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अच्छी खबर: 14.36 करोड़ से 273 ग्राम पंचायतों का होगा कायाकल्प

गौरव भारद्वाज, हापुड़

लॉकडाउन के बाद अब जिले की 273 ग्राम पंचायतों में विकास की बयार बहने जा रही है। 15वें वित्त आयोग के तहत ग्राम पंचायतों को मिलने वाली धनराशि से ग्राम पंचायतों का कायाकल्प होगा। शासन ने जनपद के लिए 14.36 करोड़ रुपये का आवंटन कर दिया है। इसमें ग्राम पंचायत, जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत की धनराशि अलग-अलग है। इस धनराशि से गांवों में पंचायत भवन और शौचालयों का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा। शेष धनराशि से आंगनबाड़ी केंद्र और स्कूलों का जीर्णोद्धार कराया जाएगा।

लॉकडाउन के कारण गांवों में विकास कार्यों पर ब्रेक लग गया था। इसलिए हर कोई चाहता है कि बचे हुए कार्यकाल में उनके गांव में ज्यादा से ज्यादा काम हो सकें। इसलिए प्राथमिकता उन कामों को दी जाएगी जो सबसे ज्यादा जरूरी हैं। शासन स्तर से धनराशि न मिलने के चलते विकास कार्य रुके हुए थे। जबकि लॉकडाउन से पहले शासन ने 15वें वित्त आयोग से ग्रांट देने के लिए लिस्ट मांगी थी। इसके लिए जिला पंचायत राज अधिकारी यावर अब्बास ने गांवों के प्रधान और सचिवों से मिलकर विकास कार्यों की लिस्ट तैयार करने के निर्देश दिए थे। लॉकडाउन के चलते यह कार्य पूरा नहीं हो पाया था। जून माह में अनलॉक-1 शुरू होने के बाद लिस्ट शासन को भेजी गई, जिसके बाद शासन ने जनपद को 15वें वित्त आयोग से मिलने वाली धनराशि का आवंटन कर दिया है। जिला पंचायत राज अधिकारी यावर अब्बास ने बताया कि शासन ने जनपद की 273 ग्राम पंचायतों के लिए 10 करोड़ रुपये का आवंटन किया है, जबकि जिला पंचायत के लिए दो करोड़ 19 लाख रुपये आवंटित किए हैं। यही नहीं जनपद की चारों क्षेत्र पंचायतों को भी दो करोड़ 17 लाख रुपये आवंटित किए हैं, जिनमें गढ़मुक्तेश्वर के लिए 46 लाख रुपये, सिभावली के लिए 46 लाख रुपये, धौलाना के लिए 50 लाख रुपये और हापुड़ के लिए 75 लाख रुपये आवंटित किए हैं। इस धनराशि से ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन और शौचालयों का प्राथमिकता के आधार पर निर्माण कराया जाएगा। शेष धनराशि से आंगनबाड़ी केंद्र और स्कूलों का जीर्णोद्धार कराया जाएगा।

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ग्राम प्रधान और सचिवों के खोले जाएंगे संयुक्त खाते

14वें वित्त की शुरुआत वित्तीय वर्ष 2013-14 में हुई थी। इसके तहत केंद्रीय और राज्यीय वित्त की राशि खातों में अलग-अलग जारी की जाती है। पिछले वित्तीय वर्ष में जिले में दो किस्तों के माध्यम से 59 करोड़ रुपये जारी किए गए थे। इस धनराशि से ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालय, नाली, सीसी रोड, खड़ंजे और सोलर लाइटें आदि लगाई गई थीं। अब इस वर्ष से 15वां वित्त लागू हो गया है। 15वें वित्त के तहत जिला पंचायज राज आयोग ने जिले के 273 ग्राम पंचायतों के प्रधानों व सचिवों के ग्राम निधि के केंद्रीय वित्त व राज्यीय वित्त के बैंक खाते अलग-अलग खोल दिए गए हैं, जिसका डाटा बनाकर शासन को भेजा जा चुका है।

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