गोरखपुर चिडिय़ाघर में ले सकेंगे 7 डी थियेटर का मजा; बारिश, बिजली का आभास कराएगा थियेटर

गोरखपुर चिडिय़ाघर में 7 डी थियेटर शुरू होने जा रहा है। चिडिय़ाघर प्रशासन इसके लिए सभी प्रक्रिया पूरी कर चुका है। चिडिय़ाघर का यह थियेटर दर्शकों को जल-जंगल का महत्व बताएगा। इसमें मूवी देखते समय दर्शकों को विशेष इफेक्ट के जरिये बारिश बिजली धुआं मिट्टी व खुश्बू का आभास होगा।

Pradeep SrivastavaSun, 26 Sep 2021 09:01 AM (IST)
गोरखपुर चिडिय़ाघर में 7 डी थियेटर शुरू होने जा रहा है। - फाइल फोटो

गोरखपुर, जागरण संवाददाता। गोरखपुर चिडिय़ाघर के दर्शकों के लिए एक अच्छी खबर है। चार दिन बाद से वह चिडिय़ाघर में 7 डी थियेटर का लुफ्त ले सकेंगे। चिडिय़ाघर प्रशासन इसके लिए सभी प्रक्रिया पूरी कर चुका है। चिडिय़ाघर का यह थियेटर दर्शकों को जल-जंगल का महत्व बताएगा। इसमें मूवी देखते समय दर्शकों को विशेष इफेक्ट के जरिये बारिश, बिजली, धुआं, मिट्टी व खुश्बू का आभास होगा। मूवी देखते समय दर्शक को आभास होगा कि वास्तविक नजारा देख रहे हैं। दर्शक जिस कुर्सी पर बैठकर मूवी देखेंगे वह विशेष जरूरत पर 360 डिग्री पर तक घूम जाएगी।

थियेटर शुभारंभ के लिए सभी प्रक्रिया पूरी कर चुका है चिडिय़ाघर प्रशासन

2.23 करोड़ की लागत से चिडिय़ाघर में बने इस 48 सीटर 7-डी थियेटर में लोग 3-डी फिल्मों को देखने के साथ 13 तरह के विशेष इफेक्ट देख व महसूस कर सकते हैं। थियेटर की सीट सभी दिशाओं में मूव कर सकती है। राजकीय निर्माण निगम इलेक्ट्रिक ङ्क्षवग यूनिट टू ने इस थियेटर का निर्माण किया है।

थियेरटर में लाइट, साउंड, आग, तूफान का आभास होगा

चिडिय़ाघर के प्रोजेक्ट मैनेजर डीबी स‍िंंह ने बताया कि इस थियेरटर में लाइट, साउंड, आग, तूफान, बिजली, हवा, धुआं, बारिश, बुलबुले, बर्फबारी, गंध के साथ छह तरह के चेयर इफेक्ट का आभास होगा। थियेटर में मूवी देखते समय दर्शक यह महसूस करेंगे कि वह खुद उस स्थल का एक हिस्सा हों।

इनका जाना होगा प्रतिबंधित

थियेटर में गर्भवती महिलाएं, हृदयरोगी व छह वर्ष से कम आयु के बच्चों का थियेटर जाना प्रतिबंधित होगा। थियेटर में मूवी के जरिये दर्शकों को जल-जंगल का महत्व बताया जाएगा।

7 डी थियेटर के लिए सभी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। तीन से चार दिन में लोग इस थियेटर में मूवी का लुफ्त ले सकेंगे। थियेटर के लिए लोगों को अलग टिकट लेना होगा। यह लोगों के लिए रोमांचक होने के साथ ज्ञानवर्धक भी होगा। - डा.एच मोहन राजा, निदेशक चिडिय़ाघर।

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