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स्वच्छ भारत मिशन : गांवों में बनेंगे सालिड लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट

स्वच्छ भारत मिशन : गांवों में बनेंगे सालिड लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट

कृपया रात 11 बजे के बाद ऑनलाइन करें ---------- 10एचपीआर-34 गौरव भारद्वाज हापुड़ गांव

JagranWed, 10 Mar 2021 07:22 PM (IST)

कृपया रात 11 बजे के बाद ऑनलाइन करें

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10एचपीआर-34 गौरव भारद्वाज, हापुड़ :

गांवों में गंदे पानी की निकासी और उसके उपयोग के लिए जल्द ही सालिड लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाए जाएंगे। पंचायत विभाग ने इन प्लांट्स के लिए माडल तैयार किया है। इन प्लांटों पर जनसंख्या के हिसाब से धनराशि खर्च की जाएगी। इसके लिए 19 मार्च को जिला स्तर पर लखनऊ से आई टीम विभाग के अधिकारियों को प्रशिक्षण देगी। गांवों में गंदे पानी की निकासी के लिए कोई इंतजाम नहीं हैं। इस कारण पानी गलियों में खड़ा रहता है। पंचायत विभाग के पास अधिकांश शिकायतें पानी की निकासी न होने की आ रही हैं। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए पंचायत विभाग ने सालिड लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के लिए एक माडल तैयार किया है। इसी माडल के अनुसार सभी गांवों में प्लांट के निर्माण के लिए ग्राम पंचायतों से प्रस्ताव मांगा गया है। यह प्रस्ताव गांवों की आबादी के अनुसार तैयार किया जाएगा। इसमें गंदे पानी की निकासी को प्राथमिकता दी जाएगी। गांवों में सालिड लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट स्थापित करने का प्रस्ताव शासन ने पंचायत राज विभाग के अधिकारियों को भेजा है। जिला स्तर से स्वीकृति मिलने के बाद धनराशि की जाएगी। जिसके बाद काम शुरू किया जाएगा।

जिला पंचायत राज अधिकारी यावर अब्बास ने बताया कि सालिड लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के लिए 57 और 54 गांव चिन्हित कर लिए हैं। पहले 19 मार्च को लखनऊ की टीम जिला स्तर पर प्रशिक्षण देगी। उसके बाद लखनऊ में भी 22 मार्च को पहुंचकर प्रशिक्षण लिया जाएगा। दो भागों में बांटे गांव

शासन द्वारा यह योजना स्वच्छ भारत मिशन(ग्रामीण) फेज-2 के अंतर्गत कराए जाएंगे। इसके लिए शासन ने गांवों को दो भागों में बांटा है। पहले भाग में पांच हजार से अधिक जनसंख्या वाले और दूसरे भाग में पांच हजार से कम जनसंख्या वाले गांवों को चिन्हित करना है। पंचायती राज विभाग ने पहले भाग में 57 गांव और दूसरे भाग में 54(20 प्रतिशत) गांव चिन्हित किए हैं। जनसंख्या के अनुसार मांगा जाएगा बजट

सालिड लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए जनसंख्या के अनुसार धनराशि मांगी जाएगी। पांच हजार से कम आबादी वाले गांव में 340 रुपये प्रति व्यक्ति की दर से धनराशि मांगी जाएगी। जबकि पांच हजार से अधिक आबादी वाले गांव में 705 रुपये प्रति व्यक्ति की दर से धनराशि मांगी जाएगी। चिन्हित गांवों की सूचना वेबसाइट पर अपलोड कर दी है। ये किए जाएंगे कार्य

इस योजना के अंतर्गत लिक्विड, प्लास्टिक, पालीथिन, ठोस और तरल अपशिष्ट का प्रबंधन कर गांवों में ही निस्तारण कराया जाएगा। इसमें सोख्ता, कंपोस्ट पिट, वेस्ट स्टेबलाइजेशन, नालियों का निर्माण, नालों की टेपिग आदि कार्य किया जाएगा, जिससे निकलने वाले पानी को एक ही स्थान एकत्र किया जाएगा। क्या है वेस्ट स्टेबलाइजेशन पांड

गांवों में वेस्ट स्टेबलाइजेशन पांड स्थापित किए जाएंगे। इसमें तालाबों में जाने वाले दूषित पानी से कचरा साफ किया जाएगा। इसके लिए शासन ने केंद्र सरकार से मिली डीपीआर भेज दी है। जिसमें तालाब से पहले चार गड्ढे अलग-अलग ऊंचाई के बनाए जाएंगे। पहले गड्ढे में पानी भरने के बाद दूसरे में और दूसरे से भरने के बाद तीसरे गड्ढे में जाएगा। उसके बाद तालाब में पानी जाएगा, जो साफ होगा। इन तीनों गड्ढों में एकत्र होने वाले कचरे को निर्धारित समय पर निकाला जाएगा। ठोस कचरा को दो श्रेणियों सूखा व गीला कचरा में विभाजित किया जाएगा। वहीं तरल कचरा को भी दो श्रेणियों काला पानी व भूरा पानी में विभाजित किया जाएगा।

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