एक ही साल में बदहाल हो गया विश्वस्तरीय रेलवे स्टेशन का सबसे बड़ा वेटिंग हाल

विश्वस्तरीय रेलवे स्टेशन गोरखपुर स्थित पूर्वोत्तर रेलवे के सबसे बड़े वेटिंग हाल में पानी जमा था। सबसे बड़े पंखे के पास ही छत टपक रही थी। यात्रियों को बैठने तक की जगह नहीं मिल रही थी। वे दुबककर कोने में बैठे थे।

Rahul SrivastavaSat, 18 Sep 2021 04:30 PM (IST)
बारिश के दौरान पानी से भरा रेलवे स्टेशन के वेटिंग हाल। जागरण

गोरखपुर, जागरण संवाददाता : दोपहर 1.30 बजे के आसपास। विश्वस्तरीय रेलवे स्टेशन गोरखपुर स्थित पूर्वोत्तर रेलवे के सबसे बड़े वेटिंग हाल में पानी जमा था। सबसे बड़े पंखे के पास ही छत टपक रही थी। यात्रियों को बैठने तक की जगह नहीं मिल रही थी। वे दुबककर कोने में बैठे थे। मुंबई जाने के लिए परिवार के साथ अवध एक्सप्रेस का इंतजार कर रहे कुशीनगर के राम तपेसा का कहना था कि रेलवे सिर्फ किराया बढ़ा रहा है। सुविधाएं तो पहले से भी बदहाल हैं।

स्टेशन पहुंचे सैकड़ों यात्री वेटिंग हाल में दिखे परेशान

बारिश के दौरान दूर-दराज गांवों से स्टेशन पहुंचे राम तपेसा जैसे सैकड़ो यात्री वेटिंग हाल में परेशान थे। यात्री ही नहीं अब तो रेलकर्मियों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। स्टेशन भवन जर्जर होने से हल्की बारिश में ही छतों का टपकना शुरू हो जा रहा है। दफ्तरों में बैठना मुश्किल हो गया है। पूछताछ कार्यालय के रेलकर्मी मशीनों को ढककर सुरक्षित रखने में ही परेशान रहते हैं। कहीं कोई नोटिस लेने वाला नहीं है। मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह का कहना है कि छत व शेड की मरम्मत कराई जा रही है। जल्द ही व्यवस्था दुरुस्त हो जाएगी।

रोडवेज वर्कशाप में भरा पानी, मरम्मत के लिए खड़ी हैं 84 में से 30 बसें

रोडवेज के यात्रियों की मुश्किलें भी कम होने का नाम नहीं ले रहीं। बारिश ने तो यात्री सुविधाओं से लगायत परिवहन निगम की लापरवाही की भी पोल खोल कर रख दी है। वर्कशाप में जलजमाव, उपकरणों व टायरों के अभाव के चलते बसों की मरम्मत नहीं हो पा रही। गोरखपुर के वर्कशापों में रोडवेज की लगभग 80 बसें मरम्मत का इंतजार कर रही हैं, जिसमें सिर्फ राप्तीनगर वर्कशाप में ही 20 एसी और करीब दस साधारण बसें खड़ी हैं। परिवहन निगम के सेवा प्रबंधक डी राम के अनुसार वर्कशाप में जलजमाव के चलते मरम्मत कार्य प्रभावित हो रहा है। एसी खराब होने की अधिक शिकायतें आ रही हैं। सड़कें खराब होने के चलते टायर भी जवाब दे रहे हैं। पानी के चलते वायर और बैट्री भी खराब हो रही है। बसों को समय से मरम्मत कराने का प्रयास किया जा रहा है।

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