सैनिकों की शहादत पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाला गिरफ्तार

गोरखपुर, जेएनएन। पुलवामा में सैनिकों की शहादत पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले गुलरिहा क्षेत्र के शफीक पठान को गुलरिहा पुलिस ने मेडिकल कालेज के पास से गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले उसकी तलाश में पुलिस टीम हरियाणा भी गई थी।

पुलवामा में जवानों के शहीद होने की घटना के बाद जहां एक तरफ पूरा देश गम और गुस्से में डूबा था, वहीं दूसरी तरफ आरोप है कि गुलरिहा क्षेत्र के मोहम्मद बरवा निवासी सफीक ने फेसबुक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए लगाई फोटो पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। उसकी मित्रता सूची में जुड़े इलाके के युवकों को इसकी जानकारी हुई तो वे आक्रोशित हो उठे। भाजपा मंडल अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार मिश्र के साथ दर्जनों युवकों ने थाने पहुंचकर उसके विरुद्ध तहरीर दी। इस बीच उसके मेडिकल कालेज गेट के पास मौजूद होने की सूचना पर गुलरिहा इंस्पेक्टर गिरजेश तिवारी ने पुलिस टीम के साथ पहुंचकर दबोच लिया।

देश विरोधी नारे लगाने वालों की तलाश में रात भर छापेमारी

गोरखपुर के चिलुआताल के सोनबरसा गांव में देश विरोधी नारे लगाने वाले दो आरोपितों की तलाश में रात भर छापेमारी चली। इस मामले में गिरफ्तार किए गए एक आरोपित को न्यायिक अभिरक्षा में बुधवार को जेल भेज दिया गया। फरार चल रहे दोनों आरोपितों के दो परिजनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। घटना के दूसरे भी एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस बल तैनात रहा।

पुलवामा में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए सोनबरसा गांव के लोग एकत्र हुए थे। श्रद्धांजलि अर्पित करने से पहले वे 'वंदे मातरम' और 'भारत माता की जय' के नारे लगा रहे थे। इसी बीच गांव के ही तालिब, अयूब तथा सोनू खां वहां आए और आरोप है कि देश विरोधी नारे लगाना शुरू कर दिए। इससे ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। ग्रामीणों की उग्र प्रतिक्रिया देख तीनों वहां से फरार हो गए। आक्रोशित ग्रामीणों ने देश विरोधी नारे लगाने वाले युवकों का घर घेर लिया। इसी बीच गांव में पहुंची पुलिस ने सोनू को गिरफ्तार कर लिया लेकिन दो आरोपित भाग निकले। गिरफ्तारी में बाधा डालने की कोशिश करने पर सोनू खां के पिता को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। आरोप है कि तीनों युवकों ने सोमवार की रात भी गांव में देश विरोधी नारे लगाए थे। ग्रामीणों में व्याप्त तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस तैनात कर दी गई थी। मुकदमा दर्ज करने के लिए ग्रामीणों ने सामूहिक तहरीर दी थी। इस मामले में देशद्रोह का मुकदमा दर्ज है। इस बीच छानबीन में देश विरोधी नारे लगाने में कुछ और लोगों के नाम सामने आए हैं।

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