मीटर रीडरों के कारण बिगड़े हालात, बिलों में दर्ज हो रही गड़बड़ी

मीटर रीडरों के कारण बिगड़े हालात, बिलों में दर्ज हो रही गड़बड़ी
Publish Date:Sat, 19 Sep 2020 08:43 PM (IST) Author: Jagran

जागरण संवाददाता, हापुड़ :

ऊर्जा निगम में बिलिग कंपनी के कारण हालात खराब होते जा रहे हैं। आए दिन मीटर रीडरों की गड़बड़ी का खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि अनुमानित और आरडीएफ (रीडिग डिफाल्टर) बिलों के कारण उपभोक्ताओं को नुकसान हो रहा है। सैकड़ों उपभोक्ताओं के बिल दो से चार माह के बाद अचानक सैकड़ों रीडिग दर्ज कर बना दिए गए हैं, जिन्हें ठीक कराने के लिए उपभोक्ता अधिकारियों के कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, जहां उनसे सुविधा शुल्क वसूलने के आरोप लग रहे हैं।

दरअसल, घर-घर जाकर रीडिग लेने का कार्य मीटर रीडर करते हैं। यह मीटर रीटर एक बिलिग कंपनी के माध्यम से काम करते हैं। लंबे समय से ऊर्जा निगम में विद्युत मीटरों में गड़बड़ी को लेकर शिकायतें हो रही हैं। यह शिकायतें मीटर में रीडिग स्टोर करके, मीटर बैक करके और डिस्पले गायब करने के आधार पर हो रही हैं। राष्ट्रीय हिदू युवा वाहिनी के जिलाध्यक्ष रितिक त्यागी इसकी शिकायतें कर रहे हैं, जिसका संज्ञान लेते हुए कुछ मीटर रीडरों को हटाया गया था। साथ ही कुछ पर मुकदमे के लिए थानों में तहरीर दी गई थीं।

अब एक बार फिर मीटर रीडरों की गड़बड़ी से संबंधित मामला उजागर हुआ है। इसको लेकर शिकायतें हो रही हैं। क्योंकि इससे सैकड़ों उपभोक्ताओं को नुकसान हुआ है। उपभोक्ताओं के बिल दो से चार माह बाद बनाए गए हैं। इससे एक-एक उपभोक्ताओं को हजारों रुपये माह का बिल भेजा गया है। यहां तक कि अनुमानित और आरडीएफ के बिल भी लगातार उपभोक्ताओं को भेजे जा रहे हैं। उपभोक्ता सुरेश चंद ने बताया कि जब वह अपने घर के बिल को सही कराने के लिए टाउन हाल बिजली घर पर गए तो उनसे बिल ठीक करने के नाम पर सुविधा शुल्क मांगा गया। सुविधा शुल्क न देने पर बिल को सही नहीं किया जा रहा है। यही हाल जिले के अन्य उपभोक्ताओं का भी है।

इस संबंध में अधीक्षण अभियंता यूके सिंह का कहना है कि आरडीएफ और अनुमानित बिलों को ठीक करने के आदेश दिए गए हैं। घर-घर जाकर टीमें बिल ठीक कर रही हैं। जिन मीटर रीडरों ने यह गड़बड़ी की है, उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होगी।

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