मस्जिद विस्फोट कांड : हाजी कुतुबद्दीन, पूर्व मेजर अशफाक व मुन्ना भेजे गए जेल Gorakhpur News

 गोरखपुर, जेएनएन। कुशीनगर जिले के तुर्कपट्टी थानाक्षेत्र के गांव बैरागी पट्टी मस्जिद विस्फोट कांड के प्रमुख आरोपी हाजी कुतुबुद्दीन, उसके पोता अशफाक एवं मुन्ना उर्फ सलाउद्दीन को पुलिस ने शनिवार को कड़े सुरक्षा बंदोबस्त के बीच कसया अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कृष्ण प्रताप सिंह की अदालत में प्रस्तुत किया। न्यायालय ने उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में 14 दिन की रिमांड पर जिला कारागार देवरिया भेज दिया। जांच-पड़ताल में बारूद विस्फोट की बात सामने आने पर हाजी कुतुबद्दीन, उसके पोते अशफाक, मुन्ना उर्फ सलाउद्दीन, मस्जिद के मौलाना अजीमुद्दीन उर्फ अजीम, इजहार, आशिक, जावेद सहित सात के विरुद्ध धारा - 5 विस्फोटक  पदार्थ अधिनियम 1908, 147, 295, 1200 बी व 7 क्रिमिनल एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया।

चार अारोपित पहले हो चुके हैं गिरफ्तार

इनमें से चार आरोपित घटना की रात ही गिरफ्तार कर लिए गए। जिन्हें रिमांड पर लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। हाजी कुतुबुद्दीन को गोरखपुर तो घटना के समय मौके पर मौजूद रहे उसके पोता अशफाक को एटीएस ने हैदराबाद से गिरफ्तार किया। मुन्ना बिहार से गिरफ्तार किया गया था। एटीएस व आइबी ने इनसे मैराथन पूछताछ के बाद शाम को पुलिस को सुपुर्द कर दिया। 

सेना में मेजर पद पर तैनात था डा.अशफाक, तीन साल की सेवा के बाद दे दिया इस्‍तीफा

कुशीनगर के गांव बैरागीपट्टी स्थित मस्जिद में हुए विस्फोट कांड में आरोपित डा.अशफाक सेना के मेडिकल विंग में मेजर पद पर तैनात था। तीन साल की सेवा के बाद उसने नौकरी से रिजाइन कर दी थी। पत्नी डा.सोमिया जमील मेडिकल विंग में मेजर है, और वर्तमान में हैदराबाद में तैनात है। अशफाक का पिता फैजुद्दीन गांव में ही रहता है। गांव के लोगों के अनुसार अशफाक की प्रारंभिक शिक्षा-दीक्षा गांव में हुई थी। आठवीं की पढ़ाई फाजिलनगर से करने के बाद आगे की पढ़ाई के लिए वह पीडब्ल्यूडी में तैनात रहे अपने दादा कुतुबुद्दीन के पास चला गया। स्नातक की पढ़ाई उसने अलीगढ़ से की। इसके बाद उसका चयन मेडिकल में हो गया। अलीगढ़ से ही उसने एमबीबीएस की पढ़ाई की। वर्ष 2014 में उसकी तैनाती सेना में हो गई। परीक्षा पास कर वह मेडिकल विंग में मेजर बन गया। इस बीच उसकी शादी हैदराबाद की रहने वाली डा.सोमिया जमील से हुई।

पत्नी डा.सोमिया जलील भी है मेजर पद पर तैनात

डा.सोमिया जमील भी सेना के मेडिकल विंग में मेजर है और हैदराबाद में ही तैनात है। ग्रामीणों के अनुसार 2017 में डा.अशफाक ने सेना से रिजाइन कर दी। गांव आने पर उसने इसके पीछे इंक्वायरी सेटअप होने की बात बताई थी। इंक्वायरी सेटअप क्यों की गई थी, गांव के लोगों को आज भी इसकी जानकारी नहीं है। अशफाक के दादा व विस्फोट कांड के मास्टर माइंड हाजी कुतुबुद्दीन के दो बेटे फैजुद्दीन व फकरूद्दीन हैं। फैजुद्दीन गांव पर रहकर खेती-बारी का काम करता हैं। जबकि दूसरा बेटा फकरूद्दीन पशुपालन विभाग में फार्मासिस्ट है। अशफाक पांच भाई-बहन हैं, जिसमें वह सबसे बड़ा है। फकरूद्दीन की कोई संतान नहीं है। अशफाक ने ही घटना की सूचना पुलिस को दी थी। घटनास्थल पर पहुंचे एसपी विनोद कुमार मिश्र को उसने अपना परिचय सेना में मेजर बताते हुए इन्वर्टर की बैट्री फटने से विस्फोट होने की बात कही थी। उस पर मस्जिद में हुए टूट-फूट को हटवाने व सफाई कर सबूत मिटाने का भी आरोप है। 

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