम शुरू किया गया है।इससे तहत एफसीआई से सीधे राशन की दुकान तक खाद्यान्न पहुंचना था। कार्यदायी चार संस्था में से एक ने कार्य शुरू किया था। तीन संस्थाओं ने कार्य करने में असमर्थता जताई थी। उनमें से दो कोर्ट चली गई थी। जो एक संस्था कार्य कर रही थी। उसके कर्मचारी कोरोना संक्रमण की चपेट में आ गए। इससे पूरे जिले में सिगल स्टेप डिलेवरी सिस्टम की व्यवस्था बंद हो गई है। मई में कोटेदार को गोदाम से ही खाद्यान्न का उठान करना होगा। डीएसओ संजय पांडेय ने बताया कि दो संस्थाओं के कोर्ट जाने के कारण उन पर कार्रवाई नहीं हो पा रही है। वहीं एक के कर्मचारी कोरोना संक्रमित हो गए हैं। इसलिए मई में पुरानी व्यवस्था के तहत राशन का उठान किया जाएगा।

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