अमीर बनने की चाह में बेचा जमीर, एक साल पहले मुखबिरों से हुई थी दारोगा की दोस्ती

लूट से संबंधित अपराधियों का प्रतीकात्‍मक फाइल फोटो।

दारोगा धर्मेंद्र यादव की दोस्ती एक साल पहले महराजगंज ठूठीबारी के इटहिया निवासी शैलेश यादव व निचलौल के मारवाड़ी टोला निवासी दुर्गेश अग्रहरी से हुई थी। वहीं से अमीर बनने के लिए लूट शूरू करने की तरकीब मिली।

Publish Date:Sat, 23 Jan 2021 04:29 PM (IST) Author: Satish chand shukla

गोरखपुर, जेएनएन। अमीर बनने की चाह में दारोगा व सिपाही ने अपना जमीर बेच दिया। मंहगी गाड़ी, बंगला खरीदने की ख्वाहिश में लूटपाट का रास्ता अख्तियार किया। सराफा कारोबारी व कर्मचारी के पास तस्करी का सोना होने की सूचना पर बंधक बनाकर गहने व रुपये लूट लिया। दारोगा व सिपाहियों को भरोसा था कि सर्राफ व कर्मचारी किसी से शिकायत नहीं करेंगे। लेकिन दांव उलटा पड़ गया।

साल भर पहले हुई थी दोस्‍ती

दारोगा धर्मेंद्र यादव की दोस्ती एक साल पहले महराजगंज, ठूठीबारी के इटहिया निवासी शैलेश यादव व निचलौल के मारवाड़ी टोला निवासी दुर्गेश अग्रहरी से हुई थी। बातचीत में दोनों ने दारोगा को बताया था कि नौतनवां, सोनौली व निचलौल में नेपाल बार्डर के पास दुकान चलाने वाले सराफा कारोबारी सोना, चांदी की तस्करी करते हैं। नेपाल से सोना व चांदी लगाकर गलाकर गोरखपुर, लखनऊ व कानपुर ले जाकर बेचते हैं, जिसका कोई हिसाब व कागजात नहीं होता है। इन लोगों को पकडऩे पर अच्‍छी कमाई भी होगी और कोई शिकायत नहीं करेगा। तस्करी करने वालों की सूचना मिल जाएगी। उनको केवल पकडऩा होगा। कोई कहीं शिकायत नहीं करेगा। पकड़े गए माल में आधा हिस्सा उन लोगों का होगा। अमीर बनने की चाहत में दारोगा धर्मेंद्र यादव अपना फर्ज भूल गया। शाहपुर में 29 दिसंबर की रात सराफा कारोबारी के कर्मचारियों से चांदी लूटने के बाद उसे भरोसा हो गया कि सूचना सही है। लूट करने पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। शैलेश व दुर्गेश के सूचना देने पर 20 जनवरी को निचलौल के रहने वाले दीपक वर्मा व रामू को बंधक बनाकर 19 लाख रुपये नकदी समेत 30 लाख के गहने लूट लिए।

डीआइजी/एसएसपी ने दी नसीहत न करें कोई गलत काम

पुलिस वालों के लूट के मामले में पकड़े जाने के बाद डीआइजी/एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने मातहतों को आचरण सुधारने की नसीहत दी है। थाना व चौकी प्रभारियों को पत्र लिखकर उन्होंने कहा है कि जनता से सही व्यवहार करें। ऐसा कोई काम ना करें जिससे खाकी दागदार हो। मामला सामने आने पर कार्रवाई होगी।

शाहपुर पुलिस ने रिमांड पर लेकर की पूछताछ

29 दिसंबर को दारोगा धर्मेंद्र यादव ने लखीमपुर खीरी, धौरहरा के रहने वाले सिपाही आलोक भार्गव, बस्ती के रहने वाले गाड़ी मालिक देवेंद्र यादव व महराजगंज के रहने वाले शैलेश व दुर्गेश अग्रहरी संग मिलकर रेती के सर्राफा कारोबारी सुशील वर्मा कर्मचारी गणेश गौड़ व गाड़ी चालक रमेश से शाहपुर के खजांची चौराहा पर नौ किलो चांदी व 10 ग्राम सोना लूटा था। दोनों कर्मचारी महराजगंज, सिसवा और निचलौल व्यापारियों से बकाया वसूली करके घर लौट रहे थे। वारदात में शामिल सिपाही आलोक भार्गव को पुलिस ने शुक्रवार की सुबह गिरफ्तार कर लिया। शाहपुर थानेदार संतोष ङ्क्षसह ने अन्य आरोपतिों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की। जिसमें उन्होंने अपना जुर्म कबूल किया। 

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