World AIDS Day: महराजगंज के तराई में एचआइवी से ग्रसित हैं 1871 मरीज

महराजगंज जिले में एचआइवी (ह्युमन इम्युनोडेफिशिएंशी वायरस) सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्या बनती जा रही है। भले ही चिकित्सक और स्वयं सेवी संस्थाएं इस बीमारी के इलाज और बचाव के लिए काम कर रहीं हैं। जाने-अनजाने में महराजगंज की तराई में अभी भी 1871 मरीज इस समस्या से जूझ रहे हैं।

Navneet Prakash TripathiWed, 01 Dec 2021 08:50 AM (IST)
महराजगंज के तराई में एचआइवी से ग्रसित हैं 1871 मरीज। प्रतीकात्‍मक फोटो

गोरखपुर, नीरज श्रीवास्तव। महराजगंज जिले में एचआइवी (ह्युमन इम्युनोडेफिशिएंशी वायरस) सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्या बनती जा रही है। भले ही चिकित्सक और स्वयं सेवी संस्थाएं इस बीमारी के इलाज और बचाव के लिए काम कर रहीं हैं। लेकिन जागरूकता के अभाव में जाने-अनजाने में महराजगंज की तराई में अभी भी 1871 मरीज इस समस्या से जूझ रहे हैं।

प्रत्‍येक वर्ष संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं ढाई से तीन सौ लोग

तराई के इस महराजगंज में प्रत्येक वर्ष कम से 250 से 300 मरीज एचआइवी के संक्रमण की जद में आ रहे है। इसके पीछे अशिक्षा व जागरूकता की कमी सामने आ ही रही है। लेकिन तमाम स्वयं सेवी संस्थाओं की जागरूकता अभियान तराई में आकर दम तोड़ दे रही है। जैसे-जैसे जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, वैसे ही वैसे मरीजों की संख्या में भी वृद्धि होती जा रही है। विभाग से जुड़े जानकारों की मानें तो ट्रक रूट तथा बाहर से लौटे कुछ लोग इस बीमारी को और बढ़ा रहे हैं। वर्तमान में 2557 मरीज एआरटी सेंटर पर पंजीकृत हैं। लेकिन इसमें 1871 मरीज की दवा चल रही है।

यह हैं आंकडे

वर्ष पीड़ित

2018-19 313

2019-20 295

2020-21 200

2021-22 140

नोट- एक अप्रैल 2021 से अब तक के आंकड़े। वर्ष 2020-21 में कोरोना के चलते पीड़ितों की संख्या कम रही।

वर्तमान स्थिति

कुल पंजीकृत मरीजों की संख्या- 2557

दवा ले रहे मरीजों की संख्या-- 1871

पुरुष संक्रमित- 1299

महिला संक्रमित- 1083

बालक संक्रमित- 106

बालिका संक्रमित- 62

अब तक आठ संक्रमितों की हुई शादी, 13 की तैयारी

जिला संयुक्त अस्पताल के फैसिलिटी इंट्रीग्रेटेड एंटी रेक्ट्रोवायरल ट्रीटमेंट सेंटर (एआरटी सेंटर) के माध्यम से आठ संक्रमित जोड़ों की शादी कराई जा चुकी है। अब वह खुशहाल दांपत्य जीवन व्यतीत कर रहे हैं। साथ ही विभाग अब 13 और जोड़ों की शादी कराने की तैयारी में है।

संक्रमित कोख में गूंजी सेहतमंद किलकारी

यह चिकित्सकों के बेहतर ट्रिटमेट की ही देन है कि एचआइवी संक्रमित महिलाआें ने भी सेहतमंद बच्चों को जन्म दिया है। अब तक आठ दंपती के घर में नौ बच्चों ने जन्म लिया है। जो पूरी तरह से निगेटिव हैं।

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