बारिश से हर ओर परेशानी, बढ़ी ठंडक

जागरण टीम हापुड़ रविवार सुबह से शुरू हुई बारिश रातभर होती रही। यहीं हाल सोमवा

JagranMon, 18 Oct 2021 07:03 PM (IST)
बारिश से हर ओर परेशानी, बढ़ी ठंडक

जागरण टीम, हापुड़:

रविवार सुबह से शुरू हुई बारिश रातभर होती रही। यहीं हाल सोमवार को भी रहा। बारिश से किसानों के चेहरों पर उदासी छा गई है। वहीं मौसम का मिजाज भी बदल गया। बारिश होने से ठंड ने दस्तक दे दी है। ऐसे में चिकित्सक बच्चों एवं वृद्धों के लिए सावधानी बरतने की हिदायत दे रहे हैं। कई निचले इलाको में हल्का जलभराव हो गया। शहरी और ग्रामीण इलाकों में फाल्ट होने के कारण विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। फ्रीगंज रोड पर एक पेड़ की शाखा भी गिर गई। सोमवार को अधिकतम तापमान 23 और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रहा।

रविवार की रात जनपद में जमकर बारिश हुई। सोमवार सुबह भी रुक-रुककर बारिश होती रही है। सप्ताह का पहला दिन यानी सोमवार अक्सर कामकाजी दिन होता है। सुबह से हो रही बारिश के कारण लोगों को नौकरी एवं दुकानदारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। लगातार हो रही बारिश के कारण ठंडक बढ़ने से लोगों ने एसी और कूलर बंद कर दिए हैं। पंखे भी नाम मात्र को चलाए जा रहे हैं।

बारिश के कारण लोगों को दिनभर परेशानी का सामना करना पड़ा। बाजारों में ग्राहक सिर्फ जरूरी सामान लेने के लिए पहुंचे। दोपहिया वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश के कारण कई वाहन चालकों ने अपने अपने वाहन होटलों पर खड़े कर लिए थे। शाम को लोग जल्द अपने घरों को लौटने लगे थे। बेमौसम बारिश से किसानों की उड़ी नींद

बेमौसम बारिश किसानों पर भारी पड़ रही है। मौसम वैज्ञानिकों ने मंगलवार को भी बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में नमी की वजह से धान का दाना काला पड़ सकता है। धान की फसल चौपट होने से किसानों के सामने आर्थिक संकट की समस्या खड़ी हो गई है।

जनपद में धान का लगभग 24 हजार हेक्टेयर रकबा है। इस बार शुरू से ही मौसम धान की फसल के अनुकूल नहीं रहा। बुवाई के समय बारिश नहीं हुई। किसान बारिश का इंतजार करते रहे, इस वजह से बुवाई लेट हो गई। इसके बाद रुक-रुककर बारिश का दौर चलता रहा। सितंबर के आखिरी सप्ताह में फसल पकनी शुरू हो गई तो कई बार बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ाईं। अब फसल पकने के बाद कटाई शुरू हुई तो बेमौसम बारिश ने किसानों के सामने मुश्किलें खड़ी कर दी है। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि नुकसान के संबंध में नियमानुसार आंकलन कराया जाएगा। क्या कहते हैं किसान

धान की कटाई शुरू हो चुकी है। ऐसे में बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया है, जिससे फसल तबाह हो गई है। किसानों के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है।

- शिवकुमार राणा, किसान पहले से ही किसान परेशान हैं। गन्ना भुगतान नहीं होना और डीजल की बढ़ती कीमत और महंगाई ने किसान को रुला दिया है। अब बारिश ने रही सही कसर पूरी कर दी है।

- ओम किरण, किसान बेमौसम बारिश ने किसानों के सपनों पर पानी फेर दिया है। त्योहारी सीजन में बारिश ने किसानों के सामने संकट खड़ा कर दिया है। किसान परेशान हैं।

- योगेश सपनावत, किसान मौसम वैज्ञानिक अभी बारिश बता रहे हैं। ऐसे में खेतों में धान बारिश में भीगा तो उसका दाना काला पड़ सकता है। जिसे बेचने में परेशानी होगी।

- प्रेमपाल सिंह, किसान क्या कहते हैं मंत्री:

बारिश के चलते किसानों के होने वाले नुकसान का आंकलन करने के लिए सर्वे कराया जाएगा। सर्वे कराकर

नुकसान का आंकलन किया जाएगा।

- कैप्टन विकास गुप्ता, अध्यक्ष, कृषि अनुसंधान परिषद उ.प्र ट्रांसफार्मर खराब से बीस घंटे गुल रही आधे क्षेत्र की बिजली

संवाद सहयोगी, पिलखुवा:

