व्यक्तिगत दावा भुगतान में भी किसानों को मिला धोखा

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में कंपनी की मनमानी

JagranWed, 29 Jan 2020 11:07 PM (IST)
व्यक्तिगत दावा भुगतान में भी किसानों को मिला धोखा

जागरण संवददाता, महोबा: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में कंपनी की मनमानी किसानों पर भारी पड़ रही है। प्राकृतिक कारणों से फसल खराब होने पर किए जाने वाले व्यक्तिगत दावा भुगतान में भी बीमा कंपनी ने किसानों के साथ धोखा किया। मात्र सात फीसद दावे स्वीकार किए। शेष किसान आस लगाए बैठे रहे।

आपदाग्रस्त बुंदलेखंड में किसानों को राहत देने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना शुरू की गई। किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) धारक की फसल बीमा का प्रीमियम उनके खाते से जमा होता है, जबकि गैर ऋणी किसान स्वेच्छा से आवेदन कर सकते हैं। बेमौसम बारिश ने खरीफ फसल पर पानी फेरा तो जिले के 2600 किसानो ने व्यक्तिगत दावे किए। सभी दावों को कंपनी कार्यालय ने रिसीव किया। इसके बाद उच्चाधिकारियों के पास क्लेम भेजते समय मात्र 187 किसानों (7.19 फीसद) के ही दावे स्वीकार किए। शेष के दावे विभिन्न कारण बता अस्वीकार कर दिए गए। कंपनी कर्मचारियों ने दावे अस्वीकार करने के लिए सूचना विलंब से देने, सही प्रपत्र पर सूचना न देने आदि का बहाना बनाया। 187 में 137 किसानों को भुगतान किया गया और शेष विचाराधीन हैं।

--------------

क्या है व्यक्तिगत दावा

खेत में फसल होने अथवा काट कर खलिहान में रखी होने पर दैवीय आपदा से नुकसान होने के 72 घंटे के अंदर किसान को व्यक्तिगत दावे के लिए कृषि विभाग अथवा कंपनी को सूचना देनी होती है। कंपनी को दावे की तत्काल जांच कर एक पखवाड़े में नुकसान की 25 फीसद धनराशि का भुगतान करना होता है।

-----------

जलभराव, भूस्खलन व आंधी की वजह से होने वाले नुकसान को व्यक्तिगत दावे में स्वीकार किया जाता है। अतिवृष्टि का दावा सामान्य क्लेम में जाता है। 187 किसानों के दावे ही जलभराव में पाए गए, शेष अतिवृष्टि से संबंधित होने के कारण अस्वीकार कर दिए गए।

-मनोज कुशवाहा, जिला समन्वयक यूनिवर्सल सोम्पो जनरल इंश्योरेंस

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.