नौकरी छूटने से परेशान था युवक, पत्‍नी से झगड़ा के बाद फांसी लगाकर दे दी जान

शास्त्रीपुरम कालोनी निवासी रेलकर्मी हरि प्रसाद मिश्रा के दो बेटों में छोटा 34 साल के रवि प्रकाश उर्फ राम दिल्ली की प्राइवेट कंपनी में काम करते थे। कोरोना संक्रमण के दौरान नौकरी छूट जाने के बाद वह घर आ गए थे।

Satish Chand ShuklaWed, 28 Jul 2021 04:06 PM (IST)
पत्‍नी व बेटे के साथ रवि प्रकाश की फाइल फोटो, सौ.स्‍वजन।

गोरखपुर, जागरण संवाददाता। नौकरी छूटने से परेशान युवक ने मंगलवार की शाम फंदे से लटककर जान दे दी।घटना गोरखनाथ के शास्त्रीनगर कालोनी की है। एक दिन पहले विवाद होने पर बच्चे को लेकर पत्नी मायके चली गई थी।

नौकरी छूट जाने के बाद आ गए थे घर

शास्त्रीपुरम कालोनी निवासी रेलकर्मी हरि प्रसाद मिश्रा के दो बेटों में छोटा 34 साल के रवि प्रकाश उर्फ राम दिल्ली की प्राइवेट कंपनी में काम करते थे। कोरोना संक्रमण के दौरान नौकरी छूट जाने के बाद वह घर आ गए थे। जिसको लेकर वह परेशान थे। सोमवार को इसी बात को लेकर पत्नी से विवाद हो गया।जिसके बाद पत्नी मायके चली गयी।स्वजन ने पुलिस को बताया कि मंगलवार को रवि पूरे दिन अपने कमरे से बाहर नहीं निकला। शाम करीब 7.30 बजे रवि को बुलाने उसकी मां कमरे में गई।आवाज लगाने के बाद भी जब कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो परिवार के लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी।मौके पर पहुंचे गोरखनाथ थानेदार रामाज्ञा सिंह ने दरवाजा खोला तो रवि का शव फंदे से लटक रहा था।

आर्थिक संकट से परेशान युवक ने नदी में लगाई छलांग

गोरखपुर, जेएनएन। झंगहा क्षेत्र के पकडड़ीहा निवासी श्रवण निषाद ने सुबह गांव के पास गोर्रा नदी में छलांग लगा दिया। नदी की तेज धार में वह बह गए हैं। ग्रामीण और एनडीआरएफ की टीम उनकी तलाश में जुटी है। कई घंटे बाद भी उनका पता न चल पाने पर पुलिस ने नदी में डूबने से उनकी मौत हो जाने की आशंका जताई है।

भाइयों से अलग रहता था श्रवण

श्रवण की मां रमावती देवी ने बताया कि कुछ माह से उनकी मानसिक हालत ठीक नहीं चल रही थी। आर्थिक परेशानी की वजह से ठीक से उपचार भी नहीं हो पा रहा था। सोमवार की शाम को चार बजे के आसपास वह घर से निकल गए थे। तभी से उनका पता नहीं चल रहा था। मंगलवार को सुबह आठ बजे उनके नदी में छलांग लगा देने की खबर मिली। मानसिक स्थिति ठीक न होने की वजह से ही उनके नदी में छलांग लगाने की आशंका जताई जा रही है। एनडीआरएफ की टीम ने इटौवा घाट से लेकर बोहाबार तक नदी में उन्हें तलाश किया लेकिन पता नहीं चल पाया। तीन भाइयों में वह सबसे छोटे थे। श्रवण, पत्नी व तीन बच्‍चों के साथ अलग रहते थे।

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