North Eastern Railway: तीन साल बीत गए, अभी तक वातानुकूलित नहीं हुए स्टेशन प्रबंधकों के दफ्तर

जोनल सेक्रेटरी रमेश मिश्रा ने कहा कि पूर्वोत्तर रेलवे में अधिकारियों की उदासीनता के चलते रेलवे बोर्ड के आदेशों का भी अमल नहीं हो रहा। संघ के महामंत्री विनोद कुमार राय ने बताया कि गर्मी के दिनों में छोटे स्टेशनों पर तैनात कर्मचारी की परेशानी बढ़ जाती है।

Satish Chand ShuklaTue, 22 Jun 2021 01:02 PM (IST)
रेलवे से संबंधित खबर के लिए फोटो, जेएनएन।

गोरखपुर, जेएनएन। अर्ध शहरी क्षेत्रों में पडऩे वाले पूर्वोत्तर रेलवे के स्टेशनों पर तैनात प्रबंधकों, अधीक्षकों और प्रभारी पर्यवेक्षकों के दफ्तर आज तक वातानुकूलित नहीं हो पाए। जबकि, तीन साल पहले 19 जून 2018 को ही रेलवे बोर्ड ने सभी कार्यालयों को वातानुकूलित करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किया था। इसको लेकर संबंधित रेलकर्मियों में आक्रोश है। पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ (पीआरकेएस) ने सोमवार को बैठक कर अपना विरोध जताया है। साथ ही इस प्रकरण को बोर्ड के समक्ष उठाने की चेतावनी देते हुए रेलवे प्रशासन से कार्यालयों को यथाशीघ्र वातानुकूलित कराने की मांग की है।

अपने संबोधन में नेशनल फेडरेशन आफ इंडियन रेलवे (एनएफआइआर) के जोनल सेक्रेटरी रमेश मिश्रा ने कहा कि पूर्वोत्तर रेलवे में अधिकारियों की उदासीनता के चलते रेलवे बोर्ड के आदेशों का भी अमल नहीं हो रहा। संघ के महामंत्री विनोद कुमार राय ने बताया कि गर्मी के दिनों में छोटे स्टेशनों पर तैनात कर्मचारी की परेशानी बढ़ जाती है। ऐसे में हरपल संरक्षा प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है। संघ के प्रवक्ता एके सिंह ने कहा कि अधिकारियों के दफ्तर में तो प्रत्येक वर्ष एसी बदले जा रहे हैं। लेकिन कर्मचारियों की अनदेखी हो रही है। इस मौके पर मनोज द्विवेदी और डीके तिवारी आदि पदाधिकारी मौजूद थे। अंत में पदाधिकारियों ने 18 माह से फ्रीज (किसी अवधि विशेष के लिए आय या मूल्य को स्थिर रखना) महंगाई भत्ता की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।

जेसीएम की बैठक में भाग लेंगे नरमू के महामंत्री

एनई रेलवे मजदूर यूनियन (नरमू) के महामंत्री केएल गुप्त 26 जून को नई दिल्ली में आयोजित नेशनल कौंसिल आफ ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (एनसीजेसीएम) की बैठक में भाग लेंगे। एनसीजेसीएम ने उन्हें बैठक में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है। महामंत्री के अनुसार बैठक में वह आल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन (एआइआरएफ) और पूर्वोत्तर रेलवे के प्रतिनिधि के रूप में पांच प्रमुख मुद्दों पर चर्चा करेंगे। जिसमें कोरोना काल में स्पेशल लीव, मैनुअल पास, ट्रैक मेंटेनरों को जूता व अन्य सुरक्षा उपकरण तथा रेलवे बोर्ड के आदेशों की अवहेलना शामिल है। इसके पहले 22 जून को रेलवे बोर्ड स्तर पर आयोजित होने वाली डीसीजेसीएम की बैठक में भी वह प्रतिभाग करेंगे।

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