Railway News: अच्छे हैं गोरक्षनगरी के लोग, रेलवे स्टेशन की व्यवस्था उच्चस्तरीय

दरभंगा से दिल्ली जा रही 71 वर्षीय महिला यात्री की जान बची तो न सिर्फ पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक विनय कुमार त्रिपाठी को बल्कि रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ट्वीट कर धन्यवाद दिया है। उन्‍होंने कहा कि सीएम के शहर में स्‍टेशन की व्‍यवस्‍था शानदार है।

Navneet Prakash TripathiSat, 27 Nov 2021 12:18 PM (IST)
जान बची तो यात्री ने रेलमंत्री, मुख्यमंत्री और जीएम को किया ट्वीट। प्रतीकात्‍मक फोटो

गोरखपुर, जागरण संवाददाता। गंभीर रूप से बीमार महिला यात्री ने पूरी तरह ठीक होने के बाद न सिर्फ पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक विनय कुमार त्रिपाठी को बल्कि रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ट्वीट कर धन्यवाद दिया है। 71 वर्षीय यात्री प्रेम लता देवी व उनके स्वजन का कहना है कि गोरखनगरी के लोग अच्छे हैं। मुख्यमंत्री के शहर स्थित गोरखपुर रेलवे स्टेशन की व्यवस्था उच्चस्तरीय है। तैनात रेलकर्मियों ने स्टेशन पर सहयोग तो किया ही, जिला अस्पताल और बीआरडी मेडिकल कालेज में भी उनके साथ रहे। जाम से निकालकर मेडिकल कालेज पहुंचाया। समुचित इलाज नहीं हुआ तो आनन-फानन एयर एंबुलेंस कर दिल्ली भेजा। यह सेवाभाव अन्य संस्थानों व कर्मियों के लिए एक उदाहरण है। इसकी जितनी भी प्रशंसा की जाए कम है।

पूरी तरह ठीक होने के बाद महिला यात्री ने किया ट्वीट, किया गोरखपुर का गुणगान

दरअसल, 18 नवंबर को स्टेशन स्थित यात्री मित्र कार्यालय में तैनात डिप्टी एसएस कामर्शियल एसएन द्विवेदी को सूचना मिली कि 02569 दरभंगा-नई दिल्ली स्पेशल ट्रेन की बी-6 कोच में यात्रा कर रही महिला यात्री की तबीयत अचानक खराब हो गई है। डिप्टी एसएस कामर्शियल ने तकनीशियन सवारी एवं माल डिब्बा (यात्री मित्र) प्रशांत कुमार मिश्रा सहित अन्य कर्मियों को अलर्ट कर दिया। ट्रेन के गोरखपुर पहुंचते ही यात्री मित्र कार्यालय की टीम ने बीमार यात्री को उतार लिया। प्लेटफार्म पर ही प्राथमिक उपचार कराया।

गंभीर रूप से बीमार महिला यात्री को एयर एंबुलेंस कर दिल्ली पहुंचाया

यात्री की तबीयत गंभीर होने पर 108 नंबर के माध्यम से एंबुलेंस बुलाकर यात्री को जिला अस्पताल पहुंचा दिया। लेकिन जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने भी हाथ खड़े कर लिए। बीआरडी मेडिकल कालेज जाते समय एंबुलेंस जाम में फंस गई। लेकिन टीम ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के सहयोग से एंबुलेंस को मेडिकल कालेज पहुंचाया और प्राचार्य डा. गणेश कुमार से वार्ता कर उपचार की व्यवस्था कराई। लेकिन कालेज में भी समुचित इलाज नहीं मिला। स्वजन के आग्रह पर डिप्टी एसएस कामर्शियल ने एयर इंडिया के डायरेक्टर से बात कर एयर एंबुलेंस की व्यवस्था भी सुनिश्चित करा दी। दिल्ली में समय से इलाज होने पर यात्री पूरी तरह ठीक हो गईं। रेलकर्मियों के इस सेवाभाव से पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन भी गौरवान्वित हो रहा है।

स्टेशनों पर मिलती है उपचार की सुविधा

सफर में यात्रियों की तबीयत खराब होने पर रेलवे प्रशासन स्टेशनों पर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करता है। इसके लिए यात्री को कोच कंडक्टर, टीटीई या गार्ड को सूचना देनी होती है। हेल्प लाइन नंबर 139 पर भी जानकारी दे सकते हैं। सूचना मिलते ही स्टेशन पर तैनात यात्री मित्र रेलवे के डाक्टर के सहयोग से उपचार की व्यवस्था करते हैं। इस दौरान ट्रेन खड़ी रहती है। ठीक होने पर यात्री ट्रेन के साथ रवाना हो जाते हैं, लेकिन उन्हें यात्री मित्र को निर्धारित 200 रुपये शुल्क देना पड़ता है। अगर यात्री ठीक नहीं हुआ तो यात्री मित्र चिकित्सक के परामर्श से मरीज को पास वाले जिला अस्पताल या मेडिकल कालेज रेफर कर देते हैं। ट्रेन मरीज को छोड़ आगे के लिए रवाना हो जाती है।

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