रविवार रात बारिश के चलते एक बार फिर खेड़ा बिजली घर में स्थित ट्रांसफार्मर खराब हो गया। इसके चलते दर्जनों गांव और लगभग आधे शहर की बिजली गुल रही। लगभग बीस घंटे तक बिजली सप्लाई प्रभावित होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बाहर बारिश और कमरे में मच्छरों के आतंक के चलते लोगों ने रात जागकर गुजारी।

बता दें कि खेड़ा बिजली घर में हाल ही में ट्रांसफार्मर बदला गया था। रविवार को बारिश होते ही ट्रांसफार्मर खराब हो गया और रात में आठ बजे क्षेत्र की बिजली प्रभावित हो गई। खेड़ा, सिखेड़ा, बझेड़ा, छिजारसी आदि गांव एवं शहर के मोहल्ला रजनी विहार, वैष्णो कालोनी, मोहननगर, जाटान आदि कालोनियों की बिजली प्रभावित रही। सोमवार दोपहर तीन बजे बिजली सप्लाई शुरू होने पर लोगों को राहत की सांस ली। ऊर्जा निगम डिवीजन द्वितीय के अधिशासी अभियंता भूपेंद्र सिंह का कहना है कि ट्रांसफार्मर गारंटी में है। कंपनी को वापस भेजा जाएगा। फिलहाल यूपीएसआइडीसी में रखे अतिरिक्त ट्रांसफार्मर को खेड़ा बिजली घर में लगाकर सप्लाई शुरू की जा रही है। बारिश ने धोया प्रदूषण, सांस लेने लायक हुई हवा

जागरण संवाददाता, हापुड़:

बारिश के चलते प्रदूषण पर बड़ा असर पड़ा है। हवा सांस लेने लायक हो गई। जनपद में पीएम 10 और पीएम 2.5 मानक से साढ़े तीन गुना ज्यादा रहे।

पीसीबी के अधिकारियों का कहना है कि बारिश से अगले एक दो दिन में प्रदूषण में और भी ज्यादा कमी देखने को मिलेगी, जिसका असर रविवार शाम को ही देखने को मिला। यहां पर एक्यूआइ शनिवार के मुकाबले करीब 100 अंक गिरकर 204 पर दर्ज किया गया, जो येलो जोन में मापा गया है। जबकि सोमवार को एक्यूआइ 100 अंकों से नीचे आ गया। यूपीपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी उत्सव शर्मा का कहना है कि बारिश से प्रदूषण के कण नीचे जमीन पर गिरेंगे और वायुमंडल साफ होने से प्रदूषण में कमी आएगी। संवाद सहयोगी, गढ़मुक्तेश्वर/सिभावली

18 एचपीआर 13

बारिश के कारण सड़कों पर जलभराव हो गया। इसके चलते लोगों को आवागमन परेशानी का सामना करना पड़ा। बाजारों में भी रौनक कम रही।

बारिश के कारण नगर के शहीद चौक के अलावा, तहसील मार्ग, मीरा रेती मार्ग, स्याना मार्ग पर पानी भर गया। वहीं रविवार रात से शुरू हुई बिजली की आंख मिचौली सोमवार को भी होती रही। बिजली कटौती से गढ़ नगर के अलावा, लोदीपुर, ढाना, बक्सर, सिभावली, झड़ीना, हरोड़ा, बहादुरगढ़ आदि क्षेत्र में प्रभावित रहे। ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता केपी पुरी ने बताया कि बारिश के दौरान तेज हवा चलने के कारण बिजली कटौती की गई।कई स्थानों पर फाल्ट भी हुए हैं, जिन्हें सही कराया जा रहा है। टीन शेड पर गिरी आकाशीय बिजली, गाय घायल

संवाद सहयोगी, गढ़मुक्तेश्वर:

बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र के गांव नगला बड़ निवासी किसान अनवार खान ने घर पर पशुओं के लिए टीन शेड की कोठरी बनाई हुई है। सोमवार सुबह को टीन की कोठरी पर आकाशीय बिजली गिर गई, जिसके कारण उसकी सारी टीन टूट गई, जबकि एक गाय घायल हो गई। पीड़ित ने प्रशासन के अधिकारियों से राहत सहयोग राशि दिलाने की मांग की है। वहीं नगर के मोहल्ला मंडीचौब निवासी आदेश गिरी मकान के निकट खेल रहा था, तभी वहां पर मकान की दीवार गिर गई, जिसकी चपेट में आने से उसका बच्चा घायल हो गया। जबकि कई पशु भी चोटिल हो गए। एसडीएम अरविद द्विवेदी ने मामले की जानकारी होने से इंकार कर जांच कर संबंधित कार्रवाई करने की बात कही है।

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