गोरक्षपीठाधीश्वर सीएम योगी आद‍ित्‍यनाथ के नेतृत्‍व में धूमधाम से न‍िकली विजयशोभा यात्रा

शुक्रवार को मुख्यमंत्री और गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ के नेतृत्‍व में धूमधाम से व‍िजयदशमी की भव्य विजयशोभा यात्रा न‍िकली। गोरक्षपीठाधीश्वर विजयरथ पर सवार होकर मानसरोवर मंदिर पहुंचेंगे और वहां वह शक्ति आराधना करने के बाद रामलीला मैदान में भगवान राम का तिलक करेंगे।

Pradeep SrivastavaFri, 15 Oct 2021 11:32 AM (IST)
गोरखनाथ मंद‍िर से न‍िकली गोरक्षपीठाधीश्‍वर की शोभायात्रा। - जागररण

गोरखपुर, जागरण संवाददाता। गोरखनाथ मंद‍िर से शुक्रवार को मुख्यमंत्री और गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ के नेतृत्‍व में धूमधाम से व‍िजयदशमी की भव्य विजयशोभा यात्रा न‍िकली। गोरक्षपीठाधीश्वर विजयरथ पर सवार होकर मानसरोवर मंदिर पहुंचेंगे और वहां वह शक्ति आराधना करने के बाद रामलीला मैदान में भगवान राम का तिलक करेंगे। रामलीला के मंच से मुख्यमंत्री का संबोधन भी होगा, जिसमें वह विजयादशमी का महत्व बताते हुए प्रदेशवासियों की पर्व की बधाई देंगे। देर शाम मंदिर परिसर में सामाजिक समरसता कायम रखने के लिए सहभोज का कार्यक्रम आयोजित है।

गोरखनाथ मंद‍िर से शुरू हुई विजयादशमी आराधना

इसके पूर्व शुक्रवार की सुबह से ही गोरखनाथ मंद‍िर में नाथ परंपरा के मुताबिक होने वाली विजयादशमी आराधना की शुरुआत की। शुरुआत श्रीनाथ जी के विशिष्ट पूजन से हुई। नाथ पंथ के विशिष्ट वाद्ययंत्र नागफनी, डमरू और शंख की गूंज के बीच विधि-विधान के साथ उन्होंने पहले श्रीनाथ जी और फिर मंदिर में मौजूद सभी देव-विग्रहों की पूजा-अर्चना कर आरती उतारी और भोग लगाया। पूजन का सिलसिला उस शक्तिपीठ से शुरू हुआ, जहां नवरा़त्र के दौरान पूरे नौ दिन मां भगवती यानी आदिशक्ति की आराधना हुई थी। मुख्यमंत्री ने मां आदिशक्ति के दरबार में हाजिरी लगाई। उसके बाद गाजे-बाजे की धुन की गूंज के बीच विशिष्ट पूजन के लिए श्रीनाथ जी के दरबार में पहुंचे। आधे घंटे से ज्यादा समय तक लगातार उन्होंने परंपरागत शैली में मोरपंख हिलाकर और घंटी बजाकर श्रीनाथ जी की पूजा की।

उसके बाद वह मंदिर परिसर में मौजूद सभी देव विग्रहों के दरबार में भी गए और उन्हें भी विजयादशमी के पावन अवसर पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा। सभी देव विग्रहों को भोग लगाकर उन्होंने श्रीनाथ जी की विशिष्ट पूजा सम्पन्न की। इसी क्रम में मुख्यमंत्री मंदिर की गोशाला में भी गए और वहां गो-सेवा की। गोशाला में उन्होंने गाय और बछड़ों की पूजा की और उन्हें भी भोग लगाया। इस दौरान नागफनी, शंख और डमरू की धुन से पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान रहा।

एटीएस कमांडों की सुरक्षा में में न‍िकली शोभायात्रा

गोरखनाथ मंदिर से निकलने वाले विजय शोभायात्रा की सुरक्षा-व्यवस्था को लेकर गुरुवार को पूरे दिन गोरखनाथ मंदिर में बैठक चली। शाम को एडीजी जोन व कमिश्नर ने फोर्स के साथ फ्लैग मार्च कर सुरक्षा-व्यवस्था का जायजा लिया। शोभायात्रा में गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हैं। इस बार शोभायात्रा एटीएस कमांडो और आरएएफ के घेरे में न‍िकली।

 

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