बस्ती में दूसरे के नाम पर नौकरी कर रहा था शिक्षक, किया गया बर्खास्‍त

बस्ती जिले में एक और फर्जी शिक्षक पकड़ा गया। बर्खास्‍त किए गए फर्जी शिक्षक अनिल कुमार यादव दुबौलिया विकास क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय माझा में प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत थे। असली अनिल कुमार यादव गोरखपुर के कैंपियरगंज विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय धर्मपुर में कार्यरत हैं।

Rahul SrivastavaTue, 03 Aug 2021 07:42 PM (IST)
दूसरे के नाम पर नौकरी करने वाला शिक्षक बर्खास्‍त। प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

गोरखपुर, जागरण संवाददाता : बस्ती जिले में दूसरे के नाम और प्रमाण पत्र पर बेसिक शिक्षा विभाग में नौकरी कर रहे एक और शिक्षक की सेवा समाप्त कर दी गई है। बर्खास्त किए गए फर्जी शिक्षक अनिल कुमार यादव दुबौलिया विकास क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय माझा में प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत थे। असली अनिल कुमार यादव गोरखपुर जिले के कैंपियरगंज विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय धर्मपुर में कार्यरत पाए गए हैं। बस्ती में दूसरे के नाम और प्रमाण पत्र पर नौकरी कर अब तक सात फर्जी शिक्षक बर्खास्त किए जा चुके हैं।

2010 मे अनिल के नाम पर बस्‍ती में निुयक्‍त हुआ था जालसाज

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जगदीश शुक्ल ने बताया कि कूटरचित प्रमाण पत्र के जरिए जालसाज वर्ष 2010 में अनिल कुमार यादव के नाम पर बेसिक शिक्षा विभाग बस्ती में शिक्षक के पद पर नियुक्त हुआ था। एक साल पहले शिकायत के आधार पर जांच कराई गई तो मामला सही पाया गया। असली अनिल कुमार गोरखपुर जिले में कार्यरत पाए। जालसाजी करने वाले बर्खास्त किए गए शिक्षक के असली नाम और पते की जानकारी कराई जा रही है। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने शिक्षक को बर्खास्त करने के साथ ही खंड शिक्षाधिकारी को मुकदमा दर्ज कराने और वेतन रिकबरी करने के आदेश दे दिए हैं।

पिछले सप्ताह गोरखपुर अयोध्यादास राजकीय कन्या इंटर कालेज में कार्यरत शिक्षिका स्नेहलता सिंह के नाम पर बस्ती में नौकरी कर रही फर्जी शिक्षिका की सेवा समाप्त की गई थी।

बीएसए ने मुकदमा दर्ज कराने के साथ ही वेतन रिकवरी के दिए हैं आदेश

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जगदीश शुक्ल ने इस प्रकरण में भी मुकदमा दर्ज कराने के साथ ही वेतन रिकवरी करने के आदेश दे दिए हैं। यह फर्जी शिक्षक एसटीएफ की जांच में पकड़ में आईं। बर्खास्त की गई फर्जी स्नेलहता सिंह वर्ष 2010 से बनकटी विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय जगुई में प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत थीं। एसटीएफ की जांच में पाया गया है कि असली स्नेहलता अयोध्या दास राजकीय कन्या इंटर कालेज गोरखपुर में बतौर सहायक अध्यापक कार्यरत हैं। इनके नाम और प्रमाण पत्र के आधार पर तथाकथित स्नेहलता सिंह ने वर्ष 2010 में बस्ती में बेसिक शिक्षा विभाग में जालसाजी कर नियुक्ति कराई थी। इससे पहले 20 जुलाई, 21 को जिला बेसिक अधिकारी ने एसटीएफ की जांच में पकड़ में आए विकास खंड रुधौली के प्राथमिक विद्यालय सिहरी खुर्द में कार्यरत प्रधानाध्यापक प्रवीण कुमार जायसवाल की सेवा समाप्त कर दी थी। असली प्रवीण कुमार जायसवाल गोरखुपर जिले के ब्रम्हपुर विकास क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय बौउठा में कार्यरत पाए गए थे।

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