अच्छी खबर : सिस्टम ने निभाई जिम्मेदारी, 94 फीसदी पौधे देंगे हरियाली

अच्छी खबर : सिस्टम ने निभाई जिम्मेदारी, 94 फीसदी पौधे देंगे हरियाली

जागरण संवाददाता हापुड़ हरियाली की चाह रखने वालों के लिए अच्छी खबर है। पिछले वर्ष सर

Publish Date:Sat, 16 Jan 2021 06:36 PM (IST) Author: Jagran

जागरण संवाददाता, हापुड़

हरियाली की चाह रखने वालों के लिए अच्छी खबर है। पिछले वर्ष सरकारी विभागों द्वारा जिले में रोपे गए कुल पौधों में से 94.65 फीसदी पौधे जीवित हैं। बड़े होकर ये पौधे पर्यावरण को हरा-भरा बनाएंगे। वन विभाग द्वारा कराए गए सर्वे की रिपोर्ट ने अफसरों को राहत दी है। जबकि पिछले वर्ष 23 फीसदी पौधे सिस्टम की लापरवाही की भेंट चढ़ गए थे, जिसको लेकर अफसरों की कार्यशैली पर सवाल खड़े हुए थे। वन विभाग खुद और सभी सरकारी विभागों द्वारा हर बारिश से पहले लाखों पौधे लगवाए जाते हैं। इस पर करोड़ों रुपए भी खर्च होते हैं। इसके बावजूद इनमें से आधे से अधिक पौधे देखरेख और सुरक्षा नहीं मिलने पर समय से पहले ही दम तोड़ देते थे। वैसे वन विभाग का आकलन है कि रोपे पौधों में से 10 से 20 प्रतिशत ही पौधे नहीं पनप पाते हैं, लेकिन कई जगह यह आकलन गलत नजर आता था। पिछले साल रोपे गए पौधों में से 23 फीसदी पौधे लापरवाही की भेंट चढ़ गए थे। जबकि इस बार ऐसा नहीं हुआ है। वित्तीय वर्ष 2020-21 के जुलाई-अगस्त माह में जिले में 11.23 लाख पौधे रोपे गए थे। वन विभाग द्वारा दिसंबर माह में पौधों की जीवितता के लिए सर्वे कराया गया। इसकी रिपोर्ट अब तैयार हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक 25 सरकारी विभागों में से 17 विभागों के पौधों की जीवितता शत प्रतिशत आई है। जबकि शेष आठ विभागों के पौधों की जीवितता 80 फीसदी या उससे ऊपर है। यानि कुल पौधों में से 94.65 फीसदी पौधे जीवित हैं। वन विभाग के अपर सांख्याधिकारी ममित राणा ने बताया कि विभाग की सर्वे रिपोर्ट राहत देने वाली है। जिले में पिछले वर्ष रोपे गए पौधों में से 94.65 फीसदी पौधे जीवित हैं। इन पौधों को जीवित रखने के लिए सभी प्रयास किए जाएंगे। -------- पौधारोपण के लिए शासन से मिलता है धन शासन द्वारा हर साल पौधारोपण का जिले को लक्ष्य दिया जाता है। जिसे वन विभाग द्वारा सरकारी विभागों में आवंटित किया जाता है। पौधे के लिए एक गड्ढा खोदने को पांच रुपये 60 पैसे सरकार से मिलता है। इसके अलावा वन विभाग द्वारा निश्शुल्क पौधे वन विभाग को उपलब्ध कराए जाते हैं। तीन साल तक पौधों के देखरेख की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होती है। पिछले वर्ष शासन से मिले 10.72 लाख पौधे रोपने का लक्ष्य मिला था। जबकि विभागों ने 11.23 लाख पौधे रोपे। जिनमें से 10.63 लाख पौधे जीवित हैं। इनमें शीशम, कंजी, कचनार, अर्जुन, सागौन, अमलतास, अमरूद, आम, जामुन, बबूल, छितवन, आंवला, नीम, गोल्डमोहर, चिलबिल आदि प्रजातियों के पौधे हैं। -------- वर्ष 2019-20 में रोपे गए पौधों की जीवितता

विभाग का नाम रोपे पौधे जीवित पौधे जीवितता प्रतिशत वन विभाग 360558 360558 100 पर्यावरण विभाग 53101 53101 100 ग्राम्य विकास विभाग 361900 325260 89.88 औद्योगिक विकास विभाग 7100 7100 100 नगर विकास विभाग 45011 40261 89.45 लोक निर्माण विभाग 19200 19200 100 जल शक्ति विभाग 9200 9200 100 रेशम विभाग 34807 33415 96 कृषि विभाग 69470 55250 79.53 पशुपालन विभाग 5200 5200 100 सहकारिता विभाग 1700 1700 100 उद्योग विभाग 7100 5660 79.72 विद्युत विभाग 5000 5000 100 माध्यमिक शिक्षा 15000 15000 100 बेसिक शिक्षा 12160 12160 100 प्राविधिक शिक्षा 3900 3740 95.90 उच्च शिक्षा 14700 14700 100 श्रम विभाग 2800 2765 98.75 स्वास्थ्य विभाग 1000 1000 100 परिवहन विभाग 2800 2800 100 रेलवे विभाग 22700 22700 100 उद्यान विभाग 25100 23594 94 गृह विभाग 1000 1000 100 राजस्व विभाग 2000 2000 100 पंचायती राज विभाग 41200 41200 100 कुल योग 1123707 1063564 94.65 --------- पिछले पांच साल में किए गए पौधारोपण की रिपोर्ट वर्ष रोपे गए पौधे 2015-16 157729 2016-17 231160 2017-18 197249 2018-19 600649 2019-20 1081279 2020-21 1123707

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