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Coronavirus: फेसमास्क पहने यात्रियों का ही बुक होगा टिकट, नहीं चलेगी लापरवाही Gorakhpur News

गोरखपुर, जेएनएन। उत्‍तर प्रदेश परिवहन निगम के नोडल अधिकारी जयदीप वर्मा ने रेलवे बस डिपो और कचहरी बस डिपो का निरीक्षण किया। इस दौरान बस डिपो में बेतरतीब खड़ी बसों को देख भड़क उठे। मौके पर ही उन्होंने अधिकारियों को व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए निर्देशित किया। साथ ही कहा कि संक्रमण को देखते हुए यात्रियों के साथ चालकों और परिचालकों की भी सुरक्षा सुनिश्चित करें। कहीं कोई लापरवाही नहीं चलेगी।

यात्रियों के साथ चालकों-परिचालकों की सुरक्षा भी करें सुनिश्चित

निरीक्षण के बाद नोडल अधिकारी क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय पहुंचे। समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया कि बिना सैनिटाइज के बसों का उपयोग न करें। फेसमास्क पहले यात्रियों का ही टिकट बुक करें। समस्त कोच कंडक्टर को अनिवार्य रूप से सैनिटाइजर उपलब्ध कराएं और उन्हें इसकी उपयोगिता भी बताएं। कोच कंडक्टरों को निर्देशित करें कि वे प्रत्येक यात्रियों का हाथ सैनिटाइज करें। बसों में शारीरिक दूरी का पालन अनिवार्य है। अंत में श्रमिक ट्रेनों से उतरे प्रवासियों को सुरक्षित घर पहुंचाने में अहम योगदान देने वाले वरिष्ठ सहायक सुधीर कुमार श्रीवास्तव सहित आधा दर्जन कर्मियों को कोरोना योद्धा से सम्मानित किया। अंत में कार्यालय परिसर में पौधारोपण किया। इस मौके पर क्षेत्रीय प्रबंधक डीवी सिंह और सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक केके तिवारी आदि मौजूद रहे।

सुरक्षा मानकों के साथ ही विद्यालय संचालित करें विभाग

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ की जिला इकाई की बैठक हुई। जिसमें हॉट-स्पॉट क्षेत्र में फंसे शिक्षकों को विद्यालय आने से मुक्त रखने की मांग की गई। इसके साथ ही जनपद में माध्यमिक विद्यालयों का संचालन सुरक्षा मानकों के साथ करने के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक को पत्र लिखा गया। बैठक को संबोधित करते हुए संघ के जिलाध्यक्ष डॉ.दिग्विजय नाथ पांडेय ने कहा कि माध्यमिक शिक्षा विभाग वित्तविहीन संस्थाओं के दबाव में आनन-फानन में कुछ बचाव के मानकों के साथ विद्यालयों को छह जुलाई से संचालित करने का आदेश निर्गत कर दिया है, जो अनुचित है। बैठक का संचालन जिला मंत्री श्यामनारायण सिंह ने किया। इस अवसर पर संघ के पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

31 जुलाई तक बंद रहेंगे मदरसे

कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए मदरसा शिक्षा परिषद के रजिस्ट्रार आरपी सिंह ने 31 जुलाई तक मदरसों को बंद रखने का निर्देश दिया है। इस दौरान बच्‍चों की ऑनलाइन पढ़ाई जारी रहेगी। कोरोना के चलते 12 मार्च से ही प्रदेशभर के अनुदानित एवं गैर अनुदानित मदरसे बंद चल रहे हैं। शासन के निर्देश पर एक जून ने ऑनलाइन कक्षाएं शुरू हुई हैं, लेकिन उसमें सिर्फ 25 फीसद छात्र ही शामिल हो पा रहे हैं। 75 फीसद छात्रों के अभिभावकों के पास स्मार्टफोन व इंटरनेट की सुविधा नहीं है। ऐसे ब'चे मदरसा खुलने का इंतजार कर रहे थे। मदरसा अंजुमन इस्लामियां के प्रधानाचार्य डॉ. रफीउल्लाह बेग ने बताया कि जिनके पास स्मार्टफोन है वही बच्‍चे ऑनलाइन पढ़ रहे हैं। फिलहाल नए एडमिशन भी नहीं लिए जा रहे हैं।

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